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Panipat News: रजनी के शव की तलाश में पानीपत से बवाना तक खंगाली पैरलल नहर
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घर से निकलने के बाद गौरव से बात करते हुए रजनी। सोशल मीडिया
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र की पूरेवाल कॉलोनी में दो लाख रुपये के लेन-देन को लेकर रजनी (45) की हत्या के मामले में पुलिस ने शव की तलाश तेज कर दी है। वीरवार को पुलिस ने एसडीआरएफ और गोताखोर प्रकट सिंह की टीम के साथ पानीपत से दिल्ली के बवाना तक करीब 90 किलोमीटर लंबी पैरलल नहर में सर्च अभियान चलाया। देर शाम तक शव बरामद नहीं हो सका।
पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव, उसकी महिला मित्र प्रीति और दोस्त शुभम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। प्रभारी अरविंद ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। तीनों को घटनास्थल पर ले जाकर निशानदेही कराई जाएगी।
वीरवार को पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम के साथ असंध रोड नहर पुल से दिल्ली के बवाना तक नहर में रजनी की तलाश की। शाम के समय बवाना के आसपास कुछ लोगों ने नहर में एक कट्टा बहते हुए देखा। इसमें शव होने की आशंका के चलते पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया। देर शाम तक पुलिस टीम के साथ रजनी के परिजन भी नहर किनारे मौजूद रहे।
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बचपन से घर आता-जाता था गौरव : रजनी के पति राजीव ने बताया कि उनके पिता सेना से सेवानिवृत्त थे और वर्ष 1997 में उन्होंने पूरेवाल कॉलोनी में मकान बनाया था। उनके पड़ोस में गौरव का परिवार रहता था। गौरव के पिता रिक्शा चलाते थे। जरूरत पड़ने पर उनका परिवार गौरव के पिता की मदद करता था। इस कारण गौरव का भी उनके घर आना-जाना था। वह रजनी को भाभी कहकर बुलाता था।
राजीव के अनुसार, गौरव जूते की दुकान पर काम करता था और उसने मदद के नाम पर रजनी से दो लाख रुपये लिए थे। बाद में रुपये लौटाने में आनाकानी करने लगा। उन्होंने बताया कि परिवार इस समय परेशानी से गुजर रहा है। मां की दवाइयों के लिए भी पैसों की जरूरत थी। इसी कारण रजनी गौरव से रुपये वापस मांग रही थी।
एक घंटे तक रजनी और गौरव में हुई थी बातचीत
पुलिस को पूछताछ में गौरव ने बताया कि उसने रजनी से दो लाख रुपये उधार लिए थे। रजनी उस पर रुपये लौटाने के लिए दबाव बना रही थी। रजनी को पैसे देने के बहाने प्रीति के कमरे पर ले गया। जहां से पर उनके बीच एक घंटे तक बात होती रही। बाद में शुभम के कमरे पर ले जाकर गला दबाकर उनकी हत्या की। शव को ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक के कट्टे का इंतजाम प्रीति ने किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद थाना प्रभारी अरविंद ने बताया था कि गौरव और शुभम ने बताया है कि रुपये के लेन-देन में गला दबाकर हत्या कर शव नहर थमें फेंक दिया था।
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पानीपत। पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र की पूरेवाल कॉलोनी में दो लाख रुपये के लेन-देन को लेकर रजनी (45) की हत्या के मामले में पुलिस ने शव की तलाश तेज कर दी है। वीरवार को पुलिस ने एसडीआरएफ और गोताखोर प्रकट सिंह की टीम के साथ पानीपत से दिल्ली के बवाना तक करीब 90 किलोमीटर लंबी पैरलल नहर में सर्च अभियान चलाया। देर शाम तक शव बरामद नहीं हो सका।
पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव, उसकी महिला मित्र प्रीति और दोस्त शुभम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। प्रभारी अरविंद ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। तीनों को घटनास्थल पर ले जाकर निशानदेही कराई जाएगी।
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वीरवार को पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम के साथ असंध रोड नहर पुल से दिल्ली के बवाना तक नहर में रजनी की तलाश की। शाम के समय बवाना के आसपास कुछ लोगों ने नहर में एक कट्टा बहते हुए देखा। इसमें शव होने की आशंका के चलते पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया। देर शाम तक पुलिस टीम के साथ रजनी के परिजन भी नहर किनारे मौजूद रहे।
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बचपन से घर आता-जाता था गौरव : रजनी के पति राजीव ने बताया कि उनके पिता सेना से सेवानिवृत्त थे और वर्ष 1997 में उन्होंने पूरेवाल कॉलोनी में मकान बनाया था। उनके पड़ोस में गौरव का परिवार रहता था। गौरव के पिता रिक्शा चलाते थे। जरूरत पड़ने पर उनका परिवार गौरव के पिता की मदद करता था। इस कारण गौरव का भी उनके घर आना-जाना था। वह रजनी को भाभी कहकर बुलाता था।
राजीव के अनुसार, गौरव जूते की दुकान पर काम करता था और उसने मदद के नाम पर रजनी से दो लाख रुपये लिए थे। बाद में रुपये लौटाने में आनाकानी करने लगा। उन्होंने बताया कि परिवार इस समय परेशानी से गुजर रहा है। मां की दवाइयों के लिए भी पैसों की जरूरत थी। इसी कारण रजनी गौरव से रुपये वापस मांग रही थी।
एक घंटे तक रजनी और गौरव में हुई थी बातचीत
पुलिस को पूछताछ में गौरव ने बताया कि उसने रजनी से दो लाख रुपये उधार लिए थे। रजनी उस पर रुपये लौटाने के लिए दबाव बना रही थी। रजनी को पैसे देने के बहाने प्रीति के कमरे पर ले गया। जहां से पर उनके बीच एक घंटे तक बात होती रही। बाद में शुभम के कमरे पर ले जाकर गला दबाकर उनकी हत्या की। शव को ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक के कट्टे का इंतजाम प्रीति ने किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद थाना प्रभारी अरविंद ने बताया था कि गौरव और शुभम ने बताया है कि रुपये के लेन-देन में गला दबाकर हत्या कर शव नहर थमें फेंक दिया था।

घर से निकलने के बाद गौरव से बात करते हुए रजनी। सोशल मीडिया

घर से निकलने के बाद गौरव से बात करते हुए रजनी। सोशल मीडिया