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Rohtak News: सुपवा में 2000 से अधिक पौधे लगाए
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रोहतक।
डीएलसी सुपवा पिछले 12-दिन से चल रहा पौधरोपण अभियान रविवार को संपन्न हुआ। इसके तहत विश्वविद्यालय परिसर व आसपास दर्जनों किस्मों के 2000 से अधिक पौधे लगाए गए। यह महत्वाकांक्षी पहल विश्वविद्यालय की पर्यावरणीय स्थिरता व हरित, स्वस्थ समुदाय को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अभियान का नेतृत्व सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. जगबीर सिंह ने किया। यह अभियान 21 जुलाई को शुरू हुआ और रविवार को समाप्त हुआ। इसमें विद्यार्थियों, संकाय, कर्मचारियों व स्थानीय समुदाय के सदस्यों की उत्साही भागीदारी शामिल रही। इस आयोजन का उद्देश्य परिसर की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना था। अभियान का समापन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आवासीय परिसर के हर्बल गार्डन में पौधरोपण से हुआ।
डॉ. जगबीर ने कहा कि पौधे विश्वविद्यालय की नर्सरी में तैयार हुए हैं। न्यूनतम जल की आवश्यकता वाले पौधों का चयन किया गया है। लगाए गए पौधों की किस्मों में नीम, पीपल, आम, अमेलिया, बोगनवेलिया, चंपा, मेंहदी, रात की रानी, चांदनी और कई अन्य शामिल हैं। ये अपनी सहनशक्ति व पारिस्थितिक लाभों के लिए जाने जाते हैं। विश्वविद्यालय के बागवानी विभाग ने इस पहल की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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कुलपति गजेंद्र चौहान ने सभी प्रतिभागियों के सामूहिक प्रयासों को सराहा। कुलपति की पत्नी व कोरियोग्राफर हबीबा चौहान ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक ने कहा कि पौधरोपण अभियान की सफलता डीएलसी सुपवा की पर्यावरणीय पहलों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। परीक्षा नियंत्रक वीपी नंदल, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. अजय कौशिक, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. ज्ञानेंद्र सिंह, लाइब्रेरियन डॉ. प्रेम सिंह, निदेशक जनसंपर्क डॉ. बैनुल तोमर व आईटी निदेशक डॉ. सीमा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएलसी सुपवा पिछले 12-दिन से चल रहा पौधरोपण अभियान रविवार को संपन्न हुआ। इसके तहत विश्वविद्यालय परिसर व आसपास दर्जनों किस्मों के 2000 से अधिक पौधे लगाए गए। यह महत्वाकांक्षी पहल विश्वविद्यालय की पर्यावरणीय स्थिरता व हरित, स्वस्थ समुदाय को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अभियान का नेतृत्व सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. जगबीर सिंह ने किया। यह अभियान 21 जुलाई को शुरू हुआ और रविवार को समाप्त हुआ। इसमें विद्यार्थियों, संकाय, कर्मचारियों व स्थानीय समुदाय के सदस्यों की उत्साही भागीदारी शामिल रही। इस आयोजन का उद्देश्य परिसर की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना था। अभियान का समापन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आवासीय परिसर के हर्बल गार्डन में पौधरोपण से हुआ।
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डॉ. जगबीर ने कहा कि पौधे विश्वविद्यालय की नर्सरी में तैयार हुए हैं। न्यूनतम जल की आवश्यकता वाले पौधों का चयन किया गया है। लगाए गए पौधों की किस्मों में नीम, पीपल, आम, अमेलिया, बोगनवेलिया, चंपा, मेंहदी, रात की रानी, चांदनी और कई अन्य शामिल हैं। ये अपनी सहनशक्ति व पारिस्थितिक लाभों के लिए जाने जाते हैं। विश्वविद्यालय के बागवानी विभाग ने इस पहल की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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कुलपति गजेंद्र चौहान ने सभी प्रतिभागियों के सामूहिक प्रयासों को सराहा। कुलपति की पत्नी व कोरियोग्राफर हबीबा चौहान ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक ने कहा कि पौधरोपण अभियान की सफलता डीएलसी सुपवा की पर्यावरणीय पहलों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। परीक्षा नियंत्रक वीपी नंदल, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. अजय कौशिक, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. ज्ञानेंद्र सिंह, लाइब्रेरियन डॉ. प्रेम सिंह, निदेशक जनसंपर्क डॉ. बैनुल तोमर व आईटी निदेशक डॉ. सीमा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।