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Panipat News: दो ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी
Mon, 12 Oct 2026 03:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Mon, 12 Oct 2026 03:10 AM IST
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स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को मंजूरी मिलने पर खुशी मनाते समाज के लोग। सोशल मीडिया
- फोटो : samvad
पानीपत। रेलवे स्टेशन पर उत्तर प्रदेश व बिहार जाने वाली ट्रेनों के ठहराव की मांग के लिए दो अक्टूबर से चल रहा पूर्वांचल समाज एवं मजदूर समाज के आंदोलन को बड़ी कामयाबी मिली है। आंदोलन के दौरान रखी गई छह प्रमुख मांगों में से दो मांगों को मंजूरी मिलने पर समाज ने इसे संघर्ष की दिशा में बड़ी सफलता बताया है। इनमें
अमृतसर-जयनगर स्पेशल ट्रेन के ठहराव के लिए मंजूरी दी गई है। साथ ही सहरसा-अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन का भी पानीपत स्टेशन पर ठहराव किया जाएगा। इससे समाज के लोगों को बड़ी राहत मिली है। यह उपलब्धि समाज की एकजुटता, आंदोलनकारियों के संघर्ष और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम है।
अध्यक्ष उमाशंकर राय ने बताया कि आंदोलन को समाप्त नहीं, बल्कि स्थगित किया गया है। छह प्रमुख मांगों में से दो मांगें स्वीकार की गई हैं, जबकि शेष मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार को निर्धारित समय-सीमा दी गई है। यदि तय समय के भीतर बाकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो पूर्वांचल समाज एवं मजदूर समाज इस आंदोलन को पहले से अधिक मजबूती और दोगुनी गति के साथ दोबारा शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल रेल ठहराव का विषय नहीं, बल्कि पानीपत में रहने वाले पूर्वांचल वासियों और मजदूरों के अधिकारों एवं सुविधाओं से जुड़ा है। समाज अपनी शेष मांगों को पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। संवाद
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अमृतसर-जयनगर स्पेशल ट्रेन के ठहराव के लिए मंजूरी दी गई है। साथ ही सहरसा-अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन का भी पानीपत स्टेशन पर ठहराव किया जाएगा। इससे समाज के लोगों को बड़ी राहत मिली है। यह उपलब्धि समाज की एकजुटता, आंदोलनकारियों के संघर्ष और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम है।
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अध्यक्ष उमाशंकर राय ने बताया कि आंदोलन को समाप्त नहीं, बल्कि स्थगित किया गया है। छह प्रमुख मांगों में से दो मांगें स्वीकार की गई हैं, जबकि शेष मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार को निर्धारित समय-सीमा दी गई है। यदि तय समय के भीतर बाकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो पूर्वांचल समाज एवं मजदूर समाज इस आंदोलन को पहले से अधिक मजबूती और दोगुनी गति के साथ दोबारा शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल रेल ठहराव का विषय नहीं, बल्कि पानीपत में रहने वाले पूर्वांचल वासियों और मजदूरों के अधिकारों एवं सुविधाओं से जुड़ा है। समाज अपनी शेष मांगों को पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। संवाद
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