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Rewari News: 130 केंद्रों पर 2063 अभ्यर्थियों ने दी साक्षरता परीक्षा
Mon, 21 Sep 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:12 AM IST
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उल्लास योजना के तहत परीक्षा केंद्र पर साक्षरता परीक्षा देते अभ्यर्थी।संवाद
रेवाड़ी। उल्लास योजना के तहत रविवार को जिले में साक्षरता परीक्षा हुई। 130 परीक्षा केंद्रों पर 2063 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इनमें 878 पुरुष और 1185 महिलाएं शामिल हुईं। परीक्षा तीन घंटे की रही। परीक्षार्थियों को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे के बीच अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा देने की छूट दी गई थी।
परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए एक-एक कमरे में कई शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान जिन सवालों में परीक्षार्थी उलझते नजर आए। ऐसे परीक्षार्थियों को शिक्षक समझाते नजर आए।
दिल्ली से केंद्र सरकार की स्पेशल टीम समय-समय पर सेंटर की चेकिंग करने के लिए पहुंच रही थी। परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की ओर से साक्षरता का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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वहीं, परीक्षा में असफल रहने वाले परीक्षार्थियों को आगामी परीक्षा में दोबारा शामिल होने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सिफारिशों के अनुसार केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में पांच वर्ष की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम शुरू किया था, जिसे उल्लास योजना के नाम से संचालित किया जा रहा है।
योजना का उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन लोगों को पढ़ने-लिखने का अवसर देना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा हासिल नहीं कर सके। इसके माध्यम से लोगों को साक्षर बनाने के साथ उन्हें शिक्षा से जोड़कर सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य
वर्ष 2026-27 के लिए रेवाड़ी में कुल 28 हजार 351 लर्नर को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में विभिन्न वर्षों के दौरान अब तक कुल 18 हजार 939 लर्नर का पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। इनमें वर्ष 2023-24 के 121, वर्ष 2024-25 के 16 हजार 639, वर्ष 2025-26 के 1,992 और वर्ष 2026-27 के 187 लर्नर शामिल हैं। विभाग का मानना है कि सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से शेष लर्नर को भी योजना से जोड़ते हुए वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
वर्जन:
जिले में रविवार को उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में परीक्षा आयोजित की गई। योजना के माध्यम से निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को आगे भी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में शिक्षा का उपयोग कर सकें।-डॉ. अशोक नामवाल, नोडल अधिकारी उल्लास योजना।
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परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए एक-एक कमरे में कई शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान जिन सवालों में परीक्षार्थी उलझते नजर आए। ऐसे परीक्षार्थियों को शिक्षक समझाते नजर आए।
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दिल्ली से केंद्र सरकार की स्पेशल टीम समय-समय पर सेंटर की चेकिंग करने के लिए पहुंच रही थी। परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की ओर से साक्षरता का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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वहीं, परीक्षा में असफल रहने वाले परीक्षार्थियों को आगामी परीक्षा में दोबारा शामिल होने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सिफारिशों के अनुसार केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में पांच वर्ष की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम शुरू किया था, जिसे उल्लास योजना के नाम से संचालित किया जा रहा है।
योजना का उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन लोगों को पढ़ने-लिखने का अवसर देना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा हासिल नहीं कर सके। इसके माध्यम से लोगों को साक्षर बनाने के साथ उन्हें शिक्षा से जोड़कर सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य
वर्ष 2026-27 के लिए रेवाड़ी में कुल 28 हजार 351 लर्नर को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में विभिन्न वर्षों के दौरान अब तक कुल 18 हजार 939 लर्नर का पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। इनमें वर्ष 2023-24 के 121, वर्ष 2024-25 के 16 हजार 639, वर्ष 2025-26 के 1,992 और वर्ष 2026-27 के 187 लर्नर शामिल हैं। विभाग का मानना है कि सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से शेष लर्नर को भी योजना से जोड़ते हुए वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
वर्जन:
जिले में रविवार को उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में परीक्षा आयोजित की गई। योजना के माध्यम से निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को आगे भी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में शिक्षा का उपयोग कर सकें।-डॉ. अशोक नामवाल, नोडल अधिकारी उल्लास योजना।

उल्लास योजना के तहत परीक्षा केंद्र पर साक्षरता परीक्षा देते अभ्यर्थी।संवाद

उल्लास योजना के तहत परीक्षा केंद्र पर साक्षरता परीक्षा देते अभ्यर्थी।संवाद