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जुलाई से राज्य में पीडीएस हो जाएगी ऑनलाइन, उपभोक्ता किसी भी डिपो से ले सकेंगे राशन
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:24 PM IST
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अगले माह से किसी डिपो से ले सकेंगे राशन
पीडीएस हो जाएगी ऑनलाइन, इस माह 9 जिलों में शुरू हुई यह योजना
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जुलाई माह से राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी। इससे उपभोक्ता राज्य के किसी भी हिस्से में स्थिति राशन डिपो से अपना राशन प्राप्त कर सकेगा। यही नहीं, उपभोक्ता अंगूठा लगाकर कैशलेस माध्यम से भी राशन खरीद सकता है और इसकी पूरी जानकारी उसे उसके मोबाइल पर मिलेगी। यह योजना इस माह राज्य के 9 जिलों में शुरू हो गई, बाकी बचे हुए जिलों में अगले माह शुरू हो जाएगी।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस योजना की जानकारी देने के लिए मंगलवार को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एसीएस एसएस प्रसाद ने पंचायत भवन में बैठक की। इसमें उन्होंने पीडीएस और पीओएस के फायदों के बारे में बताया। एसीएस ने कहा कि जुलाई माह से प्रदेश के सभी जिलों में यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। पहले चरण में यह योजना एक अप्रैल से अंबाला, कैथल, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, हिसार और भिवानी में शुरू हो चुकी है, वहीं इस माह से फतेहाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़, रोहतक, यमुनानगर और सिरसा में शुरू हो चुकी है, बाकी बचे जिले में जुलाई महीने से इसे शुरू किया जाएगा। उन्होेंने कहा कि उपभोक्ता पीओएस से आधार नंबर और मोबाइल नंबर भी डलवा सकता है और मर्जी से प्रदेश के किसी भी डिपो होल्डर से कहीं भी महीने के किसी भी दिन राशन प्राप्त कर सकता है। इतना ही नहीं यदि किसी उपभोक्ता के पास खुले पैसे नहीं है, तो बैंक का खाता राशन लेते समय आधार के साथ लिंक होने से निर्धारित राशि एटोमैटिक तरीके से प्राप्त करने का प्रावधान है। बैठक में डीसी मंदीप सिंह बराड़, एसडीएम करनाल योगेश कुमार, एसडीएम असंध अनुराग ढालिया, एसडीएम घरौंडा वर्षा खांगवाल, एसडीएम इंद्री मनीषा शर्मा, उपनिदेशक एनके मित्तल, डीएफएससी अनिल कुमार सहित पार्षद, सरपंच, पंच, डिपो होल्डर और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
डिपो होल्डर नहीं कर सकेंगे हेरफेर
पूरी राशन वितरण का ऑनलाइन होने का सबसे खास बात यह है कि डिपो होल्डर राशन वितरण में किसी तरह की हेरफेर नहीं कर सकेंगे। एसीएस एसएस प्रसाद ने बताया कि योजना के अनुसार उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर उनके डिपो में जुड़ने के साथ ही सर्वर से जोड़ा गया है। इसलिए जैसे ही संबंधित डिपो का राशन डिपो के लिए निकलेगा, उपभोक्ता के मोबाइल पर एसएमएस आ जाएगा। इसके साथ-साथ राशन लेने के बाद भी उपभोक्ता को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी कि उसने किस डिपो से कितना राशन लिया है। इसके अलावा उपभोक्ता विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी अपनी खरीद से संबंधित पूरी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
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बिना आधार नहीं मिलेगा राशन
जिन जिलों में यह व्यवस्था लागू हो गई है, वहां अब बिना आधार वाले उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल पाएगा। इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक राशन कार्ड के साथ आधार नंबर को लिंक नहीं कराया वे किसी भी राशन डिपो पर जाकर अपना आधार नंबर लिंक करा सकते हैं। इसके अलावा एक राशन कार्ड पर जितने परिवार के सदस्यों का आधार नंबर होगा, उतना ही राशन मिलेगा। मान लो आपके परिवार में पांच सदस्य हैं और आप प्रति व्यक्ति पांच किलो के हिसाब से माह में 25 किलो गेहूं पाने के हकदार हैं, लेकिन आपने अगर राशन कार्ड पर परिवार के तीन सदस्यों का आधार नंबर दर्ज कराया है तो आपको 15 किलो गेहूं ही मिलेगा।
