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Rewari News: मसानी बैराज में दूषित पानी रोकने के लिए नियुक्त होंगे सलाहकार, टेंडर जारी
Sun, 13 Jul 2025 12:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:30 AM IST
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फोटो : 8साहबी बैराज की वर्तमान स्थिति। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मसानी बैराज में दूषित पानी छोड़ने से रोकने के लिए जल्द ही सलाहकार की नियुक्ति होगी। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। सलाहकार की नियुक्ति पर 54.61 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
बैराज में दूषित पानी जाने से रोकने, पानी को स्वच्छ करके बैराज में छोड़ने को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। साथ ही सर्वेक्षण भी किया जाएगा और डिजाइन तैयार किया जाएगा। टेंडर जारी होने के बाद भविष्य में बैराज की हालत सुधरने की उम्मीद जगी है।
अभी तक साहबी बैराज को लेकर सिर्फ बयानबाजी ही हो रही थी। खैरथल तिजारा और रेवाड़ी जिले के अधिकारियों के साथ हाल ही में बैठक हुई थी। 3 घंटे की बैठक में रेवाड़ी व खैरथल तिजारा के डीसी ने ड्रेनेज, जलभराव, दूषित पानी को ट्रीट करने की जरूरत बताई थी।
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दोनों जिले के प्रशासन ने अपनी कार्ययोजनाएं बताईं थी। इसके बाद उन्हें बारिश के पानी और सीवर के दूषित पानी की अलग-अलग योजना बनाने का निर्देश दिया गया था।
भिवाड़ी शहर का दूषित पानी रेवाड़ी में न आए, इसके लिए राजस्थान व हरियाणा को मिलकर हाइड्रोलॉजी से अध्ययन करने के भी निर्देश दिए गए थे। औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में जलग्रहण क्षेत्र को उपचारित करने की बात कही गई थी।
राजस्थान में स्थित संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए निंबाहेड़ी, सारेखुर्द, ग्वालदा, थड़ा में जल संचयन करने और साफ पानी को रेवाड़ी के मसानी बैराज तक पहुंचाने पर चर्चा की गई थी।
रेवाड़ी के अधिकारियों ने दावा किया है कि हनुमान नगर, विजय नगर, नारायण विहार, आकेड़ा, विकास नगर, माहेश्वरी, निरंजन कॉलोनी, बजरंग कॉलोनी से आने वाले प्रदूषित पानी को वाटर बॉडी में ले जाने का कार्य किया जा रहा है। भविष्य में पानी को उपचारित किया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता ने दी थी आंदोलन करने की चेतावनी
गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव ने शनिवार को इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राव इंद्रजीत सिंह, हरियाणा के मुख्यमंत्री व रेवाड़ी उपायुक्त को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में फैक्टरियों, रिहायशी कॉलोनियों और नालों से प्रदूषित, रसायन युक्त और जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी धारूहेड़ा व खुशखेड़ा के रास्ते साहबी नदी में पहुंच रहा है जिससे जल प्रदूषित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा इस गंदे पानी को साफ बताकर साहबी बैराज में डालने की योजना बनाना किसानों के साथ अन्याय है। इसका हल नहीं निकाला गया तो आंदोलन किया जाएगा।
एनजीटी में चल रहा है मामला
साहबी बैराज में दूषित पानी छोड़ने का मामला पहले से ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। इसमें रेवाड़ी जिले के विभिन्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स और औद्योगिक इकाइयों से छोड़े जाने वाले अपशिष्ट जल की जांच व नियंत्रण को लेकर कार्यवाही जारी है। मामले में अंतिम सुनवाई होना बाकी है।
योजना में बनाए जाएंगे पांच बड़े टैंक : डीसी
डीसी मीणा अभिषेक मीणा ने बताया कि सिंचाई विभाग ने 218 करोड़ रुपये की एक विस्तृत योजना तैयार की है। इस योजना में पांच बड़े टैंक बनाए जाएंगे। दो सौ एकड़ में एक बड़ा टैंक निर्मित होगा। 23 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन से पानी को पटौदी के पास इंदौरी नदी तक पहुंचाया जाएगा। योजना को पूरा करने में लगभग तीन वर्ष का समय लगेगा।
साहबी बैराज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की थी योजना
साहबी बैराज में पहली बार 2017 में 66 दिन तक नहर से 20 हजार 274 फीट पानी भरा गया था। 2018 में बैराज में 24 हजार 42 फीट तक पानी भरा गया था। यमुना का अतिरिक्त पानी बैराज में पहुंचाया गया था। तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने कहा था कि पर्यटकों के लिए इसे रमणीक स्थल बनाया जाएगा, जिसमें रेस्टोरेंट व ठहरने के लिए हट्स भी बनाए जाएंगे। बोटिंग के बाद फूड कोर्ट, एडवेंचर कैंप की गतिविधियां शुरू की जाएंगी। साहबी क्षेत्र के कई किलोमीटर में फैले बैराज में नेचर ट्रेल भी विकसित किया जाएगा। सरकार की योजना 18 किलोमीटर तक ट्रेल बनाने की थी, ताकि एक बेहतर पर्यटक स्थल बनाया जा सके। वर्तमान में एसटीपी का पानी बिना साफ किए ही बैराज में डाला जा रहा है।
