{"_id":"5c0972f9bdec22414a2afc8a","slug":"161544123129-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलमारी से ताला खोलकर 2.33 लाख की नकदी चोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अलमारी से ताला खोलकर 2.33 लाख की नकदी चोरी
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। पुलिस एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़ित को एक सप्ताह तक चक्कर लगाने पड़े। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के फोन के बाद पीड़ित कारोबारी कमल की शिकायत पर चोरी की एफआईआर दर्ज हुई। कमल ने बताया कि उनके घर में अलमारी से दो लाख 33 हजार रुपये चोरी हो गए।
ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले कमल ने बताया कि उनके पिता अनिल गोयल की बेकरी की दुकान है। 28 नवंबर की रात को उनकी माता ऊषा देवी की तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद वह अपनी माता को लेकर रेवाड़ी चला गया। सुबह करीब चार बजे उनके पिता बेकरी की दुकान पर चले गए। उनके छोटे भाई सात्विक और बहन मोनिका घर पर थे। जब वह सुबह उठे तो उसकी तबीयत खराब हो गई। घर पर पैसे की जरूरत पड़ने पर कमल ने अपनी बहन मोनिका को फोन किया। जब मोनिका ने अलमारी खोली तो उसमें कोई रुपये नहीं मिले। कमल ने बताया कि अलमारी में करीब 2 लाख 33 हजार रुपये की नकदी रखी हुई थी। जब उन्होंने घर आकर जांच की तो पता लगा कि बॉलकोनी की कुंडी टूटी हुई थी।
कमल ने बताया कि उन्होंने सिटी पुुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पुलिस कर्मी एफआईआर करने में बहाने बनाते रहे। एफआईआर दर्ज न होने को लेकर वह शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा से मिले। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मौके से ही डीएसपी सतेंद्र कुमार को फोन किया। डीएसपी ने एसएचओ को फोन किया। करीब एक सप्ताह बाद चोरी की शिकायत दर्ज हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। पुलिस एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़ित को एक सप्ताह तक चक्कर लगाने पड़े। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के फोन के बाद पीड़ित कारोबारी कमल की शिकायत पर चोरी की एफआईआर दर्ज हुई। कमल ने बताया कि उनके घर में अलमारी से दो लाख 33 हजार रुपये चोरी हो गए।
ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले कमल ने बताया कि उनके पिता अनिल गोयल की बेकरी की दुकान है। 28 नवंबर की रात को उनकी माता ऊषा देवी की तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद वह अपनी माता को लेकर रेवाड़ी चला गया। सुबह करीब चार बजे उनके पिता बेकरी की दुकान पर चले गए। उनके छोटे भाई सात्विक और बहन मोनिका घर पर थे। जब वह सुबह उठे तो उसकी तबीयत खराब हो गई। घर पर पैसे की जरूरत पड़ने पर कमल ने अपनी बहन मोनिका को फोन किया। जब मोनिका ने अलमारी खोली तो उसमें कोई रुपये नहीं मिले। कमल ने बताया कि अलमारी में करीब 2 लाख 33 हजार रुपये की नकदी रखी हुई थी। जब उन्होंने घर आकर जांच की तो पता लगा कि बॉलकोनी की कुंडी टूटी हुई थी।
विज्ञापन
कमल ने बताया कि उन्होंने सिटी पुुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पुलिस कर्मी एफआईआर करने में बहाने बनाते रहे। एफआईआर दर्ज न होने को लेकर वह शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा से मिले। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मौके से ही डीएसपी सतेंद्र कुमार को फोन किया। डीएसपी ने एसएचओ को फोन किया। करीब एक सप्ताह बाद चोरी की शिकायत दर्ज हो सकी।
विज्ञापन