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Palwal News: बच्ची की माैत के बंद कराया मैनहोल
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शमशाबाद रोड़ स्थित मैनहोल पर लगा ढक्कन । विभाग
गांधी नगर में बच्ची दीपांशी की माैत मामले में एडीसी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित
48 घंटे में सामने आएगी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांधी नगर कॉलोनी में सोमवार रात खुले मैनहोल में गिरकर चार वर्षीय बच्ची दीपांशी की मौत के बाद हादसे की जिम्मेदारी को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद आमने-सामने नजर आ रहे हैं। दोनों विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर मैनहोल का ढक्कन किसने हटाया और बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है?
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता हेमंत ने बताया कि शहर में टूटे हुए मैनहोल के ढक्कन विभाग की ओर से तुरंत बदलवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी कॉलोनी में हुए हादसे से जनस्वास्थ्य विभाग का कोई संबंध नहीं है। वहां नगर परिषद की ओर से सड़क निर्माण कराया जा रहा था। सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार ने मैनहोल का ढक्कन हटाया था, लेकिन बाद में उसे दोबारा नहीं लगाया गया।
वहीं, नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता मनोज ने बताया कि सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार हेम सिंह ने उन्हें बताया है कि उसने मैनहोल का ढक्कन नहीं हटाया था। दोनों विभागों के अलग-अलग दावों से हादसे की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति और उलझ गई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मैनहोल का ढक्कन किसने हटाया और उसे खुला छोड़ने के लिए कौन जिम्मेदार है?
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हादसे के बाद उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने मामले की जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। समिति को 48 घंटे के अंदर हादसे की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट में हादसे के कारणों और मैनहोल का ढक्कन खुला छोड़ने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या विभाग की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद ही हादसे के दोषी का पता चल सकेगा।
हादसे के बाद हरकत में आया विभाग
दीपांशी की मौत के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में खुले और टूटे मैनहोल के ढक्कनों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने मंगलवार शाम शमशाबाद में टूटे मैनहोल के ढक्कन बदलवाकर नए ढक्कन लगवा दिए। इसके साथ ही पंचवटी कॉलोनी में भी टूटे मैनहोल के ढक्कन बदलवाए गए। लोगों का कहना है कि यह काम पहले कर दिया जाता तो बच्ची की जान बच जाती।
अब भी कई मैनहोल के ढक्कन जर्जर
शहर के पॉश इलाकों में शामिल सेक्टर-2 से होकर गुजरने वाली ओल्ड जीटी रोड पर कई मैनहोल के ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं। इनकी हालत इतनी खराब है कि कभी भी हादसा हो सकता है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच क्षतिग्रस्त ढक्कन वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। मैनहोल के ढक्कनों की खराब स्थिति के बारे में जब जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता हेमंत को बताया गया तो उन्होंने कहा कि मामला अभी संज्ञान में आया है। जल्द ही क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलवा दिया जाएगा।
खेलने के दौरान हुआ हादसा
कैंप थाना क्षेत्र के शमशाबाद स्थित प्रकाश कॉलोनी, गांधी नगर में सोमवार देर रात खुले मैनहोल में गिरने से चार वर्षीय दीपांशी की मौत हो गई। बच्ची खेलते हुए सीवर के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान वह उसमें गिर गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। काफी देर बाद मैनहोल के अंदर शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया था।
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48 घंटे में सामने आएगी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांधी नगर कॉलोनी में सोमवार रात खुले मैनहोल में गिरकर चार वर्षीय बच्ची दीपांशी की मौत के बाद हादसे की जिम्मेदारी को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद आमने-सामने नजर आ रहे हैं। दोनों विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर मैनहोल का ढक्कन किसने हटाया और बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है?
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता हेमंत ने बताया कि शहर में टूटे हुए मैनहोल के ढक्कन विभाग की ओर से तुरंत बदलवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी कॉलोनी में हुए हादसे से जनस्वास्थ्य विभाग का कोई संबंध नहीं है। वहां नगर परिषद की ओर से सड़क निर्माण कराया जा रहा था। सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार ने मैनहोल का ढक्कन हटाया था, लेकिन बाद में उसे दोबारा नहीं लगाया गया।
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वहीं, नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता मनोज ने बताया कि सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार हेम सिंह ने उन्हें बताया है कि उसने मैनहोल का ढक्कन नहीं हटाया था। दोनों विभागों के अलग-अलग दावों से हादसे की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति और उलझ गई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मैनहोल का ढक्कन किसने हटाया और उसे खुला छोड़ने के लिए कौन जिम्मेदार है?
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हादसे के बाद उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने मामले की जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। समिति को 48 घंटे के अंदर हादसे की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट में हादसे के कारणों और मैनहोल का ढक्कन खुला छोड़ने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या विभाग की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद ही हादसे के दोषी का पता चल सकेगा।
हादसे के बाद हरकत में आया विभाग
दीपांशी की मौत के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में खुले और टूटे मैनहोल के ढक्कनों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने मंगलवार शाम शमशाबाद में टूटे मैनहोल के ढक्कन बदलवाकर नए ढक्कन लगवा दिए। इसके साथ ही पंचवटी कॉलोनी में भी टूटे मैनहोल के ढक्कन बदलवाए गए। लोगों का कहना है कि यह काम पहले कर दिया जाता तो बच्ची की जान बच जाती।
अब भी कई मैनहोल के ढक्कन जर्जर
शहर के पॉश इलाकों में शामिल सेक्टर-2 से होकर गुजरने वाली ओल्ड जीटी रोड पर कई मैनहोल के ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं। इनकी हालत इतनी खराब है कि कभी भी हादसा हो सकता है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच क्षतिग्रस्त ढक्कन वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। मैनहोल के ढक्कनों की खराब स्थिति के बारे में जब जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता हेमंत को बताया गया तो उन्होंने कहा कि मामला अभी संज्ञान में आया है। जल्द ही क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलवा दिया जाएगा।
खेलने के दौरान हुआ हादसा
कैंप थाना क्षेत्र के शमशाबाद स्थित प्रकाश कॉलोनी, गांधी नगर में सोमवार देर रात खुले मैनहोल में गिरने से चार वर्षीय दीपांशी की मौत हो गई। बच्ची खेलते हुए सीवर के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान वह उसमें गिर गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। काफी देर बाद मैनहोल के अंदर शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया था।