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परिजनों ने दूसरे दिन भी घेरे रखा अस्पताल, आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार करने की मांग
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:39 PM IST
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परिजनों ने दूसरे दिन भी घेरे रखा अस्पताल, आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार करने की मांग
-अस्पताल में फाइनेंसर की मौत का मामला, एसपी, डीएसपी, चौकी प्रभारी पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जीटी रोड सिवाह स्थित पार्क अस्पताल में उपचार के दौरान हुई फाइनेंसर की मौत पर भड़के परिजनों ने दूसरे दिन भी अस्पताल को घेरे रखा। परिजन आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीण बार-बार जीटी रोड जाम करने की चेतावनी देते रहे। मामला भड़कते देख एसपी राहुल शर्मा, डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन, थाना चांदनी बाग प्रभारी संदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। एसपी ने परिजनों को शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड से कराकर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। एसपी के आश्वासन के बाद परिजन शव उठाने पर राजी हुए। पुलिस ने सिविल अस्पताल में दो डॉक्टरों के गठित बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक व पार्क अस्पताल के एक डॉक्टर के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 व 394-ए के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
गांव सिवाह के पास जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल में उपचाराधीन गांव नांगल खेड़ी निवासी अमित की मौत से गुस्साए परिजनों ने सोमवार को दूसरे दिन सुबह भी अस्पताल को घेरे रखा। सूचना पर पुलिस अधिकारियों के साथ बस अड्डा चौकी प्रभारी सुनील कुमार, सेक्टर-29 चौकी प्रभारी महाबीर सिंह भी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। एसपी ने बातचीत के लिए पांच ग्रामीणों को बुलाया और अस्पताल के सीईओ के साथ मीटिंग की। एसपी करीब पौने घंटे के बाद मीटिंग से बाहर आए और परिजनों को डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाने और रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
छावनी बना रहा अस्पताल
सोमवार सुबह अस्पताल में चारों तरफ पुलिस ही पुलिस दिखाई दी। अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील रहा। पुलिस बल हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए आसूं गैस के गोले लिए पूरी तैयारी के साथ दिखाई दिए।
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महिलाओं ने किया अस्पताल में घुसने का प्रयास
सुबह करीब सात बजे ग्रामीण अस्पताल प्रांगण में जमा हुए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। गुस्साई महिलाओं ने अस्पताल में घुसने का प्रयास किया, लेकिन महिला पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ भी कहासुनी हुई।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था अमित
परिजनों ने बताया कि अमित तीन भाइयों में सबसे छोटा था और अविवाहिता था। वह खेती-बाड़ी संभालने के साथ-साथ फाइनेंस का भी काम करता था। अमित की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।
यह है मामला
गांव नांगल खेड़ी निवासी अमित (25) शनिवार को बाइक पर सवार होकर गांव बड़ौली में अपने मामा के घर गया था। रात 11 बजे वह बड़ौली से वापस गांव के लिए रवाना हुआ। जीटी रोड करनाल-दिल्ली रोड पर अनाज मंडी मोड़ से आगे शनि मंदिर के पास किसी वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में अमित गंभीर रूप से घायल हो गया। पार्क अस्पताल की एंबुलेंस घायल को लेकर पार्क अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत में सुधार बताया था, लेकिन रविवार देर शाम डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए ऑप्रेशन करने की बात कही। आप्रेशन के दौरान अमित की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
अमित की पेट की मेजर नस फट गई थी, जिससे इंटरनल ब्लीडिंग हुई और ब्लड प्रेशर काफी लो हो गया था। जिससे उसकी मौत हुई। मामले में पार्क अस्पताल के डॉक्टरों की भूमिका की जांच करने के लिए दिल्ली से डॉ. महेश्वरी को साथ लेकर यहां पहुंचे। मामले की जांच की जाएगी। किसी डॉक्टर की लापरवाही मिलती है तो उस पर अस्पताल प्रबंधन भी कार्रवाई करेगा।
डॉ. संजय शर्मा, ग्रुप प्रेजीडेंट, पार्क अस्पताल।
