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इंडो-बांग्ला बॉर्डर पर तारों के नीचे से मानव तस्कर निकालते हैं किशोरियों को

Thu, 09 May 2019 12:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 09 May 2019 12:07 AM IST
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इंडो-बांग्ला बॉर्डर पर तारों के नीचे से मानव तस्कर निकालते हैं किशोरियों को
पानीपत। मानव तस्करी का आरोपी नई दिल्ली निवासी संदीप भारत-बांग्लादेश की सीमा लांघकर घुसपैठ कर मानव तस्करी करता है। संदीप 20 दिन पहले ही ढाका से 17 साल की किशोरी को दिल्ली में ब्यूटी पार्लर का काम सिखाने व शादी का झांसा देकर दिल्ली लाया था। संदीप ने दिल्ली में उसके साथ दो बार दुराचार किया और फिर दिल्ली के रोहिणी निवासी राहुल को बेच दिया। राहुल ने पानीपत में उसेे 4 हजार में बेच दिया।
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आरोपी संदीप इस घिनौने काम का मास्टर माइंड है। वह ढाका जाने से पहले 20 दिन का राशन साथ लेकर जाता है। फिर ढाका में गलियों में घूमकर किशोरियों के साथ दोस्ती करता है और नई दिल्ली में उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देता है। वह किशोरी को अपनी बातों में फंसाकर बताता है कि उन्हें भारत-बांग्लादेश बार्डर कैसे लांघना है। संदीप बीएसएफ का सुरक्षा घेरा तोड़ने में माहिर है। वह किशोरियों को अपने पीछे रखता है। वह बॉर्डर के पास घनी घास में किशोरी को छुपाकर रखता है। जैसे ही बीएसएफ की पेट्रोलिंग पार्टी बार्डर पर इधर से उधर गुजरती है। वो पहले खुद बॉर्डर पर लगी नुकीली व करंट प्रवाहित तारों के नीचे से निकलता है और फिर दूसरी तरफ बैठकर किशोरियों को इशारों में बताता था कि उन्हें तारों के नीचे से कैसे निकलना है और शरीर को कितना हिलाना है। इसके बाद वो बंगाल की राजधानी कोलकता पहुंचकर वहां से नई दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़ता और किशोरी को नई दिल्ली में होटलों में रखता है। इसके बाद वह उन्हें या तो मानव तस्करी करने वाले प्लेसमेंट ऑफिस में सौंप देता है या फिर देश के विभिन्न हिस्सों में जिस्म के सौदागरों को बेच देता है।
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दो दिन पहले पानीपत में पुलिस ने बरामद की किशोरी ने बाल कल्याण समिति को अपनी पूरी कहानी बताई। किशोरी ने बताया कि संदीप पहले भी लगभग 10 लड़कियों को बांग्लादेश से भारत ला चुका है। वो बांग्ला भाषा अच्छी तरह जानता है, इसलिए उसको लड़कियों से दोस्ती करने में कोई दिक्कत नहीं होती। बांग्लादेश से किशोरियों को लाते हुए उन्हें खाने में भी बहुत थोड़ा देता है। बांग्लादेश-भारत का बार्डर पार करने में 8-10 दिन लग जाते हैं, क्योंकि वो किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहता। वो उन्हें ये निर्देश देता था कि अगर कहीं भी पुलिस या सुरक्षा बल उनसे कोई बात करें तो वो चुप रहे। वह खुद पूरे मामले को संभाल लेगा। अब पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस भारत-बांग्लादेश बॉर्डर को लांघने के मामले की भी कई पहलूओं पर जांच कर रही है।
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