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Rewari News: रियासत-ए-रेवाड़ी प्रदर्शनी में दिखी जिले के इतिहास की झलक
Sat, 09 May 2026 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 09 May 2026 12:32 AM IST
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प्रदर्शनी के दौरान एकत्रित संस्था के पदाधिकारी। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। अहीरवाल हेरिटेज की ओर से आयोजित रियासत-ए-रेवाड़ी प्रदर्शनी में जिले के इतिहास की झलक दिखी। इस दौरान मुख्य अतिथि प्रो. श्याम मेनन ने कहा कि विश्वविद्यालय विशेष अभियान कनेक्ट के माध्यम से समाज से निरंतर जुड़ने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी न केवल स्थानीय इतिहास और संस्कृति को संरक्षित करने में सहायक होती हैं बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य करती हैं। उन्होंने अहीरवाल हेरिटेज द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय विरासत का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रदर्शनी में रेवाड़ी एवं अहीरवाल क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों, लोक संस्कृति, परंपराओं, कला एवं सामाजिक जीवन से संबंधित दुर्लभ फोटो, पेंटिंग्स और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियों को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें विद्यार्थियों एवं आगंतुकों ने अत्यंत रुचि के साथ देखा।बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य करती हैं।
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इस अवसर पर बैटल ऑफ नारनौल सहित अनेक पुस्तकों के लेखक कुलप्रीत यादव भी प्रदर्शनी में उपस्थित रहे। उन्होंने 1857 की क्रांति सहित अनेक ऐतिहासिक युद्धों पर पुस्तकें लिखी हैं। प्रदर्शनी में उन्होंने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनों के साथ ऐतिहासिक विषयों पर संवाद भी किया।
अहीरवाल हेरिटेज फाउंडेशन की प्रधान प्रियंका यादव ने बताया कि संस्था लंबे समय से रेवाड़ी और अहीरवाल क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास एवं विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी संस्था द्वारा मीरपुर स्थित ऐतिहासिक हवेली में फोटो एवं पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।
इस अवसर पर प्रो. जसकिरण अरोड़ा, डॉ. इदरीस कांत, डॉ. बिप्लव, डॉ. अनीश चक्रवर्ती सहित अहीरवाल हेरिटेज संस्था से राकेश कुमार, चंदर सोनी, विनोद राव, राहुल खोला, आशीष लाम्बा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी न केवल स्थानीय इतिहास और संस्कृति को संरक्षित करने में सहायक होती हैं बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य करती हैं। उन्होंने अहीरवाल हेरिटेज द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय विरासत का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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प्रदर्शनी में रेवाड़ी एवं अहीरवाल क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों, लोक संस्कृति, परंपराओं, कला एवं सामाजिक जीवन से संबंधित दुर्लभ फोटो, पेंटिंग्स और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियों को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें विद्यार्थियों एवं आगंतुकों ने अत्यंत रुचि के साथ देखा।बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य करती हैं।
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इस अवसर पर बैटल ऑफ नारनौल सहित अनेक पुस्तकों के लेखक कुलप्रीत यादव भी प्रदर्शनी में उपस्थित रहे। उन्होंने 1857 की क्रांति सहित अनेक ऐतिहासिक युद्धों पर पुस्तकें लिखी हैं। प्रदर्शनी में उन्होंने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनों के साथ ऐतिहासिक विषयों पर संवाद भी किया।
अहीरवाल हेरिटेज फाउंडेशन की प्रधान प्रियंका यादव ने बताया कि संस्था लंबे समय से रेवाड़ी और अहीरवाल क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास एवं विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी संस्था द्वारा मीरपुर स्थित ऐतिहासिक हवेली में फोटो एवं पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।
इस अवसर पर प्रो. जसकिरण अरोड़ा, डॉ. इदरीस कांत, डॉ. बिप्लव, डॉ. अनीश चक्रवर्ती सहित अहीरवाल हेरिटेज संस्था से राकेश कुमार, चंदर सोनी, विनोद राव, राहुल खोला, आशीष लाम्बा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।