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ठेकेदार ने सूखी घास में लगाई आग, आग पावर हाउस व फायर स्टेशन तक पहुंची, करोड़ों का नुकसान

Tue, 25 Jun 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2019 01:03 AM IST
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ठेकेदार ने सूखी घास में लगाई आग, आग पावर हाउस व फायर स्टेशन तक पहुंची, करोड़ों का नुकसान
थर्मल/पानीपत। पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में ठेकेदार ने घास की कटाई कर एक जगह इकट्ठी कर उसमें आग लगा दी। आग धीरे-धीरे 132 केवी सब स्टेशन व फायर स्टेशन तक पहुंच गई। आग ने दोनों स्टेशन को चपेट में ले लिया। इसमें पावर हाउस की सभी बिजली की तार जल गए। कई ट्रांसफार्मर में आग के कारण बड़े धमाके हुए। आग के कारण थर्मल रेलवे की बिजली सप्लाई भी ठप हो गई। इस कारण थर्मल में आने वाली सोमवार रात तक की मालगाड़ियों को रद्द कर दिया गया। थर्मल की यूनिट नंबर 7 व 8 ट्रिप हो गई। आग के कारण थर्मल का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। दमकल विभाग की 6 गाड़ियों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के बाद 8 गांवों व थर्मल कॉलोनी की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। थर्मल प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। अब बिजली व्यवस्था ठीक होने में मंगलवार सुबह तक का वक्त लगेगा।
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पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में ठेकेदार स्टेशन के अंदर खड़ी घास व सरकंडे की कटाई का लाखों रुपये का ठेका लेते हैं। नियमानुसार ठेकेदार को यहां से घास की कटाई कर स्टेशन से बाहर डालनी होती है, लेकिन ठेकेदार पैसा बचाने के लिए स्टेशन के अंदर ही घास को इकट्ठा कर उसमें आग लगा देते हैं। इसी कारण सोमवार को थर्मल पावर स्टेशन के अंदर बड़ा हादसा हो गया। ठेकेदार आग लगाकर वहां से चला गया। आग पावर स्टेशन व सर्विस स्टेशन तक पहुंच गई। आग की चपेट में सर्विस स्टेशन की मशीनें व पावर स्टेशन में रखे ट्रांसफार्मर व बिजली की केबल जल गए। हादसे के बाद थर्मल कॉलोनी में रहने वाले 500 परिवारों में दहशत का माहौल है। लोगों ने थर्मल प्रशासन से ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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2018 में भी करोड़ों का हुआ था नुकसान-
ऑल हरियाणा कर्मचारी यूनियन के प्रेस सचिव सतीश पांचाल ने बताया कि ठेकेदार अधिकारियों से मिलीभगत कर हर वर्ष थर्मल पावर स्टेशन में आग लग जाती है। अधिकारी ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं करते। ठेकेदार पैसे बचाने के लिए प्लांट के अंदर ही आग लगा देते हैं। 2018 में भी थर्मल में पांच करोड़ का नुकसान हो गया था। अगर उस समय थर्मल प्रशासन ठेकेदार पर कार्रवाई कर देता तो आज ये नौबत नहीं आती। थर्मल पावर प्लांट के एसई सिविल एके सचदेवा ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मौके का निरीक्षण किया गया है। हादसे में काफी नुकसान हुआ है। जो भी इस हादसे का दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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