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12 साल से शिकायत के बाद भी नहीं जागा निगम, अब बारिश से सीवर चोक हुए तो टूटी नींद
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डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से चोक हुई नालियां।
- फोटो : Panipat
प्लॉट बांटने के बाद भी शहर में अवैध रूप से चल रही सैकड़ों डेयरियों को निगम आज तक बाहर नहीं निकाल पाया है। वार्ड नंबर 3 के लोग पिछले 12 साल से इन डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से परेशान हैं। जिसकी शिकायत वे सीएम विंडो से लेकर नेताओं तक को कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी निगम की नींद नहीं खुली। अब बरसाती पानी ने निगम को नींद से जगाने का काम किया है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि डेयरियों के गोबर से नाले, नालियां व सीवर चोक हो जाते हैं। जिससे निकासी नहीं हो पाती। जिसे लेकर वे गोबर प्रबंधन नीति बना रहे हैं। नगर निगम की गोबर प्रबंधन नीति के लिए निगम पार्षदों ने निगम को सितंबर 2020 में ही सुझाव दिया था, लेकिन इसके बाद भी निगम ने इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अब गोबर प्रबंधन नीति से निगम शहर की निकासी की मुसीबत को खत्म करना चाहता है। इसके लिए पहले सभी डेयरियों का आंकड़ा लिया जाएगा। इसके बाद उन डेयरियों से निकलने वाले गोबर को वैज्ञानिक तकनीक से खत्म किया जाएगा। इसके लिए डेयरी संचालकों से चार्ज भी वसूल किया जा सकता है।
वार्ड नंबर 3 के सुधीर नगर निवासी नरेश वर्मा ने बताया कि उनके घर के पास कई अवैध डेयरियां चल रही हैं। इनसे निकनले वाले वेस्ट की वजह से कॉलोनी की सारी नालियां गोबर से भर जाती हैं। बरसाती पानी तो दूर की बात घरों से निकलने वाले पानी तक की निकासी नहीं हो पाती।
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निगम ने किया हेल्पलाइन नंबर जारी : गुरमीत
निगम ने गोबर प्रबंधन नीति के तहत हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। डेयरी संचालकों को भी निगम ने अपना पंजीकरण कराने की हिदायत दी है। पंजीकरण नहीं कराने वालों पर निगम कार्रवाई भी करेगा। निगम शहर में डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट के लिए योजना ला रहा है।
-गुरमीत नेहरा, एसआई, नगर निगम, पानीपत।
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निगम अधिकारियों का कहना है कि डेयरियों के गोबर से नाले, नालियां व सीवर चोक हो जाते हैं। जिससे निकासी नहीं हो पाती। जिसे लेकर वे गोबर प्रबंधन नीति बना रहे हैं। नगर निगम की गोबर प्रबंधन नीति के लिए निगम पार्षदों ने निगम को सितंबर 2020 में ही सुझाव दिया था, लेकिन इसके बाद भी निगम ने इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अब गोबर प्रबंधन नीति से निगम शहर की निकासी की मुसीबत को खत्म करना चाहता है। इसके लिए पहले सभी डेयरियों का आंकड़ा लिया जाएगा। इसके बाद उन डेयरियों से निकलने वाले गोबर को वैज्ञानिक तकनीक से खत्म किया जाएगा। इसके लिए डेयरी संचालकों से चार्ज भी वसूल किया जा सकता है।
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वार्ड नंबर 3 के सुधीर नगर निवासी नरेश वर्मा ने बताया कि उनके घर के पास कई अवैध डेयरियां चल रही हैं। इनसे निकनले वाले वेस्ट की वजह से कॉलोनी की सारी नालियां गोबर से भर जाती हैं। बरसाती पानी तो दूर की बात घरों से निकलने वाले पानी तक की निकासी नहीं हो पाती।
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निगम ने किया हेल्पलाइन नंबर जारी : गुरमीत
निगम ने गोबर प्रबंधन नीति के तहत हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। डेयरी संचालकों को भी निगम ने अपना पंजीकरण कराने की हिदायत दी है। पंजीकरण नहीं कराने वालों पर निगम कार्रवाई भी करेगा। निगम शहर में डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट के लिए योजना ला रहा है।
-गुरमीत नेहरा, एसआई, नगर निगम, पानीपत।

नालियों से निकला गया गोबर।- फोटो : Panipat