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इनामी बदमाश गिरफ्तार: 18 वर्ष पहले डकैती मामले का भगोड़ा 12 साल से गुरुद्वारे में रह रहा था सेवादार बनकर
Mon, 03 Apr 2023 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ओढां, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, ओढां, सिरसा (हरियाणा)
Updated Mon, 03 Apr 2023 01:18 AM IST
सार
18 वर्ष पहले डकैती के मामले में भगोड़े आरोपी ने 2011 से आगरा के गुरुद्वारा में सेवादार बनकर शरण ले रखी थी। जनवरी 2005 को गांव चोरमार खेड़ा के पंजाब नेशनल बैंक में डकैती के मामले में वह मुख्य आरोपी है।
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आरोपी अनूप सिंह सीआईए स्टाफ की गिरफ्त में। संवाद
विस्तार
हरियाणा के सिरसा में 18 वर्ष पहले के डकैती मामले में भगोड़ा घोषित 10 हजार के इनामी बदमाश अनूप सिंह को सीआईए सिरसा ने आगरा में स्थित एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया है। वर्ष 2011 में वह आगरा के गुरुद्वारा में सेवादार बन गया था।
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गौरतलब हो कि 17 जनवरी 2005 को गांव चोरमार खेड़ा के पंजाब नेशनल बैंक में डकैती हुई थी। आरोपियों ने पिस्तौल के बल पर कर्मचारियों को बंधक बनाकर 35 हजार रुपये, दो मोबाइल व सुरक्षाकर्मी की बंदूक लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने बैंक प्रबंधक की शिकायत पर मामला दर्ज किया था।
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पुलिस ने इस मामले को ट्रेस करते हुए वादियां निवासी निशान सिंह व मंजीत सिंह, किलियांवाली निवासी गुरनाम सिंह को गिरफ्तार किया था, लेकिन वादियां निवासी अनूप सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। डबवाली कोर्ट ने आरोपी को वर्ष 2007 में भगोड़ा घोषित किया था। पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी रखा हुआ था। मामले में सामने आया है कि आरोपी घटना के बाद से प्रदेश में स्थित गुरुद्वारों में छुपा रहा।
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वर्ष 2011 वह आगरा के एक गुरुद्वारा में सेवादार बनकर रह रहा था। एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया की आरोपी अनूप सिंह को गुप्त सूचना के आधार पर आगरा के गुरुद्वारा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को ओढां पुलिस के हवाले कर दिया गया है। ओढां थाना प्रभारी रामनिवास ने बताया की आरोपी को मुकदमे में शामिल तफ्तीश किया गया है। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।