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Sirsa News: खारे पानी में पलीं उम्मीदें...झींगा पालन से संवर रही जिले के किसानों की तकदीर, झींगा पालन मॉडल को देखने बिहार की टीम पहुंची

Fri, 04 Sep 2026 10:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 04 Sep 2026 10:26 PM IST
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Hopes raised in salty water... the fate of the district's farmers improving with shrimp farming, Bihar team visits to see the shrimp farming model
सिरसा पहुंची बिहार के मत्स्य पालन विभाग की टीम झींगा पालन की जानकारी लेते हुए। 
सिरसा। दूध-दही का खाना के लिए प्रसिद्ध हरियाणा का मत्स्य पालन मॉडल अब दूसरे राज्यों को भी आकर्षित कर रहा है। सिरसा जिले में खारे पानी के बीच किसानों द्वारा सफलतापूर्वक किए जा रहे झींगा पालन ने नई पहचान बनाई है। इसी मॉडल को समझने के लिए बिहार के मत्स्य पालन विभाग की टीम ने गत दिवस सिरसा का दौरा किया।
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बिहार के मत्स्य पालन विभाग के निदेशक तुषार सिंगला, आईएएस के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जिले में मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं और झींगा उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों का जायजा लिया। टीम ने अधिकारियों और किसानों से चर्चा कर इस क्षेत्र में अपनाई जा रही तकनीक और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
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योजनाओं और सुविधाओं पर हुआ मंथन

बिहार की टीम ने जिला प्रशासन के साथ बैठक की। इसमें मत्स्य पालन विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन और संचालन पर भी चर्चा हुई। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर अधिकारियों ने विचार साझा किए। दोनों राज्यों के बीच तकनीकी जानकारी और अनुभवों के आदान-प्रदान को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने माना कि सफल प्रयोगों को साझा करने से किसानों को नई तकनीक और बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।
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फार्मों पर समझी झींगा उत्पादन की प्रक्रिया

टीम ने गांव अहमदपुर दारेवाला और कर्मशाना में स्थापित झींगा उत्पादन फार्मों का दौरा किया। यहां किसानों से झींगा पालन के अनुभव और उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी ली। किसानों ने इससे होने वाली आय और खारे पानी में झींगा पालन से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। इसके बाद टीम ने गांव चोरमार में स्थापित झींगा उत्पाद भंडारण केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने झींगा उत्पादन के बाद उसके भंडारण और आगे की प्रक्रिया तक की पूरी व्यवस्था को समझा।

गांव कर्मशाना में आधुनिक तकनीक आधारित इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) प्रणाली से संचालित झींगा उत्पादन के बारे में भी टीम को विस्तार से जानकारी दी गई। इसी क्षेत्र में झींगा की ब्लैक टाइगर प्रजाति के सफल उत्पादन की नई पहल से भी अधिकारियों को अवगत करवाया गया।

खारे पानी ने बदली खेती की तस्वीर

सिरसा के खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन किसानों के लिए आय का नया जरिया बनकर उभरा है। इस मॉडल ने उन क्षेत्रों में भी आर्थिक संभावनाएं पैदा की हैं जहां खारा पानी पारंपरिक खेती के लिए चुनौती माना जाता है। यही कारण है कि दूसरे राज्य अब सिरसा के अनुभवों को समझने और अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।




जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र के नेतृत्व में विभागीय टीम ने बिहार के अधिकारियों को जिले की विभिन्न मत्स्य पालन गतिविधियों और झींगा उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस दौरे से दोनों राज्यों के बीच तकनीकी सहयोग और अनुभव साझा करने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इससे किसानों तक नई तकनीक, बेहतर सुविधाएं और झींगा उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
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