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Rewari News: शिलान्यास से पहले ही एम्स की टेंडर प्रक्रिया रद्द
Fri, 03 Nov 2023 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 03 Nov 2023 11:47 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। माजरा में बनने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की राह में बाधा आ गई है। एम्स का शिलान्यास होने से पहले ही टेंडर को कैंसिल कर दिया गया है। यह कार्रवाई मंत्रालय की तरफ से की गई है। इसको लेकर एम्स संघर्ष समिति ने रोष जताया है।
एम्स का टेंडर रद्द होने के बाद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का भी बयान सामने आया है। उनका कहना है कि माजरा एम्स के टेंडर आमंत्रित किए गए थे लेकिन उनमें शामिल हुई कंपनियों की तकनीकी खामियों व तय किए गए मापदंडों पर खरा ना उतरने के चलते टेंडर रद्द किया गया है। जल्द ही नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि एम्स के टेंडर में शर्तों का उल्लेख किया जाता है। अगर कोई कंपनी उसे पूरा नहीं कर पाती है या टेंडर भरने वाली कंपनी तकनीकी खामियों के मापदंडों पर खरा नहीं उतर पाती है तो टेंडर को रद्द कर दूसरा टेंडर किया जाता है। कहा कि एम्स की चहारदीवारी का कार्य चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जमीन का कब्जा ले लिया है।
वहीं टेंडर रद्द करने पर एम्स संघर्ष समिति ने रोष जताया है। एम्स संघर्ष समिति ने कहा है कि एम्स का टेंडर रद्द करने का कोई प्रशासनिक नहीं राजनीतिक कारण है। सरकार 2019 के चुनाव में एम्स के नाम से एक पारी पहले ही खेल चुकी है। अब दूसरी पारी खेलने की तैयारी के क्रम में यह साजिश रची गई है।
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रेवाड़ी के बावल में वर्ष 2015 में हुई रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22वां एम्स रेवाड़ी के मनेठी गांव में बनाने की घोषणा की थी। मनेठी की पंचायत की ओर से दी गई जमीन पर पेंच फंसने के बाद साथ लगते गांव माजरा में एम्स बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। ग्रामीणों ने 200 एकड़ से अधिक जमीन सरकार के नाम कर दी है। सरकार के नाम जमीन रजिस्ट्री होने के बाद 4 माह पहले ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी।
संघर्ष समिति का ऐलान, तेज करेंगे आंदोलन
एम्स संघर्ष समिति की ओर से एम्स के शिलान्यास को लेकर 33 दिनों से मनेठी में धरना दिया जा रहा है। एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह ने कहा कि एम्स के मुद्दे को लेकर आंदोलन को तेज किया जाएगा। 6 नवंबर को धरनास्थल पर महिला पंचायत की जाएगी और 26 नवंबर को बाइक रैली निकाली जाएगी। संघर्ष समिति एम्स निर्माण, ओपीडी और एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि एम्स भवन का निर्माण करने के लिए जल्द टेंडर जारी नहीं किया गया तो 10 दिसंबर को बड़ी पंचायत का आयोजन कर निर्णायक फैसला लिया जाएगा।
4 नवंबर को खुलना था टेंडर, 31 अक्तूबर को आया रद्द करने का पत्र
एम्स संघर्ष समिति ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बयान पर टिप्पणी की है। एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह ने कहा है कि टेंडर 4 नवंबर को ही खुलना था तो कमियों व खामियों की जानकारी उन्हें कैसे हुई। 3 नवंबर को क्लोजिंग की तारीख थी और रद्द करने का पत्र 31 अक्तूबर का है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि कौन-कौन सी खामियों के कारण यह टेंडर रद्द किया गया है। कहा कि राजनीति में फायदा उठाने के लिए टेंडर रद्द किया गया है। तकनीकी कारणों को लेकर हाइट्स कंपनी का कोई अधिकृत बयान नहीं आया है। संभावना के आधार पर किसी तरह का बयान देने का कोई औचित्य नहीं है।
