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झज्जर की बेटी मेजर शालु वर्मा ने आसमान में साथी अधिकारी की बचाई जिन्दगी
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मेजर शालु।
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। जब पूरा विश्व कोरोना से जूझने में व्यस्त है उस समय झज्जर की बेटी एवं सेना की एक महिला अधिकारी ने अपने विवेक से एक साथी यात्री अधिकारी की उड़ान के दौरान जान बचाई। भारतीय वायुसेना का विमान आइएल 76 ने गुवाहाटी से उड़ान भरी तो उसमें सवार सभी सैनिक एवं अधिकारी दिल्ली पहुंचने का इंतजार करने लगे थे। अपने परिवार और प्रियजनों से मिलने के लिए उत्साहित थे। उसी विमान में सवार मेजर शालू वर्मा की नजर सामने की सीट पर बैठे एक अधिकारी पर पड़ी। पसीने से लथपथ इस अधिकारी के हालात भांपने में मेजर शालू वर्मा ने देर नहीं लगाई और बिना समय गंवाए उस अधिकारी की जांच शुरू कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने विमान के पायलट को उनकी हालात से अवगत कराया।
पायलट ने तेल भरने के लिए कराई आपात लैंडिंग
पायलट ने जहाज में ईंधन भरने के लिए ग्वालियर में अविलंब किसी नजदीकी हवाई अड्डे पर विमान को उतारने का निर्णय लिया। पायलट ने मौके की नजाकत को भांपते हुए विमान को ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतारने की तैयारी कर ली और संकेत मिलते ही वहां पर विमान को उतार दिया गया। मेजर शालू वर्मा ने अपनी देखरेख में उस अधिकारी को नजदीकी सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में पता चला कि अगर समय रहते मरीज को अस्पताल न पहुंचाया जाता तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। इस पूरे घटनाक्रम में विमान लगभग 4 घंटे के विलंब से दिल्ली पहुंचा। सभी यात्रियों ने मेजर शालू वर्मा के त्वरित फैसले की सराहना की।
गुवाहटी में तैनात है शालू
गुवाहाटी सैनिक अस्पताल में बतौर नर्सिंग ऑफिसर तैनात मेजर शालू छुट्टी पर वायुसेना के विमान से 6 मार्च को दिल्ली जा रही थी। तभी यात्रा के दौरान इस स्थिति का सामना करना पड़ा। विमान चालकों समेत सभी अधिकारियों ने उनके योगदान की सराहना की। मेजर शालू वर्मा हरियाणा के झज्जर की बेटी हैं और शहर के जहांआराबाद स्टेडियम के पास की रहने वाली है। वह जिले की पहली महिला नर्सिंग ऑफिसर हैं। कर्मचारी चयन आयोग की 2008 की परीक्षा में सफल होने के बाद सेना में आईं।
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का भी कर चुकी हैं इलाज
अपने कार्यकाल में वे सेना अस्पताल दिल्ली में देश के राष्ट्रपति रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, एयर मार्शल अर्जुन सिंह, रक्षामंत्री एके एंटनी, जनरल सुन्दर जैसी महान हस्तियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा चुकी हैं। शालू ने 30000 फीट की ऊंचाई पर जब विमान आसमान छू रहा था। उस समय इस अधिकारी ने अपने बैग से दवा निकालकर अपने साथी यात्री का इलाज किया और बीच में विमान उतारकर उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की। उनके माता-पिता और सास, ससुर झज्जर शहर में हीं रहते हैं। उनके दादा छोटूराम को और ससुर मुनिराम को मेजर शालू वर्मा पर गर्व है। उनके पति विशाल पेशे से इंजीनियर हैं।
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पायलट ने तेल भरने के लिए कराई आपात लैंडिंग
पायलट ने जहाज में ईंधन भरने के लिए ग्वालियर में अविलंब किसी नजदीकी हवाई अड्डे पर विमान को उतारने का निर्णय लिया। पायलट ने मौके की नजाकत को भांपते हुए विमान को ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतारने की तैयारी कर ली और संकेत मिलते ही वहां पर विमान को उतार दिया गया। मेजर शालू वर्मा ने अपनी देखरेख में उस अधिकारी को नजदीकी सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में पता चला कि अगर समय रहते मरीज को अस्पताल न पहुंचाया जाता तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। इस पूरे घटनाक्रम में विमान लगभग 4 घंटे के विलंब से दिल्ली पहुंचा। सभी यात्रियों ने मेजर शालू वर्मा के त्वरित फैसले की सराहना की।
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गुवाहटी में तैनात है शालू
गुवाहाटी सैनिक अस्पताल में बतौर नर्सिंग ऑफिसर तैनात मेजर शालू छुट्टी पर वायुसेना के विमान से 6 मार्च को दिल्ली जा रही थी। तभी यात्रा के दौरान इस स्थिति का सामना करना पड़ा। विमान चालकों समेत सभी अधिकारियों ने उनके योगदान की सराहना की। मेजर शालू वर्मा हरियाणा के झज्जर की बेटी हैं और शहर के जहांआराबाद स्टेडियम के पास की रहने वाली है। वह जिले की पहली महिला नर्सिंग ऑफिसर हैं। कर्मचारी चयन आयोग की 2008 की परीक्षा में सफल होने के बाद सेना में आईं।
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का भी कर चुकी हैं इलाज
अपने कार्यकाल में वे सेना अस्पताल दिल्ली में देश के राष्ट्रपति रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, एयर मार्शल अर्जुन सिंह, रक्षामंत्री एके एंटनी, जनरल सुन्दर जैसी महान हस्तियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा चुकी हैं। शालू ने 30000 फीट की ऊंचाई पर जब विमान आसमान छू रहा था। उस समय इस अधिकारी ने अपने बैग से दवा निकालकर अपने साथी यात्री का इलाज किया और बीच में विमान उतारकर उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की। उनके माता-पिता और सास, ससुर झज्जर शहर में हीं रहते हैं। उनके दादा छोटूराम को और ससुर मुनिराम को मेजर शालू वर्मा पर गर्व है। उनके पति विशाल पेशे से इंजीनियर हैं।

मेजर शालु।- फोटो : Jhjhar