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प्रदेश की सबसे उपजाऊ सियासी जमीं पर किसानों की महाजोत आज

Sat, 16 Oct 2021 01:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 01:57 AM IST
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Today's mahajot of farmers on the most fertile political land of the state
प्रदेश की सबसे उपजाऊ सियासी जमीं रोहतक में किसानों की महापंचायत आज होगी। हकों के लिए लंबी लड़ाई लड़ रहे किसानों को उम्मीद है कि महापंचायत से केंद्र व राज्य सरकार पर दबाव बनेगा। क्योंकि रोहतक की जमीं से दिया गया संदेश दूर तक जाता है।
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केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून के विरोध में नवंबर 2020 से किसान आंदोलन चल रहा है। बातचीत की पटरी से उतर चुका आंदोलन अब तक कई मोड़ देख चुका है। पंजाब, हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंदोलन का ज्यादा प्रभाव है। केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसानों ने रणनीति बदली है। सिंघु व टीकरी बार्डर पर धरनों के साथ बड़ी-बड़ी महापंचायत की जा रही हैं। यूपी के मुजफ्फनगर के बाद अब हरियाणा की सियासी राजधानी रोहतक में शनिवार को महापंचायत होगी। पंचायत पर न केवल केंद्र व राज्य सरकार की कड़ी निगाह है, बल्कि किसानों को भी उम्मीद है कि वे सरकार पर दबाव बनाने में कामयाब रहेंगे।
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जिले का राजनीति में रहा है दबदबा
देश और प्रदेश की राजनीति में रोहतक जिले का खास दबदबा रहा है। किसानों के मसीहा कहे जाने वाले दीनबंधु सर छोटूराम का जन्म भी रोहतक के गढ़ी सांपला गांव में हुआ था। इतना ही नहीं 1950-52 में चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा रोहतक से जीतकर संविधान निर्माण सभा के सदस्य बने। 1989 में रोहतक लोकसभा से चुनाव जीतकर ताऊ देवीलाल देश के उप प्रधानमंत्री बनें। 2004 से 2014 तक प्रदेश के सीएम रहे चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जन्मस्थली जिले का सांघी गांव है। वहीं, वर्तमान सीएम मनोहर लाल का जन्म भी जिले के गांव निंदाना में हुआ है। इसके अलावा पीएम मोदी भी कई बार रोहतक में रैली करके जीत का संदेश दे चुके हैं।
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रोहतक की महापंचायत से दूर तक संदेश जाएगा। महापंचायत में गुजरात, उत्तर प्रदेश व पंजाब से भी किसान नेता आ रहे हैं। जो लोग कहते थे किसान आंदोलन केवल पंजाब का है, भीड़ देखकर सोचने पर मजबूर हो जाएंगे।
- गुरनाम सिंह चढ़ूनी, भाकियू नेता
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