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Karnal News: एक माह से नहीं हुई नालों की सफाई, बारिश में शहर डूबा
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सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद
करनाल। वीरवार को दोपहर 3 बजे शुरू हुई बारिश ने शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया। तेज बारिश के बाद कई प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों में पानी इस कदर भर गया कि सड़क और जलभराव वाले हिस्से में अंतर करना मुश्किल हो गया। हालात ऐसे बने कि कई जगह स्कूटी और वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए और राहगीरों को परेशानी के बीच रास्ता पार करना पड़ा।
हालात इसलिए खराब हुए कि एक माह से सीवरेज और नालों की भी सफाई नहीं हुई है। ऐसे में लाइन चौक होने से परेशानी और बढ़ गई। सबसे ज्यादा परेशानी उन इलाकों में दिखाई दी, जहां बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सामने, सेक्टर-13, पुराने बस अड्डे के पास और पुराने बस अड्डे के अंदर जलभराव हो गया। यहां से गुजरने वाले लोगों को पानी के बीच से निकलना पड़ा। वाहनों के पहिए पानी में डूबने के कारण चालकों को भी सावधानी से निकलना पड़ा।
शहर के प्रेम नगर, राम नगर और सदर बाजार में भी बारिश के बाद सड़कें पानी से भर गईं। वहीं सेक्टर-6, सेक्टर-7 और सेक्टर-8 में कई स्थानों पर जलभराव से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। हाईवे की सर्विस लेन पर भी पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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जलभराव का असर केवल पैदल राहगीरों तक सीमित नहीं रहा। कई स्थानों पर स्कूटी और छोटे वाहन पानी के बीच बंद होने लगे। वाहन चालकों को उन्हें धक्का देकर या किसी तरह पानी से बाहर निकालना पड़ा। वहीं पैदल निकलने वाले लोग सड़क पर गड्ढों और पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण संभल-संभलकर चलते दिखाई दिए।
बारिश के दौरान कुछ ही समय में प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। एक घंटे की बारिश में जब सड़कों का यह हाल हुआ तो जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। बारिश रुकने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पानी जल्द निकल जाएगा लेकिन कई जगह कुछ समय तक जलभराव बना रहा।
बारिश के बाद से ही टीमें लगातार जल निकासी के लिए लगीं रहीं। शाम तक काफी जगहों पर हालात सामान्य हो गए थे।
- सलोनी शर्मा, निगम आयुक्त
मंडी में भीगा धान, टूटी छत से घुसा बारिश का पानी
करनाल। बारिश से अनाज मंडी में खुले में पड़ी धान की ढेरियां भीग गईं। भारतीय किसान यूनियन सर छोटू राम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने आरोप लगाया कि मंडी शेड की छत टूटी होने के कारण बारिश का पानी अंदर तक पहुंच गया जिससे किसानों की फसल भीग गई। उन्होंने कहा कि नमी बढ़ने के बाद किसानों को फसल बेचने में परेशानी हो सकती है और कम भाव मिलने का खतरा है। यूनियन ने मंडी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शेड की तत्काल मरम्मत, सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की। ब्यूरो
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हालात इसलिए खराब हुए कि एक माह से सीवरेज और नालों की भी सफाई नहीं हुई है। ऐसे में लाइन चौक होने से परेशानी और बढ़ गई। सबसे ज्यादा परेशानी उन इलाकों में दिखाई दी, जहां बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सामने, सेक्टर-13, पुराने बस अड्डे के पास और पुराने बस अड्डे के अंदर जलभराव हो गया। यहां से गुजरने वाले लोगों को पानी के बीच से निकलना पड़ा। वाहनों के पहिए पानी में डूबने के कारण चालकों को भी सावधानी से निकलना पड़ा।
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शहर के प्रेम नगर, राम नगर और सदर बाजार में भी बारिश के बाद सड़कें पानी से भर गईं। वहीं सेक्टर-6, सेक्टर-7 और सेक्टर-8 में कई स्थानों पर जलभराव से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। हाईवे की सर्विस लेन पर भी पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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जलभराव का असर केवल पैदल राहगीरों तक सीमित नहीं रहा। कई स्थानों पर स्कूटी और छोटे वाहन पानी के बीच बंद होने लगे। वाहन चालकों को उन्हें धक्का देकर या किसी तरह पानी से बाहर निकालना पड़ा। वहीं पैदल निकलने वाले लोग सड़क पर गड्ढों और पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण संभल-संभलकर चलते दिखाई दिए।
बारिश के दौरान कुछ ही समय में प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। एक घंटे की बारिश में जब सड़कों का यह हाल हुआ तो जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। बारिश रुकने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पानी जल्द निकल जाएगा लेकिन कई जगह कुछ समय तक जलभराव बना रहा।
बारिश के बाद से ही टीमें लगातार जल निकासी के लिए लगीं रहीं। शाम तक काफी जगहों पर हालात सामान्य हो गए थे।
- सलोनी शर्मा, निगम आयुक्त
मंडी में भीगा धान, टूटी छत से घुसा बारिश का पानी
करनाल। बारिश से अनाज मंडी में खुले में पड़ी धान की ढेरियां भीग गईं। भारतीय किसान यूनियन सर छोटू राम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने आरोप लगाया कि मंडी शेड की छत टूटी होने के कारण बारिश का पानी अंदर तक पहुंच गया जिससे किसानों की फसल भीग गई। उन्होंने कहा कि नमी बढ़ने के बाद किसानों को फसल बेचने में परेशानी हो सकती है और कम भाव मिलने का खतरा है। यूनियन ने मंडी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शेड की तत्काल मरम्मत, सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की। ब्यूरो

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद

सेक्टर 13 की कालड़ा माकेंट में भरा बारिश का पानी। संवाद