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एडीसी के परिजनों ने पुलिस को दिखाई दबंगई
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 09 May 2016 02:44 AM IST
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पुलिस
- फोटो : Desk
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जनता कॉलोनी चौकी पुलिस, शिवाजी कॉलोनी थाना एसएचओ और एक डीएसपी के लिए शनिवार की रात आफत भरी रही। जब एक निकटवर्ती जिले के एडीसी के बेटे, भतीजे और भाई ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ खूब गाली गलौच की। मामला सड़क से जनता कॉलोनी पुलिस चौकी तक पहुंच गया। यही नहीं, पद के घमंड में एक लाल बत्ती वाली गाड़ी इतनी स्पीड से पुलिस चौकी के अंदर घुसी कि पुलिस कर्मियों ने भागकर जान बचाई। मामला यहीं नहीं निपटा। रात को ही एडीसी अपने तैनाती स्थल से सीधा जनता कॉलोनी चौकी पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक पुलिस अधिकारियों से बात की और मामले की रिपोर्ट तक मांग ली। इसके बाद आराम से गाली गलौच करने वाले परिजनों और लालबत्ती गाड़ी वाले को लेकर चले गए।
बताते हैं कि निकटवर्ती जिले में तैनात एडीसी का शिवाजी कॉलोनी क्षेत्र में पुश्तैनी मकान है। यहां उनके भाई का परिवार रहता है। शनिवार रात एडीसी का बेटा और भतीजा कार से झज्जर रोड की तरफ जा रहे थे। शिवाजी कॉलोनी चौक स्थित झज्जर रोड पर पीछे से आ रही बाइक की साइड उनकी कार से लग गई। इस पर बाइक सवार ने कार सवारों से गाड़ी ठीक से चलाने की बात कह दी। फिर क्या था कार सवार एडीसी के भतीजे ने बाइक सवार को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद बाइक सवार और कार सवारों में हाथापाई हो गई। इसे देख सड़क पर भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलने पर जनता कालोनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने मामले को शांत कराने के लिए दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन एडीसी के बेटे और भतीजे ने बुजुर्ग एएसआई के साथ गाली गलौच कर दी। करीब आधा घंटे तक बहस होने के बाद एडीसी का भाई भी घटनास्थल पर पहुंच गया। उसने भी पुलिस कर्मियों को जमकर गाली दी। इस पर वहां खड़ी भीड़ ने एडीसी के भाई क ी जमक र धुनाई कर दी। मामला बढ़ता देख पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव किया। एडीसी के भाई को चौकी में ले जाने की बात कही, ताकि भीड़ उग्र न हो। इसके बाद पुलिसकर्मी किसी तरह एडीसी के भाई को लेकर पुलिस चौकी पहुंचे। एडीसी के परिजनों ने चौकी में भी पुलिस को नहीं बख्शा और जमकर अभद्रता की। जबकि पुलिस कर्मी उन्हें समझाते रहे।
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डीएसपी और एसएचओ पहुंचे पुलिस चौकी
जब एडीसी के रिश्तेदारों ने पुलिस की नहीं सुनी तो मामले की जानकारी डीएसपी डॉ. रविंद्र और शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी प्रवीन को दी गई। इसके बाद दोनों पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जब दोनों अधिकारियों ने एडीसी के भाई से घटना के बारे में जानने का प्रयास किया तो उसने पुलिस अधिकारियों को भी अपशब्द कहे। लगातार पुलिस को अपशब्द कहने के बाद एसएचओ ने कड़े तेवर अपनाए तब जाकर मामला शांत हुआ।
आखिर कौन था लाल बत्ती वाली कार में?
