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अब हरियाणा सरकार से नहीं होगी वार्ता, केंद्र दखल दे : मलिक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 19 Mar 2017 01:32 AM IST
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िममििटटिंग करते अिध्ाधिकारी
- फोटो : amar ujala
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दिल्ली में प्रदेश सरकार से वार्ता नहीं होने के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने खट्टर सरकार से वार्ता करने से इनकार कर दिया है। मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बिना अब प्रदेश सरकार से कोई बातचीत नहीं होगी। मलिक ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने जाट समाज को गुमराह करके आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने जाट समाज से आह्वान किया है कि सरकार की बातों में न आकर सोमवार को दिल्ली कूच की तैयारी जारी रखें। दिल्ली कूच का कार्यक्रम पहले की भांति जारी रहेगा और संसद घेराव भी होगा। दिल्ली कूच के समय सभी से शांति बनाए रखने का भी आह्वान किया है।
यशपाल मलिक ने कहा कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ जाटों की वार्ता होनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने जिस तरह से जाटों का अपमान किया है, उससे जाट समाज में काफी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री भी प्रेस कांफ्रेंस कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, यह गलत है। सरकार के इस रवैये से उनकी मंशा साफ दिखाई दे रही है। इसलिए निर्णय लिया गया है कि अब हरियाणा सरकार से सीधे कोई वार्ता नहीं होगी। वार्ता के लिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना होगा, तभी बातचीत की जाएगी।
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यशपाल मलिक ने कहा कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ जाटों की वार्ता होनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने जिस तरह से जाटों का अपमान किया है, उससे जाट समाज में काफी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री भी प्रेस कांफ्रेंस कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, यह गलत है। सरकार के इस रवैये से उनकी मंशा साफ दिखाई दे रही है। इसलिए निर्णय लिया गया है कि अब हरियाणा सरकार से सीधे कोई वार्ता नहीं होगी। वार्ता के लिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना होगा, तभी बातचीत की जाएगी।
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