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अंत:वस्त्र प्रकरण में एमडीयू कमेटी की जांच पूरी
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एमडीयू की महिला सफाई कर्मियों के अंत:वस्त्र जांच के मामले में आंतरिक कमेटी की जांच पूरी हो गई है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में एचकेआरएन के तहत कार्यरत अनुबंधित सेनेटरी सुपरवाइजर वितेंदर व विनोद की सेवाएं समाप्त कीं व सहायक रजिस्ट्रार श्याम सुंदर को विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबित करने की संस्तुति की।
इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एमडीयू प्रशासन ने एआर के निलंबन व सुपरवाइजरों की सेवा समाप्ति का सख्त कदम उठाया। इधर, पुलिस की एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच अभी जारी है। पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है।
आंतरिक शिकायत समिति ने शिकायतकर्ताओं, प्रतिवादियों एवं संबंधित गवाहों के लिखित एवं मौखिक बयान, दस्तावेजी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण करते हुए व प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए जांच रिपोर्ट कुलपति प्रो. राजबीर सिंह को भेज दी है।
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कुलपति की ओर से स्वीकृत निर्णय के अनुरूप ही सहायक रजिस्ट्रार श्याम सुंदर को निलंबित कर दिया गया है। दोनों सेनेटरी सुपरवाइजरों के अनुबंध समाप्त करने के लिए एचकेआरएन को अनुशंसा भेज दी गई है। सभी संबंधित दस्तावेज एचकेआरएन पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।
कुलपति ने स्पष्ट कहा है कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संवेदनशील कार्यस्थल बनाने के लिए विश्वविद्यालय पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के मामलों में शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति का अनुसरण करता है।
वर्जन
कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत की सांस्कृतिक विरासत में नारी सम्मान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए एमडीयू ने संदेश दिया है कि महिला कर्मियों के साथ किसी प्रकार का अपमानजनक, शोषणकारी या लैंगिक संवेदनहीन व्यवहार न बर्दाश्त किया जाएगा। इस तरह के मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
- डॉ. कृष्णकांत गुप्ता, कुलसचिव, एमडीयू
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महिला सफाई कर्मचारियों के उत्पीड़न को लेकर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
रोहतक/जींद। कामकाजी महिला समन्वय समिति (सीटू) ने शनिवार को रोहतक व जींद में एमडीयू में महिला सफाई कर्मचारियों के साथ अभद्रता को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही सीटू की कामकाजी महिला समन्वय समिति की रोहतक की जिला संयोजिका कमलेश लाहली ने कहा कि सुपरवाइजर व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने एफआईआर दर्ज होने के बाद भी संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई। उनकी तरफ से दलित व महिला विरोधी मानसिकता रखने वाले ठेकेदार व उसके कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. जगमति सांगवान, सीटू जिला प्रधान प्रकाशचंद्र, जिला सचिव कामरेड विनोद, रीना, शीला व अन्य उपस्थित रहे। संवाद
जींद में सचिवालय के सामने कामकाजी महिला समन्वय समिति (सीटू) की बैठक में महिला सफाई कर्मचारियों के साथ हुई अभद्रता के विरोध में नारेबाजी की। धरने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम डीसीपीओ को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर रमेश चंद्र, सुशीला, अनीता, मुकेश, नूतन मनदीप नेहरा, कपूर सिंह और गुड्डी मौजूद रहीं। संवाद
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रोहतक। एमडीयू की महिला सफाई कर्मियों के अंत:वस्त्र जांच के मामले में आंतरिक कमेटी की जांच पूरी हो गई है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में एचकेआरएन के तहत कार्यरत अनुबंधित सेनेटरी सुपरवाइजर वितेंदर व विनोद की सेवाएं समाप्त कीं व सहायक रजिस्ट्रार श्याम सुंदर को विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबित करने की संस्तुति की।
इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एमडीयू प्रशासन ने एआर के निलंबन व सुपरवाइजरों की सेवा समाप्ति का सख्त कदम उठाया। इधर, पुलिस की एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच अभी जारी है। पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है।
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आंतरिक शिकायत समिति ने शिकायतकर्ताओं, प्रतिवादियों एवं संबंधित गवाहों के लिखित एवं मौखिक बयान, दस्तावेजी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण करते हुए व प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए जांच रिपोर्ट कुलपति प्रो. राजबीर सिंह को भेज दी है।
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कुलपति की ओर से स्वीकृत निर्णय के अनुरूप ही सहायक रजिस्ट्रार श्याम सुंदर को निलंबित कर दिया गया है। दोनों सेनेटरी सुपरवाइजरों के अनुबंध समाप्त करने के लिए एचकेआरएन को अनुशंसा भेज दी गई है। सभी संबंधित दस्तावेज एचकेआरएन पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।
कुलपति ने स्पष्ट कहा है कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संवेदनशील कार्यस्थल बनाने के लिए विश्वविद्यालय पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के मामलों में शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति का अनुसरण करता है।
वर्जन
कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत की सांस्कृतिक विरासत में नारी सम्मान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए एमडीयू ने संदेश दिया है कि महिला कर्मियों के साथ किसी प्रकार का अपमानजनक, शोषणकारी या लैंगिक संवेदनहीन व्यवहार न बर्दाश्त किया जाएगा। इस तरह के मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
- डॉ. कृष्णकांत गुप्ता, कुलसचिव, एमडीयू
महिला सफाई कर्मचारियों के उत्पीड़न को लेकर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
रोहतक/जींद। कामकाजी महिला समन्वय समिति (सीटू) ने शनिवार को रोहतक व जींद में एमडीयू में महिला सफाई कर्मचारियों के साथ अभद्रता को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही सीटू की कामकाजी महिला समन्वय समिति की रोहतक की जिला संयोजिका कमलेश लाहली ने कहा कि सुपरवाइजर व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने एफआईआर दर्ज होने के बाद भी संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई। उनकी तरफ से दलित व महिला विरोधी मानसिकता रखने वाले ठेकेदार व उसके कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. जगमति सांगवान, सीटू जिला प्रधान प्रकाशचंद्र, जिला सचिव कामरेड विनोद, रीना, शीला व अन्य उपस्थित रहे। संवाद
जींद में सचिवालय के सामने कामकाजी महिला समन्वय समिति (सीटू) की बैठक में महिला सफाई कर्मचारियों के साथ हुई अभद्रता के विरोध में नारेबाजी की। धरने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम डीसीपीओ को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर रमेश चंद्र, सुशीला, अनीता, मुकेश, नूतन मनदीप नेहरा, कपूर सिंह और गुड्डी मौजूद रहीं। संवाद