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Rewari News: बसों में सवार होने के लिए महिलाओं को करनी पड़ी मशक्कत
Tue, 20 Aug 2024 02:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 20 Aug 2024 02:15 AM IST
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फोटो: 14रेवाड़ी। रक्षा बंधन पर्व पर बस स्टैंड में उमड़ी यात्रियों की भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रक्षाबंधन पर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं ने उठाया। रोडवेज बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। स्थिति यह रही कि बस आते ही यात्रियों से भर जा रही थी। महिलाओं को बसों में सवार होने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। कई महिलाएं बसों में सवार नहीं हो पाईं और निजी साधनों का सहारा लिया।
रक्षाबंधन के दिन बस स्टैंड पर पूरे दिन यात्रियों की भीड़ उमड़ी रही। एक तरफ जहां भाइयों के घर जाने वाले बहनों तो दूसरी तरफ राखी बांध कर लौटने वाली महिलाओं की भीड़ थी। यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि लोगों को बसों में लटक कर सफर करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हुई। रक्षाबंधन के दिन भी भीड़ होने से महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रविवार के दिन से प्रशासन ने बिल्कुल भी सबक नहीं लिया। महिलाओं को बस में चढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। शहर निवासी पायल ने बताया कि उसे गुरुग्राम के लिए जाना था। 2 घंटे उसने बस का इंतजार किया, मगर बस ही नहीं मिली। जब बस आई तो यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि वह बस में चढ़ नहीं सकी क्योंकि साथ में दो बच्चे भी थे। बिल्कुल भी व्यवस्था ठीक नहीं थी। जबकि महिलाओं के लिए सबसे पहले चढ़ने की सुविधा मिलनी चाहिए थी। यात्री प्रियंका ने बताया कि उसे रोहतक के लिए जाना था। जब बस मिली तो जैसे ही वह चढ़ने लगी उसे मजबूरी में उतरना पड़ा क्योंकि उसके बच्चे बस में नहीं चढ़ पाए थे। जब दोबारा बस में चढ़ने लगी तो बस पूरी भर चुकी थी। रोडवेज को महिलाओं के लिए चढ़ने की सुविधा देनी चाहिए थी। मगर ऐसा नहीं हुआ काफी परेशानी हुई।
बस स्टैंड पर निजी और सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का अनाउंसमेंट किया जा रहा था ताकि कोई पैसा ना ले। इस कारण रोडवेज को निजी बसों में पैसा लेनी जैसी कोई शिकायत भी सामने नहीं आई है। हालांकि, रविवार के दिन एक निजी परिचालक की तरफ से जब पैसा लेने की कोशिश की गई थी तो महिलाओं ने विरोध किया था। लगातार अनाउंसमेंट होने की वजह से भी सभी निजी बस चालक सतर्क रहे, रोडवेज का यह तरीका काफी काम आया।
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50 हजार से अधिक लोगों ने जनरल टिकट लेकर किया सफर
रेलवे स्टेशन पर भी रक्षाबंधन को लेकर यात्रियों की काफी भीड़ देखने को मिली। जनरल बोगी में चढ़ने वाले लोगों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि पैर रखने तक की भी जगह नहीं थी। महिलाओं को यहां भी सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। क्योंकि महिलाओं के साथ बच्चे भी थे, ऐसे में ट्रेन में चढ़ना उनके लिए काफी परेशानियों भरा रहा। रेवाड़ी से 50 हजार से अधिक लोगों ने जनरल टिकट लेकर ट्रेनों में सफर किया।
वर्जन :
रोडवेज की तरफ से टीमें बनाई गई थीं जो लगातार बसों में चेकिंग कर रही थीं। कहीं से भी किराया लेने की शिकायत सामने नहीं आई है। अगर आई होती तो इस पर जरूर कार्रवाई की जाती।-जयप्रकाश, डीआई, रोडवेज रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। रक्षाबंधन पर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं ने उठाया। रोडवेज बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। स्थिति यह रही कि बस आते ही यात्रियों से भर जा रही थी। महिलाओं को बसों में सवार होने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। कई महिलाएं बसों में सवार नहीं हो पाईं और निजी साधनों का सहारा लिया।
रक्षाबंधन के दिन बस स्टैंड पर पूरे दिन यात्रियों की भीड़ उमड़ी रही। एक तरफ जहां भाइयों के घर जाने वाले बहनों तो दूसरी तरफ राखी बांध कर लौटने वाली महिलाओं की भीड़ थी। यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि लोगों को बसों में लटक कर सफर करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हुई। रक्षाबंधन के दिन भी भीड़ होने से महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रविवार के दिन से प्रशासन ने बिल्कुल भी सबक नहीं लिया। महिलाओं को बस में चढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। शहर निवासी पायल ने बताया कि उसे गुरुग्राम के लिए जाना था। 2 घंटे उसने बस का इंतजार किया, मगर बस ही नहीं मिली। जब बस आई तो यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि वह बस में चढ़ नहीं सकी क्योंकि साथ में दो बच्चे भी थे। बिल्कुल भी व्यवस्था ठीक नहीं थी। जबकि महिलाओं के लिए सबसे पहले चढ़ने की सुविधा मिलनी चाहिए थी। यात्री प्रियंका ने बताया कि उसे रोहतक के लिए जाना था। जब बस मिली तो जैसे ही वह चढ़ने लगी उसे मजबूरी में उतरना पड़ा क्योंकि उसके बच्चे बस में नहीं चढ़ पाए थे। जब दोबारा बस में चढ़ने लगी तो बस पूरी भर चुकी थी। रोडवेज को महिलाओं के लिए चढ़ने की सुविधा देनी चाहिए थी। मगर ऐसा नहीं हुआ काफी परेशानी हुई।
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बस स्टैंड पर निजी और सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का अनाउंसमेंट किया जा रहा था ताकि कोई पैसा ना ले। इस कारण रोडवेज को निजी बसों में पैसा लेनी जैसी कोई शिकायत भी सामने नहीं आई है। हालांकि, रविवार के दिन एक निजी परिचालक की तरफ से जब पैसा लेने की कोशिश की गई थी तो महिलाओं ने विरोध किया था। लगातार अनाउंसमेंट होने की वजह से भी सभी निजी बस चालक सतर्क रहे, रोडवेज का यह तरीका काफी काम आया।
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50 हजार से अधिक लोगों ने जनरल टिकट लेकर किया सफर
रेलवे स्टेशन पर भी रक्षाबंधन को लेकर यात्रियों की काफी भीड़ देखने को मिली। जनरल बोगी में चढ़ने वाले लोगों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि पैर रखने तक की भी जगह नहीं थी। महिलाओं को यहां भी सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। क्योंकि महिलाओं के साथ बच्चे भी थे, ऐसे में ट्रेन में चढ़ना उनके लिए काफी परेशानियों भरा रहा। रेवाड़ी से 50 हजार से अधिक लोगों ने जनरल टिकट लेकर ट्रेनों में सफर किया।
वर्जन :
रोडवेज की तरफ से टीमें बनाई गई थीं जो लगातार बसों में चेकिंग कर रही थीं। कहीं से भी किराया लेने की शिकायत सामने नहीं आई है। अगर आई होती तो इस पर जरूर कार्रवाई की जाती।-जयप्रकाश, डीआई, रोडवेज रेवाड़ी।