{"_id":"75a9639f73adeec8911293928d87cc97","slug":"five-murder-accused-in-court-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने गुरु की मौत का बदला लेने के लिए की पांच हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपने गुरु की मौत का बदला लेने के लिए की पांच हत्या
महेंद्रगढ़ / नारनौल
Updated Mon, 25 Jan 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीआईए पुलिस ने सोमवार को 5 लाख के इनामी बदमाश वीरेंद्र उर्फ झुथर वासी खेरोली को एम जेड खान की कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने बदमाश को 14 दिन के लिए नसीबपुर जेल में भेज दिया गया।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार 5 लाख के इनामी बदमाश वीरेंद्र उर्फ झुथर को सीआईए पुलिस ने 7 दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान आरोपी ने एक देशी कट्टा सोहनपुर की पहाड़ियों पाटन राजस्थान से बरामद करवाया है। वहीं आरोपी ने पूछताछ पर बतलाया की वह और उसका दोस्त विक्रम उर्फ पपला शक्ति गुर्जर के चेले थे। जिस समय शक्ति गुर्जर की हत्या हुई तब वह वही उसके नजदीक सो रहा था। इस दौरान उसे भी गोली लगी थी। तभी उसने और उसके दोस्त पपला ने कसम खाई थी कि वे अपने गुरु का बदला जरूर लेंगे। इसके बाद दोनों ने एक के बाद एक करके पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिए। आरोपी ने बताया कि श्रीराम बिहारीपुर की हत्या उन्होंने राजीनामा न करने पर की थी।
विज्ञापन
चीकू को नहीं मार पाये
वहीं वांछित अपराधी सुरेंद्र उर्फ चीकू वासी गांव मोहनपुर को गुड़गांव पुलिस ने 23 जुलाई को गिरफ्तार किया था। उसे मारने के लिए वे दोनों गुड़गांव गये थे, लेकिन पुलिस उसे लेकर जा चुकी थी। इस कारण उनका प्लान फेल हो गया था। इसके बाद वे दोनों चीकू की पेशी पर उसको मारने के लिए नारनौल अस्पताल भी पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की कड़ी सुरक्षा की वजह से वे चीकू को नहीं मार पाये।
विज्ञापन
पपला गिरफ्त से बाहर
इन दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए एक स्पेशल टीम इनके पीछे लगी हुई थी, जो पपला झुथर से अलग हो गया और लगातार पुलिस की घेराबंदी की वजह से हर रोज अपने ठिकाने बदलता रहा इसलिए अपने आप को बचाने के लिए मजबूर होकर वीरेंद्र उर्फ झुथर ने आखिर में दिल्ली पुलिस के सामने 6 जनवरी 2016 को सरेंडर कर दिया। वीरेंद्र का एक साथी विक्रम उर्फ पपला अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।