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Palwal News: कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर मिलेगा एक लाख का इनाम
Tue, 16 Sep 2025 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Tue, 16 Sep 2025 11:08 PM IST
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सूचना देने वाले का नाम रखा जाएगा गुप्त, उपायुक्त ने बैठक कर दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में जिले में भी कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बैठक की गई। बैठक में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा है कि कन्या भ्रूण हत्या की सही सूचना देने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। यदि कोई गर्भवती महिला भ्रूण हत्या व लिंग जांच में संलिप्त लोगों को पकड़वाने में सहयोग करती है तो उसे भी 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि यदि कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर भ्रूण हत्या या लिंग जांच की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो उसका पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई की सूचना देकर प्रशासन का सहयोग करें।
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कन्या भ्रूण हत्या करने पर होती है पांच साल कैद की सजा
उपायुक्त ने बताया कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट-1994 के तहत गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण अपराध की श्रेणी में आता है। पहली बार अपराध करने पर डॉक्टर या सेंटर संचालक को तीन साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना का प्रवधान है। वहीं, दूसरी बार अपराध करने पर पांच साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। दोषी पाए जाने पर डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन भी निलंबित कर दिया जाएगा। पहले अपराध पर रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए और दोबारा अपराध पर स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। पति या परिवार के अन्य सदस्य यदि लिंग चयन के लिए उकसाते हैं तो उन्हें भी तीन साल तक की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, पुनः अपराध पर सजा पांच साल और जुर्माना एक लाख तक हो सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में जिले में भी कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बैठक की गई। बैठक में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा है कि कन्या भ्रूण हत्या की सही सूचना देने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। यदि कोई गर्भवती महिला भ्रूण हत्या व लिंग जांच में संलिप्त लोगों को पकड़वाने में सहयोग करती है तो उसे भी 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि यदि कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर भ्रूण हत्या या लिंग जांच की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो उसका पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई की सूचना देकर प्रशासन का सहयोग करें।
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कन्या भ्रूण हत्या करने पर होती है पांच साल कैद की सजा
उपायुक्त ने बताया कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट-1994 के तहत गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण अपराध की श्रेणी में आता है। पहली बार अपराध करने पर डॉक्टर या सेंटर संचालक को तीन साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना का प्रवधान है। वहीं, दूसरी बार अपराध करने पर पांच साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। दोषी पाए जाने पर डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन भी निलंबित कर दिया जाएगा। पहले अपराध पर रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए और दोबारा अपराध पर स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। पति या परिवार के अन्य सदस्य यदि लिंग चयन के लिए उकसाते हैं तो उन्हें भी तीन साल तक की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, पुनः अपराध पर सजा पांच साल और जुर्माना एक लाख तक हो सकता है।
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