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रेवाड़ी। मसानी बैराज में दूषित पानी छोड़ने से रोकने के लिए जल्द ही सलाहकार की नियुक्ति होगी। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। सलाहकार की नियुक्ति पर 54.61 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
बैराज में दूषित पानी जाने से रोकने, पानी को स्वच्छ करके बैराज में छोड़ने को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। साथ ही सर्वेक्षण भी किया जाएगा और डिजाइन तैयार किया जाएगा। टेंडर जारी होने के बाद भविष्य में बैराज की हालत सुधरने की उम्मीद जगी है।
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अभी तक साहबी बैराज को लेकर सिर्फ बयानबाजी ही हो रही थी। खैरथल तिजारा और रेवाड़ी जिले के अधिकारियों के साथ हाल ही में बैठक हुई थी। 3 घंटे की बैठक में रेवाड़ी व खैरथल तिजारा के डीसी ने ड्रेनेज, जलभराव, दूषित पानी को ट्रीट करने की जरूरत बताई थी।
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दोनों जिले के प्रशासन ने अपनी कार्ययोजनाएं बताईं थी। इसके बाद उन्हें बारिश के पानी और सीवर के दूषित पानी की अलग-अलग योजना बनाने का निर्देश दिया गया था।
भिवाड़ी शहर का दूषित पानी रेवाड़ी में न आए, इसके लिए राजस्थान व हरियाणा को मिलकर हाइड्रोलॉजी से अध्ययन करने के भी निर्देश दिए गए थे। औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में जलग्रहण क्षेत्र को उपचारित करने की बात कही गई थी।
राजस्थान में स्थित संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए निंबाहेड़ी, सारेखुर्द, ग्वालदा, थड़ा में जल संचयन करने और साफ पानी को रेवाड़ी के मसानी बैराज तक पहुंचाने पर चर्चा की गई थी।
रेवाड़ी के अधिकारियों ने दावा किया है कि हनुमान नगर, विजय नगर, नारायण विहार, आकेड़ा, विकास नगर, माहेश्वरी, निरंजन कॉलोनी, बजरंग कॉलोनी से आने वाले प्रदूषित पानी को वाटर बॉडी में ले जाने का कार्य किया जा रहा है। भविष्य में पानी को उपचारित किया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता ने दी थी आंदोलन करने की चेतावनी
गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव ने शनिवार को इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राव इंद्रजीत सिंह, हरियाणा के मुख्यमंत्री व रेवाड़ी उपायुक्त को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में फैक्टरियों, रिहायशी कॉलोनियों और नालों से प्रदूषित, रसायन युक्त और जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी धारूहेड़ा व खुशखेड़ा के रास्ते साहबी नदी में पहुंच रहा है जिससे जल प्रदूषित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा इस गंदे पानी को साफ बताकर साहबी बैराज में डालने की योजना बनाना किसानों के साथ अन्याय है। इसका हल नहीं निकाला गया तो आंदोलन किया जाएगा।
एनजीटी में चल रहा है मामला
साहबी बैराज में दूषित पानी छोड़ने का मामला पहले से ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। इसमें रेवाड़ी जिले के विभिन्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स और औद्योगिक इकाइयों से छोड़े जाने वाले अपशिष्ट जल की जांच व नियंत्रण को लेकर कार्यवाही जारी है। मामले में अंतिम सुनवाई होना बाकी है।
योजना में बनाए जाएंगे पांच बड़े टैंक : डीसी
डीसी मीणा अभिषेक मीणा ने बताया कि सिंचाई विभाग ने 218 करोड़ रुपये की एक विस्तृत योजना तैयार की है। इस योजना में पांच बड़े टैंक बनाए जाएंगे। दो सौ एकड़ में एक बड़ा टैंक निर्मित होगा। 23 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन से पानी को पटौदी के पास इंदौरी नदी तक पहुंचाया जाएगा। योजना को पूरा करने में लगभग तीन वर्ष का समय लगेगा।
साहबी बैराज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की थी योजना
साहबी बैराज में पहली बार 2017 में 66 दिन तक नहर से 20 हजार 274 फीट पानी भरा गया था। 2018 में बैराज में 24 हजार 42 फीट तक पानी भरा गया था। यमुना का अतिरिक्त पानी बैराज में पहुंचाया गया था। तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने कहा था कि पर्यटकों के लिए इसे रमणीक स्थल बनाया जाएगा, जिसमें रेस्टोरेंट व ठहरने के लिए हट्स भी बनाए जाएंगे। बोटिंग के बाद फूड कोर्ट, एडवेंचर कैंप की गतिविधियां शुरू की जाएंगी। साहबी क्षेत्र के कई किलोमीटर में फैले बैराज में नेचर ट्रेल भी विकसित किया जाएगा। सरकार की योजना 18 किलोमीटर तक ट्रेल बनाने की थी, ताकि एक बेहतर पर्यटक स्थल बनाया जा सके। वर्तमान में एसटीपी का पानी बिना साफ किए ही बैराज में डाला जा रहा है।