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Rewari News: हड़ताल पर 115 चिकित्सक, करीब 3000 ओपीडी प्रभावित

Wed, 27 Dec 2023 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 27 Dec 2023 11:54 PM IST
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115 doctors on strike, about 3000 OPDs affected
रेवाड़ी। बुधवार को पूरे जिले में सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल होने की वजह से अस्पतालों में ओपीडी की सेवाएं पूर्ण रूप से प्रभावित रही। पूरे जिले में करीब 3000 ओपीडी प्रभावित हुई है। जिले में 115 चिकित्सक हैं। सभी हड़ताल पर बैठे हुए थे। चिकित्सकों की हड़ताल होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौजूदा समय में वैसे भी मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से वायरल के मरीजों की संख्या काफी बढ़ रही है। शहर स्थित नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 के करीब ओपीडी दर्ज की जाती है। हालांकि, इमरजेंसी सुविधाएं सुचारु रूप से जारी रही। सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग ओपीडी के लिए पर्ची कटाने को लेकर अस्पताल में आए, मगर निराशा ही हाथ लगी। काउंटर पर एक बड़ा सा पोस्टर चिकित्सकों की तरफ से लगाया गया था। इसमें इस बात की जानकारी दी गई थी कि वह हड़ताल पर हैं और लोगों से अपील की गई थी कि जो परेशानी हो रही है, इसके लिए खेद है। लोग आए और पर्ची काउंटर को बंद देखकर वापस अपने घरों की तरफ चले गए। कई लोग तो ऐसे थे जो काफी दूर से अस्पताल में इलाज के लिए आए थे। उन लोगों को काफी दिक्कतें हुई। बुजुर्गों के लिए भी काफी समस्या रही। हड़ताल के कारण अस्पताल में कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों की मौज रही। अस्पताल कर्मचारी इधर-उधर घूमते हुए नजर आए।
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इस वजह से की जा रही है हड़ताल

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला प्रधान डाॅ. संदीप यादव व महासचिव डा. अभिषेक ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के अनुरूप वह विभिन्न जिलों में विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का तत्काल कार्यान्वयन होना चाहिए। एसोसिएशन आईएचआईपी मानदंडों के अनुसार प्रवेश वेतन प्रगति और पदों के सृजन के साथ एसीपी के साथ सेवारत विशेषज्ञ डाक्टरों की वरिष्ठता को 2, 6 और 13 साल तक बनाया जाना चाहिए। मगर विशेषज्ञों की कमी के कारण चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिससे जनता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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एसएमओ के पद हो गए हैं रिक्त

चिकित्सकों का कहना है कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एसएमओएस) के लिए सीधी भर्ती बंद होने के बावजूद सेवा नियमों में तदनुसार संशोधन नहीं किया गया है। इससे एसएमओ के पद रिक्त हो गए हैं और उनके कैडर के भीतर पदोन्नति में बाधा उत्पन्न हुई है। सरकार से सभी रिक्त एसएमओ पदों को शीघ्र भरने और समय पर पदोन्नति की सुविधा के लिए विशेषज्ञ कैडर लागू करने की मांग है। स्वास्थ्य विभाग में प्रतिधारण बढ़ाने और अधिक डाक्टरों को आकर्षित करने के लिए, वह केंद्र सरकार और बिहार, दिल्ली आदि राज्यों के साथ तालमेल बिठाते हुए एक गतिशील एसीपी संरचना लागू करने की जरूरत है। यह संशोधित वेतन संरचना दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और सेवा को प्रोत्साहित करेगी।
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लिए एक करोड़ की वर्तमान बांड राशि, वित्तीय बोझ

चिकित्सकों के मुताबिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए एक करोड़ की वर्तमान बांड राशि और उससे जुड़ी शर्तें डाक्टरों पर एक महत्वपूर्ण वित्तीय बोझ पैदा करती हैं। मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से विकलांग डाक्टरों के लिए पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बिना किसी बंधक आवश्यकता के बांड राशि को घटाकर 50 लाख करनी चाहिए। विशेषज्ञ कैडर की अनुपस्थिति, गतिशील एसीपी संरचना की कमी, एसीपी कार्यान्वयन में अनियमितताएं, चिकित्सा अधिकारियों के लिए सीमित और गैर-समयबद्ध पदोन्नति के रास्ते, और अत्यधिक उच्च पीजी पालिसी बांड राशि प्राथमिक कारण हैं जिनके कारण कई एचसीएमएस डाक्टर जल्दी बाहर निकलने का विकल्प चुनते हैं। वीआरएस यह चिंताजनक प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। मांग पूरी न हुई तो जल्द हड़ताल की जाएगी।
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