फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Two retired PGI doctors and a sergeant will testify against terrorist Abdul Karim Tunda

Rohtak News: आतंकी अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ पीजीआई के सेवानिवृत्त दो चिकित्सक व एक हवलदार की होगी गवाही

Tue, 06 Dec 2022 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 06 Dec 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
Two retired PGI doctors and a sergeant will testify against terrorist Abdul Karim Tunda
1997 के शहर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी राजस्थान के अजमेर की सेंट्रल जेल में बंद आतंकी अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ पीजीआई से सेवानिवृत्त दो चिकित्सक व पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त एएसआई गवाही देंगे। मंगलवार को एएसजे राजकुमार कुमार यादव की अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने गवाहों की सूची में तीनों के नाम जुड़वाए। धमाके में घायलों का चिकित्सकों ने उपचार किया था, जबकि एएसआई उस समय सिपाही के तौर पर मौके पर गए थे। इसके बाद अदालत ने तीनों को गवाही के लिए समन जारी किया। अब मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।
विज्ञापन

1997 में शहर की पुरानी सब्जी मंडी में सब्जियों के ढेर के पास अचानक धमाका हुआ। जिसमें सब्जी विक्रेता सहित दो महिलाएं घायल हो गई थीं। धमाके की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची थी कि किला रोड बाजार में एक रेहड़ी पर रखे बैग में धमाका हो गया। उस धमाके में भी दो लोग घायल हो गए थे। अचानक सिलसिलेवार हुए बम धमाकों से शहर में दहशत फैल गई थी। सिटी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उसी समय दिल्ली में बम धमाका हुआ था, जिसके सिलसिले में दो साल बाद दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के एक युवक को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में खुलासा किया था कि धमाकों के पीछे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी अब्दुल करीम टुंडा है, जो अब पाकिस्तान के कराची में रह रहा है। 2013 में दिल्ली पुलिस ने टुंडा को उस समय नेपाल बॉर्डर से दबोच लिया था, जब वह गैर कानूनी तरीके से पाकिस्तान से भारत आया था। तभी से उसके खिलाफ दिल्ली, सोनीपत व रोहतक सहित कई जगह केस चल रहे हैं।
विज्ञापन

अजमेर की सेंट्रल जेल में आई तकनीकी दिक्कत से दोपहर बाद हुई टुंडा की पेशी
जिला अदालत में टुंडा के खिलाफ सिटी थाने में दर्ज दो केस की सुनवाई चल रही है। फिलहाल राजस्थान में केस दर्ज होने के चलते टुंडा अजमेर की सेंट्रल जेल में बंद है। वहीं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से टुंडा की जिला अदालत में पेशी होती है। मंगलवार को सुबह जेल के सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी रही, जिसके चलते दोपहर बाद रोहतक स्थित एएसजे राजकुमार यादव की अदालत में वीसी से टुंडा की पेशी हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूरा रिकॉर्ड लेकर नहीं आया तीस हजारी कोर्ट का कर्मचारी
रोहतक व दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाके आपस में जुड़े हैं। क्योंकि दोनों में आरोपी अब्दुल करीम टुंडा है। दिल्ली के केस में टुंडा बरी हो चुका है। रोहतक अदालत में सुनवाई के दौरान मांग की गई थी कि दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में जमा केस का रिकॉर्ड अदालत के सामने लाया जाए। इसके लिए तीस हजारी कोर्ट के एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी। कर्मचारी मंगलवार को तीन फाइल लेकर रोहतक पहुंचा, लेकिन उसमें पूरा रिकॉर्ड नहीं मिला।

अजमेर की सेंट्रल जेल में बंद अब्दुल करीम टुंडा की अदालत में दोपहर बाद पेशी हो सकी। सरकारी वकील ने पीजीआई के दो सेवानिवृत्त चिकित्सकों व पुलिस के एक सेवानिवृत्त एएसआई को भी गवाह बनाया है। तीनों को अदालत समन भेज रही है। अब मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। - वितिन वर्मा, वकील बचाव पक्ष।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed