{"_id":"6963ed814278af78d3068b9d","slug":"the-minimum-temperature-reached-minus-06-degrees-celsius-increasing-the-problem-of-cold-rewari-news-c-198-1-rew1001-231923-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा न्यूनतम तापमान, ठंड ने बढ़ाई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा न्यूनतम तापमान, ठंड ने बढ़ाई परेशानी
Mon, 12 Jan 2026 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 12 Jan 2026 12:05 AM IST
विज्ञापन
भाड़ावास मार्ग का सुबह 7 बजे का दृश्य। संवाद
रेवाड़ी। जिले में रविवार को न्यूनतम तापमान लुढ़क कर माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे 2018 का रिकॉर्ड टूट गया है। अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान गिरने और सर्द हवा चलने से गलन भरी ठंड में इजाफा हुआ है।
जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री दर्ज किया गया था। केवल एक दिन में न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री की गिरावट आई है। जिले में सर्द हवाओं के लगातार प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
इससे पहले 20 दिसंबर 2021 को न्यूनतम तापमान माइनस 0 डिग्री दर्ज किया गया था। 4 जनवरी 2018 को न्यूनतम तापमान माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
जिले में तापमान में लगातार गिरावट के कारण ठंड का असर चरम पर पहुंच रहा है। रोजाना धूप निकल रही है लेकिन सर्द हवा चलने से गलन से राहत नहीं मिल रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि सुबह और रात के समय तापमान में और गिरावट संभव है। इसके साथ ही दिन के समय हल्की धूप निकलने के बाद भी तापमान सामान्य से कम ही रहेगा। अगले कुछ दिनों तक ठंड बरकरार रहने और न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट का अनुमान है।
सर्दी के इस प्रकोप के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। बाजारों और सड़कों पर भीड़ कम हो गई है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गर्म पानी और हीटर की मांग बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोग भी इस मौसम में अधिक सतर्कता बरत रहे हैं। लोग अलाव सेंकते नजर आ रहे हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
डीसी अभिषेक मीणा ने ठंड को देखते हुए एडवायरी जारी की है। उन्होंने बुजुगों, नवजात शिशुओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग जरूरत पड़ने पर ही रूम हीटर का प्रयोग करें। इस दौरान हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयला नहीं जलाएं। ठंड से बचने के लिए अधिकतर समय घर के अंदर रहें। हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को ढककर रखें। हाथों में दस्ताने पहनें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
विज्ञापन
जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री दर्ज किया गया था। केवल एक दिन में न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री की गिरावट आई है। जिले में सर्द हवाओं के लगातार प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
इससे पहले 20 दिसंबर 2021 को न्यूनतम तापमान माइनस 0 डिग्री दर्ज किया गया था। 4 जनवरी 2018 को न्यूनतम तापमान माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
जिले में तापमान में लगातार गिरावट के कारण ठंड का असर चरम पर पहुंच रहा है। रोजाना धूप निकल रही है लेकिन सर्द हवा चलने से गलन से राहत नहीं मिल रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि सुबह और रात के समय तापमान में और गिरावट संभव है। इसके साथ ही दिन के समय हल्की धूप निकलने के बाद भी तापमान सामान्य से कम ही रहेगा। अगले कुछ दिनों तक ठंड बरकरार रहने और न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट का अनुमान है।
सर्दी के इस प्रकोप के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। बाजारों और सड़कों पर भीड़ कम हो गई है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गर्म पानी और हीटर की मांग बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोग भी इस मौसम में अधिक सतर्कता बरत रहे हैं। लोग अलाव सेंकते नजर आ रहे हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
डीसी अभिषेक मीणा ने ठंड को देखते हुए एडवायरी जारी की है। उन्होंने बुजुगों, नवजात शिशुओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग जरूरत पड़ने पर ही रूम हीटर का प्रयोग करें। इस दौरान हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयला नहीं जलाएं। ठंड से बचने के लिए अधिकतर समय घर के अंदर रहें। हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को ढककर रखें। हाथों में दस्ताने पहनें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।