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सातों बालिग आरोपी दोषी करार, कोर्ट ने कहा: निर्भया कितनी बार मरेगी
seven accused guilty
Updated Sat, 19 Dec 2015 02:23 AM IST
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नेपाली युवती से गैंगरेप और दरिंदगी से हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सभी सातों बालिग आरोपियों को दोषी करार दे दिया है।
शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंहल की अदालत ने मात्र तीन मिनट की सुनवाई में आरोपियों को दोषी करार दे दिया।
अब 21 दिसंबर को आरोपियों को सजा सुनाए जाने पर बहस होगी। उम्मीद है कि पूरे प्रदेश को हिला देने वाले बहुचर्चित मामले में उसी दिन ऐतिहासिक फैसला भी सुना दिया जाए।
अदालत ने मामले को दिल्ली के निर्भया कांड से जोड़ते हुए कहा कि आखिर कितनी बार निर्भया मरेगी। सुनवाई के दौरान गद्दी खेड़ी गांव निवासी सभी सातों आरोपी पवन, प्रमोद उर्फ पदम, सरवर उर्फ बिल्लू, मनबीर उर्फ मन्नी, सुनील उर्फ मिढ़ा, सुनील उर्फ शीला और राजेश उर्फ घुचडू कोर्ट में पेश रहे।
कोर्ट ने आरोपियों को आईपीसी की धारा 376 डी (गैंगरेप), 302 (हत्या), 364 (अपहरण), 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध), 201 (सबूत खुर्द-बुर्द करना), 120 बी (साजिश रचना) और 149 (5 या 5 से अधिक लोगों का वारदात स्थल पर इकट्ठा होना) के तहत दोषी माना है। बता दें कि फरवरी 2015 के मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद 21 जुलाई को कोर्ट में चालान पेश किया था। फिर 3 सितंबर को कोर्ट में सप्लीमेंटरी चालान पेश किया गया। करीब दो महीने तक चले ट्रायल के दौरान कोर्ट ने 57 गवाहों ने गवाही दी और 376 सबूत पेश किए गए। कोर्ट ने 9 सितंबर 2015 को आरोपियों पर आरोप तय किए थे। इसके बाद 15 अक्तूबर से मामले में गवाहियां शुरू हुई। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद सातों बालिग आरोपियों को दोषी करार दिया। मामले में एकमात्र नाबालिग आरोपी की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में चल रही है। वहीं, मृतका की बहन ने कोर्ट में अपील की है कि उसकी बहन को निर्भया के नाम से न जाना जाए। जरूरत पड़े तो उसका असली नाम ही लिखा जाए।
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ये है मामला
1 फरवरी 2015 को चिन्योट कॉलोनी निवासी एक मंदबुद्धि नेपाली मूल की युवती घर से अचानक लापता हो गई। पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। लेकिन 4 दिन बाद युवती का शव बहुअकबरपुर गांव के खेतों में मिला। कुत्ते उसके शव को नोंच रहे थे। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि युवती के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। गैंगरेप के बाद खुलासे के डर से आरोपियों ने बेरहमी से युवती की हत्या कर दी। उसके पेट में नुकीले पत्थर तक डाल दिए गए। प्रदेशभर में हंगामे के बाद पुलिस ने गद्दी खेड़ी गांव के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जबकि नौंवे आरोपी सोमवीर ने पकड़े जाने से पहले ही दिल्ली में जाकर आत्महत्या कर ली। 8 आरोपियों में से एक नाबालिग आरोपी नेपाली मूल का है।
वकील-
हम कोर्ट से सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की अपील करेंगे। ताकि ऐसा कृत्य करने वालों सबक मिल सके।
प्रदीप मलिक पीड़ित पक्ष के वकील।
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शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंहल की अदालत ने मात्र तीन मिनट की सुनवाई में आरोपियों को दोषी करार दे दिया।
अब 21 दिसंबर को आरोपियों को सजा सुनाए जाने पर बहस होगी। उम्मीद है कि पूरे प्रदेश को हिला देने वाले बहुचर्चित मामले में उसी दिन ऐतिहासिक फैसला भी सुना दिया जाए।
अदालत ने मामले को दिल्ली के निर्भया कांड से जोड़ते हुए कहा कि आखिर कितनी बार निर्भया मरेगी। सुनवाई के दौरान गद्दी खेड़ी गांव निवासी सभी सातों आरोपी पवन, प्रमोद उर्फ पदम, सरवर उर्फ बिल्लू, मनबीर उर्फ मन्नी, सुनील उर्फ मिढ़ा, सुनील उर्फ शीला और राजेश उर्फ घुचडू कोर्ट में पेश रहे।
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कोर्ट ने आरोपियों को आईपीसी की धारा 376 डी (गैंगरेप), 302 (हत्या), 364 (अपहरण), 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध), 201 (सबूत खुर्द-बुर्द करना), 120 बी (साजिश रचना) और 149 (5 या 5 से अधिक लोगों का वारदात स्थल पर इकट्ठा होना) के तहत दोषी माना है। बता दें कि फरवरी 2015 के मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद 21 जुलाई को कोर्ट में चालान पेश किया था। फिर 3 सितंबर को कोर्ट में सप्लीमेंटरी चालान पेश किया गया। करीब दो महीने तक चले ट्रायल के दौरान कोर्ट ने 57 गवाहों ने गवाही दी और 376 सबूत पेश किए गए। कोर्ट ने 9 सितंबर 2015 को आरोपियों पर आरोप तय किए थे। इसके बाद 15 अक्तूबर से मामले में गवाहियां शुरू हुई। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद सातों बालिग आरोपियों को दोषी करार दिया। मामले में एकमात्र नाबालिग आरोपी की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में चल रही है। वहीं, मृतका की बहन ने कोर्ट में अपील की है कि उसकी बहन को निर्भया के नाम से न जाना जाए। जरूरत पड़े तो उसका असली नाम ही लिखा जाए।
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ये है मामला
1 फरवरी 2015 को चिन्योट कॉलोनी निवासी एक मंदबुद्धि नेपाली मूल की युवती घर से अचानक लापता हो गई। पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। लेकिन 4 दिन बाद युवती का शव बहुअकबरपुर गांव के खेतों में मिला। कुत्ते उसके शव को नोंच रहे थे। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि युवती के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। गैंगरेप के बाद खुलासे के डर से आरोपियों ने बेरहमी से युवती की हत्या कर दी। उसके पेट में नुकीले पत्थर तक डाल दिए गए। प्रदेशभर में हंगामे के बाद पुलिस ने गद्दी खेड़ी गांव के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जबकि नौंवे आरोपी सोमवीर ने पकड़े जाने से पहले ही दिल्ली में जाकर आत्महत्या कर ली। 8 आरोपियों में से एक नाबालिग आरोपी नेपाली मूल का है।
वकील-
हम कोर्ट से सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की अपील करेंगे। ताकि ऐसा कृत्य करने वालों सबक मिल सके।
प्रदीप मलिक पीड़ित पक्ष के वकील।