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Karnal News: स्वीमिंग पुल में 5.30 करोड़ डूबे फिर भी खिलाड़ियों को नहीं मिला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 02:38 AM IST
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rs 5.30 crore sank into the swimming pool, yet the players got nothing.
इंद्री स्वीमिंग पूल परिसर के गेट पर लटका ताला  संवाद
इंद्री। शहीद उधम सिंह महाविद्यालय की जमीन पर 5.30 करोड़ रुपये की लागत से बना स्वीमिंग पूल 11 साल बाद भी खिलाड़ियों के लिए शुरू नहीं हो पाया है। वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के तहत इसका निर्माण हुआ था। यह पूल अब जर्जर हालत में है। पूल की टाइलों में दरारें आ गई हैं। आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे वहां पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
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इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद पूल की देखरेख के लिए कोई चौकीदार तक तैनात नहीं किया गया है। इसमें बिजली कनेक्शन और पानी भरने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। पंचायती राज विभाग और खेल विभाग इस मामले में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
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पंचायत विभाग का कहना है कि पूल खेल विभाग को सौंप दिया गया है। वहीं, खेल विभाग का दावा है कि पूल अभी उन्हें नहीं मिला है। स्वीमिंग पूल शुरू न होने के कारण तैराकों को अभ्यास के लिए करनाल और अन्य जिलों में जाना पड़ रहा है। खिलाड़ियों ने इसे सार्वजनिक धन की बर्बादी का उदाहरण बताया है।
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स्थानीय निवासियों ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग उठाई है। लोगों ने लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की है। अधूरे निर्माण का तकनीकी ऑडिट कराकर खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है।
खिलाड़ी बोले-
तैराक चिंटू, कपिल, मानिक और रजत ने बताया कि स्वीमिंग पूल की सुविधा न होने के कारण उन्हें अभ्यास के लिए करनाल और अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है। विभागीय लापरवाही के कारण उनका कॅरिअर प्रभावित हो रहा है।
पंचायत का तर्क
पंचायती राज विभाग की ओर से मटक माजरी में ऑल वैदर स्वीमिंग पूल तैयार करके खेल विभाग को डीसी और बीडीपीओ की माैजूदगी में सुपुर्द करवा दिया था। उस समय तक बिजली कनेक्शन न मिलने पर एक बार पूल में पानी भी भरकर देखा गया था। उसके बाद पूल में समय पर पानी भरना व रख-रखाव करना खेल विभाग की जिम्मेदारी बनती है।

- कमलेश, एसडीओ, पंचायती राज इंद्री

खेल अधिकारी का तर्ज-
खेल विभाग को अभी तक इंद्री में बना ऑल वैदर स्वीमिंग पूल सुपुर्द नहीं किया गया है। उपायुक्त के माैका निरीक्षण के दाैरान कई खामियां मिली थी उसके लिए उनको बोला भी गया था। वहीं पूल पर निगरानी रखने के लिए पंचायत से चाैकीदार की व्यवस्था करवाने के बारे भी कहा गया था। खेल विभाग की ओर से यहां के लिए कोच भी तैयार है और स्थानीय तैराकों के भी लगातार फोन आ रहे हैं लेकिन अधूरी व्यवस्थाओं के बीच तैराकों का जान जोखिम में डालना सही नहीं है।
- सत्यवीर पोसवाल, जिला खेल अधिकारी

इंद्री स्वीमिंग पूल परिसर के गेट पर लटका ताला  संवाद

इंद्री स्वीमिंग पूल परिसर के गेट पर लटका ताला  संवाद

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