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बीजेपी युवा पदाधिकारी को डेंगू, पांच केस आए मलेरिया के सामने
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:57 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गांव फुरलक के बाद अब शहर में भी डेंगू और वायरल ने केस सामने आएं हैं। शहर में एक बीजेपी युवा पदाधिकारी को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। यह पुष्टि सीएचसी के एसएमओ ने की है। इसके साथ ही कस्बे में पांच केस मलेरिया के भी सामने आए हैं।
अस्पताल में मरीजों की संख्या 600 से 700 तक पहुंच गई है। बढ़ रही बीमारियों के कारण लोग दहशत में हैं। पिछले काफी दिनों से गांव फुरलक में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ हुआ था। वायरल बुखार के बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर दौरा किया और मरीजों के खून के नमूने लिए। इसी के साथ बीजेपी के युवा पदाधिकारी अंकित जैन को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। डेंगू और मलेरिया बुखार के बढ़ने से लोग दहशत में हैं।
वहीं, शहर और आसपास के गांवों में पांच लोगों को मलेरिया हो गया है। बताया जाता है कि गांव मुढोंगढ़ी निवासी श्यामो, अराइपुरा की दिव्या, देवीपूर से दानिश और कलहेड़ी से इंद्र को मलेरिया बुखार की पुष्टि हुई है। वहीं, घरौंडा से शिवांशु को भी मलेरिया बुखार हुआ है। सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक मौसम के बदलने के बाद अस्पताल में भी मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि नगरपालिका शहर में फॉगिंग तो करवा रही है, लेकिन मच्छरों की संख्या कम नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि शहर में मच्छर मार दवाई का छिड़काव करवाना जरूरी है।
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अस्पताल में डॉक्टरों का स्टाफ है कम
सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार अस्पताल में मरीजों की संख्या तो बढ़ रही है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र व शहर के अस्पतालों में डॉक्टरों की काफी कमी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र के गांव बरसत, चौरा, गगसीना अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है। जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार उन्होंने डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र व्यवहार किया है, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ है।
नौ माह की ओपीडी
सीएचसी से मिले आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह में छह हजार 717, फरवरी माह में आठ हजार 337, मार्च माह में नौ हजार 223, अप्रैल में 8 हजार 847, मई में दस हजार 560, जून नौ हजार 620, जुलाई 11 हजार 18, अगस्त में दस हजार 524 ओपीडी के मामले सामने आए हैं, लेकिन बीते सितंबर माह में वायरल बुखार के चलते पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए यह आंकड़ा 11 हजार 777 पर पहुंच गया है।
क्या कहते हैं एसएमओ
अस्पताल के एसएमओ डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि शहर में एक डेंगू व पांच केस मलेरिया के सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम बदलने के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। अस्पताल में फिलहाल डॉक्टरों की कमी है, इसलिए मरीजों को थोड़ी परेशानी हो सकती है।
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करनाल। गांव फुरलक के बाद अब शहर में भी डेंगू और वायरल ने केस सामने आएं हैं। शहर में एक बीजेपी युवा पदाधिकारी को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। यह पुष्टि सीएचसी के एसएमओ ने की है। इसके साथ ही कस्बे में पांच केस मलेरिया के भी सामने आए हैं।
अस्पताल में मरीजों की संख्या 600 से 700 तक पहुंच गई है। बढ़ रही बीमारियों के कारण लोग दहशत में हैं। पिछले काफी दिनों से गांव फुरलक में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ हुआ था। वायरल बुखार के बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर दौरा किया और मरीजों के खून के नमूने लिए। इसी के साथ बीजेपी के युवा पदाधिकारी अंकित जैन को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। डेंगू और मलेरिया बुखार के बढ़ने से लोग दहशत में हैं।
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वहीं, शहर और आसपास के गांवों में पांच लोगों को मलेरिया हो गया है। बताया जाता है कि गांव मुढोंगढ़ी निवासी श्यामो, अराइपुरा की दिव्या, देवीपूर से दानिश और कलहेड़ी से इंद्र को मलेरिया बुखार की पुष्टि हुई है। वहीं, घरौंडा से शिवांशु को भी मलेरिया बुखार हुआ है। सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक मौसम के बदलने के बाद अस्पताल में भी मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि नगरपालिका शहर में फॉगिंग तो करवा रही है, लेकिन मच्छरों की संख्या कम नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि शहर में मच्छर मार दवाई का छिड़काव करवाना जरूरी है।
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अस्पताल में डॉक्टरों का स्टाफ है कम
सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार अस्पताल में मरीजों की संख्या तो बढ़ रही है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र व शहर के अस्पतालों में डॉक्टरों की काफी कमी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र के गांव बरसत, चौरा, गगसीना अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है। जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार उन्होंने डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र व्यवहार किया है, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ है।
नौ माह की ओपीडी
सीएचसी से मिले आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह में छह हजार 717, फरवरी माह में आठ हजार 337, मार्च माह में नौ हजार 223, अप्रैल में 8 हजार 847, मई में दस हजार 560, जून नौ हजार 620, जुलाई 11 हजार 18, अगस्त में दस हजार 524 ओपीडी के मामले सामने आए हैं, लेकिन बीते सितंबर माह में वायरल बुखार के चलते पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए यह आंकड़ा 11 हजार 777 पर पहुंच गया है।
क्या कहते हैं एसएमओ
अस्पताल के एसएमओ डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि शहर में एक डेंगू व पांच केस मलेरिया के सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम बदलने के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। अस्पताल में फिलहाल डॉक्टरों की कमी है, इसलिए मरीजों को थोड़ी परेशानी हो सकती है।