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जम्मू कश्मीर पर शोध और संगोष्ठियां होंगी : डॉ. सुशांत
Mon, 02 Mar 2026 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 02 Mar 2026 11:36 PM IST
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आईजीयू में आयोजित व्याखान में भाग लेते विद्यार्थी व शिक्षक। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र एवं प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संकल्प दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ. सुशांत यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र हरियाणा के सहयोग से जम्मू कश्मीर विषय पर शोध, संगोष्ठियां आयोजित करेगा।
जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के सहयोग से कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ। इसमें प्रबंधन विभाग के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को लघु फिल्म दिखाई गई, जिसमें जम्मू कश्मीर में समय-समय पर हुए जनसंख्या परिवर्तन और राष्ट्रीय सरोकारों को रेखांकित किया गया।
बताया गया कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसकी एकता एवं अखंडता राष्ट्र के लिए सर्वोपरि है। उल्लेख किया गया कि 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद द्वारा सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें संपूर्ण जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग घोषित करते हुए राष्ट्रीय संकल्प व्यक्त किया गया था।
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उसी ऐतिहासिक प्रस्ताव की स्मृति एवं राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के प्रतीक स्वरूप यह संकल्प दिवस आयोजित किया गया। डॉ. सुशांत यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, हरियाणा के सहयोग से जम्मू कश्मीर विषयक विभिन्न शोध, संगोष्ठियों एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन करेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं शैक्षणिक अनुसंधान के माध्यम से जम्मू कश्मीर और हरियाणा के बीच संबंधों को और सुदृढ़ किया जाएगा। इस दिशा में डॉ. विवेक बालियान, सचिव, जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के सहयोग से विशेष कार्य योजनाएं तैयार की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को शोध एवं अध्ययन के नए अवसर प्राप्त हो सकें।
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जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के सहयोग से कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ। इसमें प्रबंधन विभाग के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को लघु फिल्म दिखाई गई, जिसमें जम्मू कश्मीर में समय-समय पर हुए जनसंख्या परिवर्तन और राष्ट्रीय सरोकारों को रेखांकित किया गया।
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बताया गया कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसकी एकता एवं अखंडता राष्ट्र के लिए सर्वोपरि है। उल्लेख किया गया कि 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद द्वारा सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें संपूर्ण जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग घोषित करते हुए राष्ट्रीय संकल्प व्यक्त किया गया था।
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उसी ऐतिहासिक प्रस्ताव की स्मृति एवं राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के प्रतीक स्वरूप यह संकल्प दिवस आयोजित किया गया। डॉ. सुशांत यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, हरियाणा के सहयोग से जम्मू कश्मीर विषयक विभिन्न शोध, संगोष्ठियों एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन करेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं शैक्षणिक अनुसंधान के माध्यम से जम्मू कश्मीर और हरियाणा के बीच संबंधों को और सुदृढ़ किया जाएगा। इस दिशा में डॉ. विवेक बालियान, सचिव, जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के सहयोग से विशेष कार्य योजनाएं तैयार की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को शोध एवं अध्ययन के नए अवसर प्राप्त हो सकें।