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Karnal News: ओपीडी की बिजली गुल, मरीजों का इलाज और पंजीकरण अटके
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बिजली जाने के बाद जिला अस्पताल में बिजली जाने के बाद अंधेरे में बैठे नेत्र रोग विभाग के कर्मचार
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में वीरवार सुबह उस समय मरीजों की परेशानी बढ़ गई, जब विद्युत कार्य के दौरान अचानक फॉल्ट आ गया। ओपीडी का समय होने के कारण अस्पताल में मरीज पहले ही पहुंच चुके थे। इसी दौरान महिला रजिस्ट्रेशन केंद्र समेत कई ओपीडी की बिजली गुल हो गई। कुछ समय के लिए मरीजों का पंजीकरण और चिकित्सकों का कामकाज प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के साइड में बिजली की तारों में फॉल्ट आया। इसके चलते महिला रजिस्ट्रेशन केंद्र, एचआईवी विंग, गायनी, नेत्र रोग और मनोरोग विशेषज्ञ के कमरों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि ओपीडी ब्लॉक के दूसरे हिस्सों में बिजली आपूर्ति सामान्य रही।
सुबह का समय होने के कारण अस्पताल में मरीजों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। महिला रजिस्ट्रेशन केंद्र पर पहुंची महिलाओं को कुछ देर इंतजार करना पड़ा। वहीं जिन चिकित्सकों के कमरों में बिजली नहीं थी, वहां मरीजों की जांच और दूसरे काम सामान्य तरीके से करने में दिक्कत आई।
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बिजली बंद होने के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हुई, जो रजिस्ट्रेशन कराने या डॉक्टर को दिखाने के लिए सुबह अस्पताल पहुंचे थे। मरीजों का कहना था कि अस्पताल में इलाज के लिए आने के बाद यदि तकनीकी कारणों से भी इंतजार करना पड़े तो परेशानी बढ़ जाती है।
मरीज मोहिनी ने बताया कि सुबह समय पर अस्पताल पहुंच गए थे। बिजली बंद होने के कारण रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर को दिखाने में कुछ देर इंतजार करना पड़ा। बीमारी की हालत में इंतजार करना मुश्किल होता है।
अपनी आंख दिखाने आए मरीज रोहित ने कहा कि ओपीडी में बिजली नहीं होने से डॉक्टरों को भी काम करने में परेशानी हो रही थी। बाद में बिजली की व्यवस्था ठीक हुई तो काम सामान्य हुआ।
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विद्युत कार्य के दौरान आया अस्थायी फॉल्ट
पीएमओ डॉ. सरिता ने बताया कि अस्पताल में पीडब्ल्यूडी की ओर से विद्युत संबंधी कार्य चल रहा है। इसी दौरान अस्थायी विद्युत फॉल्ट आया था जिससे थोड़े समय के लिए ओपीडी की कुछ सेवाएं प्रभावित हुईं।
उन्होंने बताया कि फॉल्ट की जानकारी मिलते ही उसे तुरंत अटेंड किया गया और कम समय में समस्या दूर कर दी गई। इसके बाद प्रभावित हिस्से में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई और ओपीडी का कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया।
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मौसमी बीमारियों की मार... जनरल मेडिसिन ओपीडी फुल, मरीजों का बढ़ा इंतजार
- ओपीडी कक्ष से कॉरिडोर तक लगी कतार, तीन डॉक्टर मरीज देखते रहे फिर भी डेढ़ घंटे से अधिक करना पड़ा इंतजार
- जगह कम पड़ी तो फर्श पर बैठे बुजुर्ग, जनरल मेडिसिन में 561 और रेस्पिरेटरी मेडिसिन व फीवर क्लीनिक में पहुंचे 117 मरीज
करनाल। मौसम में बदलाव के साथ मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने से जिला नागरिक अस्पताल की जनरल मेडिसिन ओपीडी में बुधवार को दबाव दिखाई दिया। ओपीडी कक्ष के बाहर लगी मरीजों की कतार कॉरिडोर तक पहुंच गई। कई मरीजों को अपनी बारी के लिए डेढ़ घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। बैठने की जगह कम पड़ने पर कई बुजुर्ग फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
जनरल मेडिसिन ओपीडी में डॉ. प्रिया दलाल, डॉ. कुलबीर और डॉ. वीरेंद्र नाथ मरीजों की जांच करते रहे, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कतार बनी रही। बुखार, खांसी-जुकाम, कमजोरी और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे।
अपनी मां को दिखाने आई आस्था ने बताया कि उन्हें खड़े हुए एक घंटे से ज्यादा हो गया, लेकिन नंबर नहीं आया। मरीज गुरुदयाल ने बताया कि रोजाना बुखार आने के कारण अस्पताल आए थे और इलाज मिलने में करीब दो घंटे तक लग गए।
