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चार करोड़ के चेक बाउंस होने पर दोषी को दो साल कैद
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जेएमआईसी गौरांग शर्मा की अदालत ने चार करोड़ के चेक बाउंस के मामले में जितेंद्र को दोषी करार दिया है। अदालत ने गुरुग्राम के पातली गांव निवासी जितेंद्र को दो साल कैद की सजा सुनाई है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार खरावड़ निवासी राजेश कुमार प्रॉपर्टी डीलर हैं। उन्होेंने कई साल पहले दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में एक कोठी खरीदी थी। इसमें उसका एक और पार्टनर था। इसके बाद वर्ष 2015 में कोठी को जितेंद्र को बेचा था। कोठी का सौदा साढ़े सात करोड़ रुपये में हुआ था। राजेश को जितेंद्र ने रजिस्ट्री के समय करीब चार करोड़ रुपये के सात चेक दिये थे। बाद में जब राजेश ने बैंक में चेक लगाए तो वह बाउंस हो गए। इसके बाद राजेश ने जितेंद्र को चेक बाउंस होने के बारे में बताया। इसके बाद वह रुपये देने के नाम पर टालमटोल करता रहा। इसके बाद राजेश ने जितेंद्र के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद जितेंद्र को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
शिकायतकर्ता के वकील संदीप राठी ने बताया कि मामला करीब दो साल से अदालत में विचाराधीन था। जितेंद्र के चार करोड़ के चेक बाउंस हो गये थे। शुरुआत से ही राजेश कुमार की तरफ से अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जितेंद्र को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
रोहतक।
जेएमआईसी गौरांग शर्मा की अदालत ने चार करोड़ के चेक बाउंस के मामले में जितेंद्र को दोषी करार दिया है। अदालत ने गुरुग्राम के पातली गांव निवासी जितेंद्र को दो साल कैद की सजा सुनाई है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार खरावड़ निवासी राजेश कुमार प्रॉपर्टी डीलर हैं। उन्होेंने कई साल पहले दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में एक कोठी खरीदी थी। इसमें उसका एक और पार्टनर था। इसके बाद वर्ष 2015 में कोठी को जितेंद्र को बेचा था। कोठी का सौदा साढ़े सात करोड़ रुपये में हुआ था। राजेश को जितेंद्र ने रजिस्ट्री के समय करीब चार करोड़ रुपये के सात चेक दिये थे। बाद में जब राजेश ने बैंक में चेक लगाए तो वह बाउंस हो गए। इसके बाद राजेश ने जितेंद्र को चेक बाउंस होने के बारे में बताया। इसके बाद वह रुपये देने के नाम पर टालमटोल करता रहा। इसके बाद राजेश ने जितेंद्र के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद जितेंद्र को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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शिकायतकर्ता के वकील संदीप राठी ने बताया कि मामला करीब दो साल से अदालत में विचाराधीन था। जितेंद्र के चार करोड़ के चेक बाउंस हो गये थे। शुरुआत से ही राजेश कुमार की तरफ से अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जितेंद्र को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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