परिजनों को मामले में निष्पक्षता से जांच करवाने का आश्वासन देकर शांत किया और सिविल अस्पताल में दो डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक व पार्क अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।
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-अस्पताल में फाइनेंसर की मौत का मामला, एसपी, डीएसपी, चौकी प्रभारी पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जीटी रोड सिवाह स्थित पार्क अस्पताल में उपचार के दौरान हुई फाइनेंसर की मौत पर भड़के परिजनों ने दूसरे दिन भी अस्पताल को घेरे रखा। परिजन आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीण बार-बार जीटी रोड जाम करने की चेतावनी देते रहे। मामला भड़कते देख एसपी राहुल शर्मा, डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन, थाना चांदनी बाग प्रभारी संदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। एसपी ने परिजनों को शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड से कराकर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। एसपी के आश्वासन के बाद परिजन शव उठाने पर राजी हुए। पुलिस ने सिविल अस्पताल में दो डॉक्टरों के गठित बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक व पार्क अस्पताल के एक डॉक्टर के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 व 394-ए के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
गांव सिवाह के पास जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल में उपचाराधीन गांव नांगल खेड़ी निवासी अमित की मौत से गुस्साए परिजनों ने सोमवार को दूसरे दिन सुबह भी अस्पताल को घेरे रखा। सूचना पर पुलिस अधिकारियों के साथ बस अड्डा चौकी प्रभारी सुनील कुमार, सेक्टर-29 चौकी प्रभारी महाबीर सिंह भी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। एसपी ने बातचीत के लिए पांच ग्रामीणों को बुलाया और अस्पताल के सीईओ के साथ मीटिंग की। एसपी करीब पौने घंटे के बाद मीटिंग से बाहर आए और परिजनों को डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाने और रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
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छावनी बना रहा अस्पताल
सोमवार सुबह अस्पताल में चारों तरफ पुलिस ही पुलिस दिखाई दी। अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील रहा। पुलिस बल हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए आसूं गैस के गोले लिए पूरी तैयारी के साथ दिखाई दिए।
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महिलाओं ने किया अस्पताल में घुसने का प्रयास
सुबह करीब सात बजे ग्रामीण अस्पताल प्रांगण में जमा हुए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। गुस्साई महिलाओं ने अस्पताल में घुसने का प्रयास किया, लेकिन महिला पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ भी कहासुनी हुई।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था अमित
परिजनों ने बताया कि अमित तीन भाइयों में सबसे छोटा था और अविवाहिता था। वह खेती-बाड़ी संभालने के साथ-साथ फाइनेंस का भी काम करता था। अमित की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।
यह है मामला
गांव नांगल खेड़ी निवासी अमित (25) शनिवार को बाइक पर सवार होकर गांव बड़ौली में अपने मामा के घर गया था। रात 11 बजे वह बड़ौली से वापस गांव के लिए रवाना हुआ। जीटी रोड करनाल-दिल्ली रोड पर अनाज मंडी मोड़ से आगे शनि मंदिर के पास किसी वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में अमित गंभीर रूप से घायल हो गया। पार्क अस्पताल की एंबुलेंस घायल को लेकर पार्क अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत में सुधार बताया था, लेकिन रविवार देर शाम डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए ऑप्रेशन करने की बात कही। आप्रेशन के दौरान अमित की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
अमित की पेट की मेजर नस फट गई थी, जिससे इंटरनल ब्लीडिंग हुई और ब्लड प्रेशर काफी लो हो गया था। जिससे उसकी मौत हुई। मामले में पार्क अस्पताल के डॉक्टरों की भूमिका की जांच करने के लिए दिल्ली से डॉ. महेश्वरी को साथ लेकर यहां पहुंचे। मामले की जांच की जाएगी। किसी डॉक्टर की लापरवाही मिलती है तो उस पर अस्पताल प्रबंधन भी कार्रवाई करेगा।
डॉ. संजय शर्मा, ग्रुप प्रेजीडेंट, पार्क अस्पताल।
परिजनों को मामले में निष्पक्षता से जांच करवाने का आश्वासन देकर शांत किया और सिविल अस्पताल में दो डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक व पार्क अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।