जब पुलिस मामले पर बातचीत कर रही थी तब एक लाल बत्ती वाली गाड़ी तेज गति से चौकी के अंदर घुसी। इस गाड़ी से बचने के लिए पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को इधर उधर भागना पड़ा। लाल बत्ती वाली गाड़ी से उतरने वाला व्यक्ति भी पुलिस को अपशब्द कहे। कई बार डीएसपी ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। गाड़ी पर लाल बत्ती देखकर पुलिस ने उसे बड़ा अधिकारी समझा। इस कारण अधिकतर पुलिस कर्मी चुप रहे।
साढ़े दस बजे पुलिस चौकी पहुंचे एडीसी
जब मामला नहीं सुलझा तो रात करीब साढ़े दस बजे एडीसी अपने तैनाती स्थल से सीधा जनता कालोनी पुलिस चौकी पहुंचे। उन्हें देखते ही परिजन फिर पुलिस पर बरस पड़े। एडीसी ने करीब आधा घंटे तक डीएसपी से मामले पर बात की, लेकिन एक बार भी अपने भाई, बेटे और भतीजे को समझाने का प्रयास नहीं किया। एडीसी ने उल्टा पुलिस को मामले की रिपोर्ट तैयार कर सौंपने के आदेश दे दिये। फिर लाल बत्ती वाली गाड़ी को लेकर आने वाले के साथ चौकी से चले गए।
बाइक और एडीसी के परिजनों की कार की भिड़ंत हो गई थी। इस संबंध में एडीसी को बुलाया गया था। बाद में मामला सुलझ गया। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
- डॉ. रविंद्र डीएसपी
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बताते हैं कि निकटवर्ती जिले में तैनात एडीसी का शिवाजी कॉलोनी क्षेत्र में पुश्तैनी मकान है। यहां उनके भाई का परिवार रहता है। शनिवार रात एडीसी का बेटा और भतीजा कार से झज्जर रोड की तरफ जा रहे थे। शिवाजी कॉलोनी चौक स्थित झज्जर रोड पर पीछे से आ रही बाइक की साइड उनकी कार से लग गई। इस पर बाइक सवार ने कार सवारों से गाड़ी ठीक से चलाने की बात कह दी। फिर क्या था कार सवार एडीसी के भतीजे ने बाइक सवार को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद बाइक सवार और कार सवारों में हाथापाई हो गई। इसे देख सड़क पर भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलने पर जनता कालोनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
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पुलिस ने मामले को शांत कराने के लिए दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन एडीसी के बेटे और भतीजे ने बुजुर्ग एएसआई के साथ गाली गलौच कर दी। करीब आधा घंटे तक बहस होने के बाद एडीसी का भाई भी घटनास्थल पर पहुंच गया। उसने भी पुलिस कर्मियों को जमकर गाली दी। इस पर वहां खड़ी भीड़ ने एडीसी के भाई क ी जमक र धुनाई कर दी। मामला बढ़ता देख पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव किया। एडीसी के भाई को चौकी में ले जाने की बात कही, ताकि भीड़ उग्र न हो। इसके बाद पुलिसकर्मी किसी तरह एडीसी के भाई को लेकर पुलिस चौकी पहुंचे। एडीसी के परिजनों ने चौकी में भी पुलिस को नहीं बख्शा और जमकर अभद्रता की। जबकि पुलिस कर्मी उन्हें समझाते रहे।
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डीएसपी और एसएचओ पहुंचे पुलिस चौकी
जब एडीसी के रिश्तेदारों ने पुलिस की नहीं सुनी तो मामले की जानकारी डीएसपी डॉ. रविंद्र और शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी प्रवीन को दी गई। इसके बाद दोनों पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जब दोनों अधिकारियों ने एडीसी के भाई से घटना के बारे में जानने का प्रयास किया तो उसने पुलिस अधिकारियों को भी अपशब्द कहे। लगातार पुलिस को अपशब्द कहने के बाद एसएचओ ने कड़े तेवर अपनाए तब जाकर मामला शांत हुआ।
आखिर कौन था लाल बत्ती वाली कार में?
जब पुलिस मामले पर बातचीत कर रही थी तब एक लाल बत्ती वाली गाड़ी तेज गति से चौकी के अंदर घुसी। इस गाड़ी से बचने के लिए पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को इधर उधर भागना पड़ा। लाल बत्ती वाली गाड़ी से उतरने वाला व्यक्ति भी पुलिस को अपशब्द कहे। कई बार डीएसपी ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। गाड़ी पर लाल बत्ती देखकर पुलिस ने उसे बड़ा अधिकारी समझा। इस कारण अधिकतर पुलिस कर्मी चुप रहे।
साढ़े दस बजे पुलिस चौकी पहुंचे एडीसी
जब मामला नहीं सुलझा तो रात करीब साढ़े दस बजे एडीसी अपने तैनाती स्थल से सीधा जनता कालोनी पुलिस चौकी पहुंचे। उन्हें देखते ही परिजन फिर पुलिस पर बरस पड़े। एडीसी ने करीब आधा घंटे तक डीएसपी से मामले पर बात की, लेकिन एक बार भी अपने भाई, बेटे और भतीजे को समझाने का प्रयास नहीं किया। एडीसी ने उल्टा पुलिस को मामले की रिपोर्ट तैयार कर सौंपने के आदेश दे दिये। फिर लाल बत्ती वाली गाड़ी को लेकर आने वाले के साथ चौकी से चले गए।
बाइक और एडीसी के परिजनों की कार की भिड़ंत हो गई थी। इस संबंध में एडीसी को बुलाया गया था। बाद में मामला सुलझ गया। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
- डॉ. रविंद्र डीएसपी