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गांवों में गिर रह कोरोना संक्रमण का ग्राफ : डीसी
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गांवों में कोरोना संक्रमण का ग्राफ गिर रहा है, लेकिन ऐसे मौके पर लापरवाही भारी पड़ सकती है। लोग कोरोना की जांच से घबराएं नहीं। अस्पताल में कोरोना से संबंधित उपचार के सभी साधन मौजूद हैं। सामाजिक दूरी का पालन करें और घर पर रह कर सुरक्षित रहें। उक्त बातें उपायुक्त (डीसी) कैप्टन मनोज कुमार ने अपने जारी बयान में कहीं हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के प्रति जागरूकता बढ़ी है। प्रशासन की मुस्तैदी, लोगों की काउंसिलिंग और सैनिटाइजेशन के परिणाम स्वरूप कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगना शुरू हो गया है। सरकार के निर्देशानुसार गांवों में सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है। व्यक्तिगत संपर्क कार्यक्रम के तहत लगभग सभी गांवों में काउंसलिंग की जा चुकी है, टेस्टिंग और सैनिटाइजेशन जारी है। ग्रामीण इलाकों में वायु गुणात्मक मात्रा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और लोगों का खानपान अच्छा है। ग्रामीण शारीरिक श्रम भी करते हैं। लेकिन इस स्थिति पर आकर ग्रामीण कतई लापरवाही न बरतें, यह महंगी साबित हो सकती है। गांववासी कोरोना को गंभीरता से लें और इसे शहर विशेष की बीमारी न समझें। सभी व्यक्ति मास्क का प्रयोग करें और दो गज की दूरी का पालन करें। सामूहिक हुक्का, ताश और सामाजिक बैठकों में इकट्ठा न हों। अफवाहों पर ध्यान न दें, ज्यादा से ज्यादा लोग टेस्ट और टीकाकर करवाएं। गांववासी टेस्टिंग से बिल्कुल न घबराएं और अपना व्यवहार कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार बनाए रखें।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के प्रति जागरूकता बढ़ी है। प्रशासन की मुस्तैदी, लोगों की काउंसिलिंग और सैनिटाइजेशन के परिणाम स्वरूप कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगना शुरू हो गया है। सरकार के निर्देशानुसार गांवों में सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है। व्यक्तिगत संपर्क कार्यक्रम के तहत लगभग सभी गांवों में काउंसलिंग की जा चुकी है, टेस्टिंग और सैनिटाइजेशन जारी है। ग्रामीण इलाकों में वायु गुणात्मक मात्रा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और लोगों का खानपान अच्छा है। ग्रामीण शारीरिक श्रम भी करते हैं। लेकिन इस स्थिति पर आकर ग्रामीण कतई लापरवाही न बरतें, यह महंगी साबित हो सकती है। गांववासी कोरोना को गंभीरता से लें और इसे शहर विशेष की बीमारी न समझें। सभी व्यक्ति मास्क का प्रयोग करें और दो गज की दूरी का पालन करें। सामूहिक हुक्का, ताश और सामाजिक बैठकों में इकट्ठा न हों। अफवाहों पर ध्यान न दें, ज्यादा से ज्यादा लोग टेस्ट और टीकाकर करवाएं। गांववासी टेस्टिंग से बिल्कुल न घबराएं और अपना व्यवहार कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार बनाए रखें।
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