फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Patients are not getting beds in PGI ward, treatment is being done on stretchers.

Rohtak News: पीजीआई के वार्ड में मरीजों को नहीं मिल रहे बेड, स्ट्रेचर पर हो रहा इलाज

Wed, 21 May 2025 02:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Wed, 21 May 2025 02:17 AM IST
विज्ञापन
Patients are not getting beds in PGI ward, treatment is being done on stretchers.
पीजीआई के वार्ड नंबर तीन में बेड की कमी के चलते स्ट्रेचर पर मरीज का उपचार करते डाॅक्टर। संवाद
रोहतक। पीजीआई की व्यवस्था ऐसी है कि वार्ड में मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहे हैं। यहां स्ट्रेचर पर ही मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। ऐसे में यहां की व्यवस्था चरमराई हुई है। संवाद न्यूज एजेंसी ने मंगलवार रात वार्ड तीन के हालात जांचे तो यह अव्यवस्मा सामने आई।
विज्ञापन

संस्थान के वार्ड नंबर तीन में मंगलवार रात हर तरफ मरीज नजर आए। यहां के हर बेड पर मरीज आराम करते मिले। यही नहीं, बेड के साथ कुछ स्ट्रेचर भी नजर आए। इन पर मरीज लेटे हुए थे। वार्ड में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण बेड कम पड़ गए।
विज्ञापन

इस कारण मरीजों को स्ट्रेचर पर रहना पड़ा। चिकित्सक ने भी मरीजों को वहीं जाकर उपचार दिया। गर्मी के चलते उल्टी, पेचिश, पेट दर्द व डायरिया केस बढ़ गए हैं। पहले ऐसे केस इकाई के अंक तक सीमित थे। अब यह संख्या दहाई के अंक में पहुंच गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंगलवार को वार्ड में करीब 30 नए मरीज पहुंचे, जबकि पहले से उपचाराधीन मरीज अलग हैं। मरीजों के परिजनों का कहना है कि वार्ड में मरीज ज्यादा हैं। इस कारण बेड नहीं मिल रहा है। स्ट्रेचर पर ही मरीज को इलाज दिया जा रहा है।

केस 1:
पति को पेट में दिक्कत होने की कारण पीजीआई लेकर आई हूं। डाॅक्टरों ने तबीयत खराब बताते हुए भर्ती किया है। यहां वार्ड में आने के बाद से मरीज स्ट्रेचर पर ही हैं। बेड नहीं मिला है।
- फूलवति, लाखन माजरा।
बहन की प्लेटलेट्स कम हो गई हैं। इस कारण भिवानी से पीजीआई आई हूं। भिवानी से उसे रेफर किया गया है। पीजीआई में डाॅक्टरों ने भर्ती कर वार्ड-3 में भेज दिया। यहां मरीज को बेड ही नहीं मिला है।

- सुरेश, भिवानी।
वार्ड तीन मेडिसिन विभाग का है। यहां अक्सर मरीज अधिक आने पर स्थिति गड़बड़ा जाती है। संभवत: वार्ड में मरीज अधिक आए होंगे। इस कारण उन्हें बेड नहीं मिल पाया होगा। यहां नए बेड लगवाए गए हैं। फिर भी कमी है तो और व्यवस्था बनाई जाएगी।
- डाॅ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed