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एमबीए-बीटेक को भी ‘जुर्म का चस्का’
रेवाड़ी
Updated Wed, 02 Jul 2014 01:02 AM IST
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इसे बेरोजगारी की मार कहें या फिर जुर्म की दुनिया में नाम कमाने का चस्का। प्रदेश के 20 से अधिक मोस्टवांटेड अपराधियों की लिस्ट में हाईली क्वालिफाइड युवकों के नाम शामिल हैं। 231 मोस्टवांटेड अपराधियों में तीन एमबीए और दो बीटेक पासआउट भी शामिल हैं। सबसे अहम बात तो यह है कि प्रदेश में शिक्षा और विकास में टॉपर जिले रोहतक और सोनीपत मोस्टवांटेड की सूची में भी टॉप पर हैं।
प्रदेश में आपराधिक गतिविधियाें पर अंकुश लगाने के लिए भले ही पुलिस ने हर जिले में इकोनामिक सेल और स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीमें गठित की हुई हों, लेकिन प्रदेश में आज भी पुलिस के लिए 231 मोस्टवांटेट परेशानी का सबब बने हुए हैं, जिसमें से 40 से अधिक आरोपियाें पर पुलिस ने इनाम भी घोषित कर रखे हैं। इन आरोपियाें में 80 फ ीसदी युवा 10वीं पास भी नहीं हैं। वहीं 20 फ ीसदी आरोपी स्नातक के साथ एमबीए और बीटेक डिग्रीधारक हैं।
मोस्टवांटेड में सोनीपत व झज्जर टॉप पर
प्रदेश के 21 जिलों के 231 आरोपी विभिन्न मामलाें में मोस्टवांटेड हैं। पुलिस विभाग की वेबसाइट पर लोड किए गए आंकड़ाें के अनुसार इन आरोपियों में जिला सोनीपत में 50 तथा झज्जर में 33 हैं जो कि प्रदेश में दूसरे जिलाें से सबसे अधिक हैं। इनमें 35 आरोपियों पर 50 हजार से लेकर 2 हजार तक अवार्ड भी घोषित किया गया है।
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मोस्टवांटेड में अधिकांश आरोपी मेवात के
प्रदेश में 231 मोस्टवांटेड में 150 से अधिक मेवात के हैं, जबकि अन्य राजस्थान, यूपी व हरियाणा के हैं। इतना ही नहीं 20 से अधिक मोस्टवांटेड मेवात के गांव रिडाड से हैं। बताया जाता है कि इस गांव में लूट, हत्या व डकैती की वारदाताें को अंजाम देने वाले कई गिरोह बने हुए हैं जो हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली व यूपी में अपनी गैंग के साथ घटनाआें को अंजाम देते हैं। गिरोह में कई शिक्षित मास्टर माइंड युवक भी मिले हुए हैं जो अपने नेटवर्क से योजना तैयार कर लूट आदि की घटनाओं को परवान चढ़ाते हैं। इतना ही नहीं लूट गिरोह के सदस्याें का कई क्षेत्रों में नेटवर्क इस कदर फैला हुआ है, जो कि हर क्षेत्र की पल-पल की सूचना गिरोह तक पहुंचाते रहते हैं।
सात साल में मोस्टवांटेड हुए दोगुने
प्रदेश में आपराधिक मामलों में तेजी से इजाफ ा हो रहा है। जहां वर्ष 2007 में प्रदेश में मोस्ट वांटिड की संख्या 118 थी, वहीं वर्ष 2014 में यह संख्या 231 का आंकड़ा पार कर चुकी है। इतना नहीं 30 से अधिक आरोपी तो करीब सात-आठ साल से फ रार चल रहे हैं। ऐसे आरोपियाें को पकड़ने के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से अवार्ड भी घोषित किए गए हैं, लेकिन अभी तक 231 अपराधी पुलिस की गले की फांस बने हुए हैं।
प्रदेश के जिलेवार मोस्टवांटेड पर एक नजर
संख्या जिला मोस्ट वांटेड संख्या
01 सोनीपत 50
02 रोहतक 33
03 झज्जर 23
04 करनाल 21
05 पानीपत 12
06 गुड़गांव 10
07 महेंद्रगढ 09
08 रेवाड़ी 09
09 हिसार 08
10 फ रीदाबाद 08
11 यमुनानगर 07
12 पंचकूला 06
13 अंबाला 05
14 हिसार 05
15 मेवात 04
16 जींद 04
17 पलवल 03
18 भिवानी 02
19 फ तेहाबाद 01
20 कैथल 01
21 जीआरपीएफ 02
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प्रदेश में आपराधिक गतिविधियाें पर अंकुश लगाने के लिए भले ही पुलिस ने हर जिले में इकोनामिक सेल और स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीमें गठित की हुई हों, लेकिन प्रदेश में आज भी पुलिस के लिए 231 मोस्टवांटेट परेशानी का सबब बने हुए हैं, जिसमें से 40 से अधिक आरोपियाें पर पुलिस ने इनाम भी घोषित कर रखे हैं। इन आरोपियाें में 80 फ ीसदी युवा 10वीं पास भी नहीं हैं। वहीं 20 फ ीसदी आरोपी स्नातक के साथ एमबीए और बीटेक डिग्रीधारक हैं।
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मोस्टवांटेड में सोनीपत व झज्जर टॉप पर
प्रदेश के 21 जिलों के 231 आरोपी विभिन्न मामलाें में मोस्टवांटेड हैं। पुलिस विभाग की वेबसाइट पर लोड किए गए आंकड़ाें के अनुसार इन आरोपियों में जिला सोनीपत में 50 तथा झज्जर में 33 हैं जो कि प्रदेश में दूसरे जिलाें से सबसे अधिक हैं। इनमें 35 आरोपियों पर 50 हजार से लेकर 2 हजार तक अवार्ड भी घोषित किया गया है।
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मोस्टवांटेड में अधिकांश आरोपी मेवात के
प्रदेश में 231 मोस्टवांटेड में 150 से अधिक मेवात के हैं, जबकि अन्य राजस्थान, यूपी व हरियाणा के हैं। इतना ही नहीं 20 से अधिक मोस्टवांटेड मेवात के गांव रिडाड से हैं। बताया जाता है कि इस गांव में लूट, हत्या व डकैती की वारदाताें को अंजाम देने वाले कई गिरोह बने हुए हैं जो हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली व यूपी में अपनी गैंग के साथ घटनाआें को अंजाम देते हैं। गिरोह में कई शिक्षित मास्टर माइंड युवक भी मिले हुए हैं जो अपने नेटवर्क से योजना तैयार कर लूट आदि की घटनाओं को परवान चढ़ाते हैं। इतना ही नहीं लूट गिरोह के सदस्याें का कई क्षेत्रों में नेटवर्क इस कदर फैला हुआ है, जो कि हर क्षेत्र की पल-पल की सूचना गिरोह तक पहुंचाते रहते हैं।
सात साल में मोस्टवांटेड हुए दोगुने
प्रदेश में आपराधिक मामलों में तेजी से इजाफ ा हो रहा है। जहां वर्ष 2007 में प्रदेश में मोस्ट वांटिड की संख्या 118 थी, वहीं वर्ष 2014 में यह संख्या 231 का आंकड़ा पार कर चुकी है। इतना नहीं 30 से अधिक आरोपी तो करीब सात-आठ साल से फ रार चल रहे हैं। ऐसे आरोपियाें को पकड़ने के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से अवार्ड भी घोषित किए गए हैं, लेकिन अभी तक 231 अपराधी पुलिस की गले की फांस बने हुए हैं।
प्रदेश के जिलेवार मोस्टवांटेड पर एक नजर
संख्या जिला मोस्ट वांटेड संख्या
01 सोनीपत 50
02 रोहतक 33
03 झज्जर 23
04 करनाल 21
05 पानीपत 12
06 गुड़गांव 10
07 महेंद्रगढ 09
08 रेवाड़ी 09
09 हिसार 08
10 फ रीदाबाद 08
11 यमुनानगर 07
12 पंचकूला 06
13 अंबाला 05
14 हिसार 05
15 मेवात 04
16 जींद 04
17 पलवल 03
18 भिवानी 02
19 फ तेहाबाद 01
20 कैथल 01
21 जीआरपीएफ 02