अस्पताल के अनुसार बुधवार को जनरल मेडिसिन ओपीडी में 561 मरीज, जबकि रेस्पिरेटरी मेडिसिन और फीवर क्लीनिक में 117 मरीज पहुंचे। पीएमओ डॉ. सरिता ने कहा कि जगह की कमी के बावजूद मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए चिकित्सक और स्टाफ प्रयासरत हैं।
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जानकारी के अनुसार नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के साइड में बिजली की तारों में फॉल्ट आया। इसके चलते महिला रजिस्ट्रेशन केंद्र, एचआईवी विंग, गायनी, नेत्र रोग और मनोरोग विशेषज्ञ के कमरों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि ओपीडी ब्लॉक के दूसरे हिस्सों में बिजली आपूर्ति सामान्य रही।
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सुबह का समय होने के कारण अस्पताल में मरीजों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। महिला रजिस्ट्रेशन केंद्र पर पहुंची महिलाओं को कुछ देर इंतजार करना पड़ा। वहीं जिन चिकित्सकों के कमरों में बिजली नहीं थी, वहां मरीजों की जांच और दूसरे काम सामान्य तरीके से करने में दिक्कत आई।
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बिजली बंद होने के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हुई, जो रजिस्ट्रेशन कराने या डॉक्टर को दिखाने के लिए सुबह अस्पताल पहुंचे थे। मरीजों का कहना था कि अस्पताल में इलाज के लिए आने के बाद यदि तकनीकी कारणों से भी इंतजार करना पड़े तो परेशानी बढ़ जाती है।
मरीज मोहिनी ने बताया कि सुबह समय पर अस्पताल पहुंच गए थे। बिजली बंद होने के कारण रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर को दिखाने में कुछ देर इंतजार करना पड़ा। बीमारी की हालत में इंतजार करना मुश्किल होता है।
अपनी आंख दिखाने आए मरीज रोहित ने कहा कि ओपीडी में बिजली नहीं होने से डॉक्टरों को भी काम करने में परेशानी हो रही थी। बाद में बिजली की व्यवस्था ठीक हुई तो काम सामान्य हुआ।
विद्युत कार्य के दौरान आया अस्थायी फॉल्ट
पीएमओ डॉ. सरिता ने बताया कि अस्पताल में पीडब्ल्यूडी की ओर से विद्युत संबंधी कार्य चल रहा है। इसी दौरान अस्थायी विद्युत फॉल्ट आया था जिससे थोड़े समय के लिए ओपीडी की कुछ सेवाएं प्रभावित हुईं।
उन्होंने बताया कि फॉल्ट की जानकारी मिलते ही उसे तुरंत अटेंड किया गया और कम समय में समस्या दूर कर दी गई। इसके बाद प्रभावित हिस्से में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई और ओपीडी का कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया।
मौसमी बीमारियों की मार... जनरल मेडिसिन ओपीडी फुल, मरीजों का बढ़ा इंतजार
- ओपीडी कक्ष से कॉरिडोर तक लगी कतार, तीन डॉक्टर मरीज देखते रहे फिर भी डेढ़ घंटे से अधिक करना पड़ा इंतजार
- जगह कम पड़ी तो फर्श पर बैठे बुजुर्ग, जनरल मेडिसिन में 561 और रेस्पिरेटरी मेडिसिन व फीवर क्लीनिक में पहुंचे 117 मरीज
करनाल। मौसम में बदलाव के साथ मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने से जिला नागरिक अस्पताल की जनरल मेडिसिन ओपीडी में बुधवार को दबाव दिखाई दिया। ओपीडी कक्ष के बाहर लगी मरीजों की कतार कॉरिडोर तक पहुंच गई। कई मरीजों को अपनी बारी के लिए डेढ़ घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। बैठने की जगह कम पड़ने पर कई बुजुर्ग फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
जनरल मेडिसिन ओपीडी में डॉ. प्रिया दलाल, डॉ. कुलबीर और डॉ. वीरेंद्र नाथ मरीजों की जांच करते रहे, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कतार बनी रही। बुखार, खांसी-जुकाम, कमजोरी और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे।
अपनी मां को दिखाने आई आस्था ने बताया कि उन्हें खड़े हुए एक घंटे से ज्यादा हो गया, लेकिन नंबर नहीं आया। मरीज गुरुदयाल ने बताया कि रोजाना बुखार आने के कारण अस्पताल आए थे और इलाज मिलने में करीब दो घंटे तक लग गए।
अस्पताल के अनुसार बुधवार को जनरल मेडिसिन ओपीडी में 561 मरीज, जबकि रेस्पिरेटरी मेडिसिन और फीवर क्लीनिक में 117 मरीज पहुंचे। पीएमओ डॉ. सरिता ने कहा कि जगह की कमी के बावजूद मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए चिकित्सक और स्टाफ प्रयासरत हैं।

बिजली जाने के बाद जिला अस्पताल में बिजली जाने के बाद अंधेरे में बैठे नेत्र रोग विभाग के कर्मचार

बिजली जाने के बाद जिला अस्पताल में बिजली जाने के बाद अंधेरे में बैठे नेत्र रोग विभाग के कर्मचार