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अगले माह से किसी डिपो से ले सकेंगे राशन
पीडीएस हो जाएगी ऑनलाइन, इस माह 9 जिलों में शुरू हुई यह योजना
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जुलाई माह से राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी। इससे उपभोक्ता राज्य के किसी भी हिस्से में स्थिति राशन डिपो से अपना राशन प्राप्त कर सकेगा। यही नहीं, उपभोक्ता अंगूठा लगाकर कैशलेस माध्यम से भी राशन खरीद सकता है और इसकी पूरी जानकारी उसे उसके मोबाइल पर मिलेगी। यह योजना इस माह राज्य के 9 जिलों में शुरू हो गई, बाकी बचे हुए जिलों में अगले माह शुरू हो जाएगी।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस योजना की जानकारी देने के लिए मंगलवार को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एसीएस एसएस प्रसाद ने पंचायत भवन में बैठक की। इसमें उन्होंने पीडीएस और पीओएस के फायदों के बारे में बताया। एसीएस ने कहा कि जुलाई माह से प्रदेश के सभी जिलों में यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। पहले चरण में यह योजना एक अप्रैल से अंबाला, कैथल, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, हिसार और भिवानी में शुरू हो चुकी है, वहीं इस माह से फतेहाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़, रोहतक, यमुनानगर और सिरसा में शुरू हो चुकी है, बाकी बचे जिले में जुलाई महीने से इसे शुरू किया जाएगा। उन्होेंने कहा कि उपभोक्ता पीओएस से आधार नंबर और मोबाइल नंबर भी डलवा सकता है और मर्जी से प्रदेश के किसी भी डिपो होल्डर से कहीं भी महीने के किसी भी दिन राशन प्राप्त कर सकता है। इतना ही नहीं यदि किसी उपभोक्ता के पास खुले पैसे नहीं है, तो बैंक का खाता राशन लेते समय आधार के साथ लिंक होने से निर्धारित राशि एटोमैटिक तरीके से प्राप्त करने का प्रावधान है। बैठक में डीसी मंदीप सिंह बराड़, एसडीएम करनाल योगेश कुमार, एसडीएम असंध अनुराग ढालिया, एसडीएम घरौंडा वर्षा खांगवाल, एसडीएम इंद्री मनीषा शर्मा, उपनिदेशक एनके मित्तल, डीएफएससी अनिल कुमार सहित पार्षद, सरपंच, पंच, डिपो होल्डर और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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डिपो होल्डर नहीं कर सकेंगे हेरफेर
पूरी राशन वितरण का ऑनलाइन होने का सबसे खास बात यह है कि डिपो होल्डर राशन वितरण में किसी तरह की हेरफेर नहीं कर सकेंगे। एसीएस एसएस प्रसाद ने बताया कि योजना के अनुसार उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर उनके डिपो में जुड़ने के साथ ही सर्वर से जोड़ा गया है। इसलिए जैसे ही संबंधित डिपो का राशन डिपो के लिए निकलेगा, उपभोक्ता के मोबाइल पर एसएमएस आ जाएगा। इसके साथ-साथ राशन लेने के बाद भी उपभोक्ता को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी कि उसने किस डिपो से कितना राशन लिया है। इसके अलावा उपभोक्ता विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी अपनी खरीद से संबंधित पूरी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
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बिना आधार नहीं मिलेगा राशन
जिन जिलों में यह व्यवस्था लागू हो गई है, वहां अब बिना आधार वाले उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल पाएगा। इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक राशन कार्ड के साथ आधार नंबर को लिंक नहीं कराया वे किसी भी राशन डिपो पर जाकर अपना आधार नंबर लिंक करा सकते हैं। इसके अलावा एक राशन कार्ड पर जितने परिवार के सदस्यों का आधार नंबर होगा, उतना ही राशन मिलेगा। मान लो आपके परिवार में पांच सदस्य हैं और आप प्रति व्यक्ति पांच किलो के हिसाब से माह में 25 किलो गेहूं पाने के हकदार हैं, लेकिन आपने अगर राशन कार्ड पर परिवार के तीन सदस्यों का आधार नंबर दर्ज कराया है तो आपको 15 किलो गेहूं ही मिलेगा।