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Rohtak News: स्कूलों में नया सत्र शुरू, बगैर किताब कैसे मिलेगा ज्ञान
Wed, 03 Apr 2024 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 03 Apr 2024 11:24 PM IST
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रोहतक। नया शैक्षणिक सत्र इस वर्ष भी पुस्तकों के बगैर शुरू हो रहा है। पिछले वर्ष विद्यार्थियों को पुस्तकों के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इस वर्ष भी प्रत्येक विद्यार्थी के हाथ में पुस्तक नजर नहीं आ रही है। हालांकि शिक्षा विभाग पांचवीं कक्षा तक किताबें पहुंचाने के साथ छठी से आठवीं कक्षा तक इसी सप्ताह पुस्तकें उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है, मगर यह दावा हकीकत कम और हवा हवाई ज्यादा नजर आ रहा है।
नए सत्र में विद्यार्थियों को नई कक्षा में प्रवेश दे दिया गया है। सत्र के तीसरे दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थी बिना पुस्तकों के नजर आए। इनके पास न बस्ता था, न इनमें पुस्तकें। स्कूल में कुछ बच्चों के पास पुरानी किताबें नजर आईं।
शहर के राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय नजदीक बाल भवन में बच्चे पुरानी किताबों से अध्ययन करते दिखाई दिए। पूछने पर पता लगा कि ये किताबें भी शिक्षकों ने पुराने विद्यार्थियों से लेकर उन्हें उपलब्ध कराई हैं। यह अकेला ऐसा स्कूल नहीं हैं, जहां किताबें नहीं पहुंची हैं। जिले में ज्यादातर स्कूलों के बच्चों के हाथों तक किताबें पहुंचना बाकी है। कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी किताबों के लिए ज्यादा उत्सुक हैं। इनके लिए अब तक किताबों की कोई खेप नहीं पहुंची है।
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विद्यार्थियों के लिए जुटाई जा रहीं पुरानी किताबें
नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही सरकारी स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है। ऐसे पुस्तकों का महत्व बढ़ जाता है। नए सत्र में सभी विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें मुहैया कराने का सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से दावा भी किया गया था। इसके बावजूद पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। ऐसे में शिक्षकों ने विद्यार्थियों से उनकी पुरानी पुस्तकें लेकर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का प्रयास किया है। इन्हीं से पढ़ाई कराई जा रही है।
वर्जन
मुख्यालय से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें आ गई हैं। ये पुस्तकें उन्हें मुहैया कराई जा रही हैं। कक्षा छह से आठ के लिए भी इसी सप्ताह के अंत तक पुस्तकें आ जाएंगी। जल्दी ही सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध हो जाएंगी।
-मंजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी
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नए सत्र में विद्यार्थियों को नई कक्षा में प्रवेश दे दिया गया है। सत्र के तीसरे दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थी बिना पुस्तकों के नजर आए। इनके पास न बस्ता था, न इनमें पुस्तकें। स्कूल में कुछ बच्चों के पास पुरानी किताबें नजर आईं।
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शहर के राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय नजदीक बाल भवन में बच्चे पुरानी किताबों से अध्ययन करते दिखाई दिए। पूछने पर पता लगा कि ये किताबें भी शिक्षकों ने पुराने विद्यार्थियों से लेकर उन्हें उपलब्ध कराई हैं। यह अकेला ऐसा स्कूल नहीं हैं, जहां किताबें नहीं पहुंची हैं। जिले में ज्यादातर स्कूलों के बच्चों के हाथों तक किताबें पहुंचना बाकी है। कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी किताबों के लिए ज्यादा उत्सुक हैं। इनके लिए अब तक किताबों की कोई खेप नहीं पहुंची है।
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विद्यार्थियों के लिए जुटाई जा रहीं पुरानी किताबें
नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही सरकारी स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है। ऐसे पुस्तकों का महत्व बढ़ जाता है। नए सत्र में सभी विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें मुहैया कराने का सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से दावा भी किया गया था। इसके बावजूद पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। ऐसे में शिक्षकों ने विद्यार्थियों से उनकी पुरानी पुस्तकें लेकर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का प्रयास किया है। इन्हीं से पढ़ाई कराई जा रही है।
वर्जन
मुख्यालय से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें आ गई हैं। ये पुस्तकें उन्हें मुहैया कराई जा रही हैं। कक्षा छह से आठ के लिए भी इसी सप्ताह के अंत तक पुस्तकें आ जाएंगी। जल्दी ही सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध हो जाएंगी।
-मंजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी