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गृह मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा दे ठगे 8.42 लाख
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बीकानेर गांव के एक युवक को गृह मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देेेकर 8.42 लाख रुपये ठगने का आरोप है। पीड़ित को न तो नौकरी मिली और न ही आरोपियों को दिए गए रुपये वापस मिले। बताया गया, ठगी का मामला वर्ष 2020 का है और पीड़ित द्वारा गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत देने के बाद अब सदर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
शिकायत में गांव बीकानेर निवासी राहुल ने बताया कि उनके दोस्त के जीजा गांव मसानी निवासी सुल्तान ने बताया था कि उनका एक जानकार है जो उसे गृह मंत्रालय दिल्ली में चपरासी की नौकरी लगवा देगा। इसके लिए आठ लाख रुपये देने होंगे और वेतन 35 हजार रुपये से भी ज्यादा मिलेगा। तीन जनवरी 2020 को आरोपी ने नौकरी के फार्म भरवाने के लिए 20 हजार रुपये ले लिए। उसी दिन सेंट्रल दिल्ली की पंजाबी बस्ती बलजीत नगर निवासी हरिप्रकाश व बबीता भी उनके घर आए थे और काम हो जाने का भरोसा दिया था। सात जनवरी को आरोपी उससे 80 हजार रुपये और ले गए। कुछ दिन बाद आरोपियों ने बताया कि उनका काम हो गया है लेकिन पहले बकाया सात लाख रुपये देने होंगे। 22 जनवरी 2020 को हरिप्रकाश और बबीता उनके घर आए और मोबाइल में उनके नाम का बना हुआ पहचान-पत्र दिखाते हुए बकाया रुपये देने के लिए कहा। देरी होने पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी बताया। 22 फरवरी 2020 तक आरोपियों ने उनसे सात लाख 20 हजार रुपये और ले लिए। 29 फरवरी 2020 को हरिप्रताप के बेटे प्रदीप ने फोन कर बताया कि एक मार्च 2020 को उसकी ज्वाइनिंग है। प्रदीप ने वर्दी और पहचान-पत्र के लिए 22 हजार रुपये बैंक खाते में जमा करा लिये।
ठगने के बाद बंद कर लिया मोबाइल
एक मार्च 2020 को राहुल ने बात की तो प्रदीप ने बताया कि अभी बीस दिन और लगेंगे। बीस दिन बाद बात की तो बताया कि कोरोना के कारण अभी ज्वाइनिंग रोक दी गई है। आरोपियों ने एक सप्ताह में उनके सारे पैसे वापस करने का आश्वासन दिया। काफी समय बीतने के बाद भी उन्होंने रुपये नहीं लौटाए और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिये। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर राहुल ने गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी। उसके बाद सदर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चारों के खिलाफ पहले भी नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के मामले दर्ज है। जिला महेंद्रगढ़ निवासी एक व्यक्ति से आरोपियों ने गृह मंत्रालय में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए थे जिसके बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके अतिरिक्त फरीदाबाद में भी आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज है।
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ठगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उनके रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। उसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-मनोज कुमार, इंसपेक्टर, सदर थाना।
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शिकायत में गांव बीकानेर निवासी राहुल ने बताया कि उनके दोस्त के जीजा गांव मसानी निवासी सुल्तान ने बताया था कि उनका एक जानकार है जो उसे गृह मंत्रालय दिल्ली में चपरासी की नौकरी लगवा देगा। इसके लिए आठ लाख रुपये देने होंगे और वेतन 35 हजार रुपये से भी ज्यादा मिलेगा। तीन जनवरी 2020 को आरोपी ने नौकरी के फार्म भरवाने के लिए 20 हजार रुपये ले लिए। उसी दिन सेंट्रल दिल्ली की पंजाबी बस्ती बलजीत नगर निवासी हरिप्रकाश व बबीता भी उनके घर आए थे और काम हो जाने का भरोसा दिया था। सात जनवरी को आरोपी उससे 80 हजार रुपये और ले गए। कुछ दिन बाद आरोपियों ने बताया कि उनका काम हो गया है लेकिन पहले बकाया सात लाख रुपये देने होंगे। 22 जनवरी 2020 को हरिप्रकाश और बबीता उनके घर आए और मोबाइल में उनके नाम का बना हुआ पहचान-पत्र दिखाते हुए बकाया रुपये देने के लिए कहा। देरी होने पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी बताया। 22 फरवरी 2020 तक आरोपियों ने उनसे सात लाख 20 हजार रुपये और ले लिए। 29 फरवरी 2020 को हरिप्रताप के बेटे प्रदीप ने फोन कर बताया कि एक मार्च 2020 को उसकी ज्वाइनिंग है। प्रदीप ने वर्दी और पहचान-पत्र के लिए 22 हजार रुपये बैंक खाते में जमा करा लिये।
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ठगने के बाद बंद कर लिया मोबाइल
एक मार्च 2020 को राहुल ने बात की तो प्रदीप ने बताया कि अभी बीस दिन और लगेंगे। बीस दिन बाद बात की तो बताया कि कोरोना के कारण अभी ज्वाइनिंग रोक दी गई है। आरोपियों ने एक सप्ताह में उनके सारे पैसे वापस करने का आश्वासन दिया। काफी समय बीतने के बाद भी उन्होंने रुपये नहीं लौटाए और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिये। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर राहुल ने गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी। उसके बाद सदर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चारों के खिलाफ पहले भी नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के मामले दर्ज है। जिला महेंद्रगढ़ निवासी एक व्यक्ति से आरोपियों ने गृह मंत्रालय में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए थे जिसके बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके अतिरिक्त फरीदाबाद में भी आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज है।
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ठगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उनके रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। उसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-मनोज कुमार, इंसपेक्टर, सदर थाना।