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रेवाड़ी। माजरा में बनने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की राह में बाधा आ गई है। एम्स का शिलान्यास होने से पहले ही टेंडर को कैंसिल कर दिया गया है। यह कार्रवाई मंत्रालय की तरफ से की गई है। इसको लेकर एम्स संघर्ष समिति ने रोष जताया है।
एम्स का टेंडर रद्द होने के बाद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का भी बयान सामने आया है। उनका कहना है कि माजरा एम्स के टेंडर आमंत्रित किए गए थे लेकिन उनमें शामिल हुई कंपनियों की तकनीकी खामियों व तय किए गए मापदंडों पर खरा ना उतरने के चलते टेंडर रद्द किया गया है। जल्द ही नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि एम्स के टेंडर में शर्तों का उल्लेख किया जाता है। अगर कोई कंपनी उसे पूरा नहीं कर पाती है या टेंडर भरने वाली कंपनी तकनीकी खामियों के मापदंडों पर खरा नहीं उतर पाती है तो टेंडर को रद्द कर दूसरा टेंडर किया जाता है। कहा कि एम्स की चहारदीवारी का कार्य चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जमीन का कब्जा ले लिया है।
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वहीं टेंडर रद्द करने पर एम्स संघर्ष समिति ने रोष जताया है। एम्स संघर्ष समिति ने कहा है कि एम्स का टेंडर रद्द करने का कोई प्रशासनिक नहीं राजनीतिक कारण है। सरकार 2019 के चुनाव में एम्स के नाम से एक पारी पहले ही खेल चुकी है। अब दूसरी पारी खेलने की तैयारी के क्रम में यह साजिश रची गई है।
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रेवाड़ी के बावल में वर्ष 2015 में हुई रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22वां एम्स रेवाड़ी के मनेठी गांव में बनाने की घोषणा की थी। मनेठी की पंचायत की ओर से दी गई जमीन पर पेंच फंसने के बाद साथ लगते गांव माजरा में एम्स बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। ग्रामीणों ने 200 एकड़ से अधिक जमीन सरकार के नाम कर दी है। सरकार के नाम जमीन रजिस्ट्री होने के बाद 4 माह पहले ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी।
संघर्ष समिति का ऐलान, तेज करेंगे आंदोलन
एम्स संघर्ष समिति की ओर से एम्स के शिलान्यास को लेकर 33 दिनों से मनेठी में धरना दिया जा रहा है। एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह ने कहा कि एम्स के मुद्दे को लेकर आंदोलन को तेज किया जाएगा। 6 नवंबर को धरनास्थल पर महिला पंचायत की जाएगी और 26 नवंबर को बाइक रैली निकाली जाएगी। संघर्ष समिति एम्स निर्माण, ओपीडी और एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि एम्स भवन का निर्माण करने के लिए जल्द टेंडर जारी नहीं किया गया तो 10 दिसंबर को बड़ी पंचायत का आयोजन कर निर्णायक फैसला लिया जाएगा।
4 नवंबर को खुलना था टेंडर, 31 अक्तूबर को आया रद्द करने का पत्र
एम्स संघर्ष समिति ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बयान पर टिप्पणी की है। एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह ने कहा है कि टेंडर 4 नवंबर को ही खुलना था तो कमियों व खामियों की जानकारी उन्हें कैसे हुई। 3 नवंबर को क्लोजिंग की तारीख थी और रद्द करने का पत्र 31 अक्तूबर का है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि कौन-कौन सी खामियों के कारण यह टेंडर रद्द किया गया है। कहा कि राजनीति में फायदा उठाने के लिए टेंडर रद्द किया गया है। तकनीकी कारणों को लेकर हाइट्स कंपनी का कोई अधिकृत बयान नहीं आया है। संभावना के आधार पर किसी तरह का बयान देने का कोई औचित्य नहीं है।