विज्ञापन

कैथल

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

Kaithal:  पुलिस टीम पर हमला कर आरोपियों को छुड़ाया, गिरफ्तारी के लिए गई थी पुलिस

हरियाणा के कैथल में थाना तितरम क्षेत्र के गांव सिसला में एक परिवार के सदस्यों ने थाना पूंडरी प्रभारी व उसकी टीम के साथ मारपीट कर आरोपी को छुड़ा लिया। पुलिस की टीम एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गांव में गई थी। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है।

तितरम पुलिस को दी शिकायत में थाना पूंडरी में तैनात एसएचओ शिव कुमार ने बताया कि चार दिसंबर को शाम के समय वे सब इंस्पेक्टर महिपाल, एएसआई प्रवीण कुमार, होमगार्ड गुलाब सिंह, एसपीओ विद्या देवी के साथ गाड़ी में सवार होकर थाना पूंडरी में दर्ज छीना-झपटी के एक मामले में आरोपी गुलाब तथा कमल को गिरफ्तार करने के लिए सिसला गांव में गए थे।

जब वे सरकारी गाड़ी से गांव सिसला में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि गुलाब उनके मकान के सामने खड़ा है। उसने अपने साथी कर्मचारियों के सहायता से उसे पकड़ लिया। उसी समय आरोपी गुलाब की पत्नी कमलेश और उसकी लड़की पूजा अपने साथ चार-पांच अन्य लड़के व 15-20 अज्ञात लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाते हुए एसआई महिपाल एएसआई प्रवीण कुमार तथा अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

उन्होंने लाठी-डंडे से पुलिस टीम पर हमला कर दिया और पुलिस टीम की और से गिरफ्तार किए आरोपी गुलाब सिंह को जबरदस्ती छुड़वा कर भगा दिया। आरोपियों ने सरकारी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की।

थाना प्रभारी एएसआई दलबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिव कुमार की शिकायत पर गुलाब सिंह, उसकी पत्नी कमलेश, लड़की पूजा तथा 10 महिलाओं व 15-20 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
... और पढ़ें

Kaithal Crime: चीका में सड़क ठेकेदार पर अज्ञात बदमाशों ने की फायरिंग, गंभीर हालत में पटियाला रेफर

चीका में कैथल रोड पर एक बंद पेट्रोल पंप के पास सड़क ठेकेदार पर अज्ञात बदमाशों ने गोली चला दी। गोली लगने से बलबेहड़ा निवासी हरदीप शर्मा घायल हो गया। जानकारी के अनुसार दो गोलियां चलाई गई। एक गोली युवक की पीठ में लगी है। एक गोली सिर के नजदीक से निकल गई है। सिर में छर्रा लगा हुआ। घायल को पटियाला रेफर कर दिया गया। युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। 

जानकारी के अनुसार 23 वर्षीय हरदीप सुबह साढ़े 11 बजे गांव बलबेहड़ा से कैथल की तरफ आ रहा था। चीका के नजदीक पहुंचते ही कुछ अज्ञात बाइक सवार युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी। घायल युवक को पहले गुहला अस्पताल में दाखिल करवाया गया। इसके बाद युवक को पटियाला रेफर किया। पुलिस अभी आसपास के सीसीटीवी को खंगाल रही है। एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि सीआईए की टीम मौका स्थल पर पहुंच गई है। आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा। आरोपियों को किसी भी हालात में बख्शा नहीं जाएगा।
... और पढ़ें

Kaithal: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी अध्यापक को 25 साल कारावास व 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा

हरियाणा के कैथल में बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी अध्यापक को 25 वर्ष की कैद व 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। समय पर जुर्माना अदा न करने पर 16 माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। पीड़िता को मुआवजा की राशि चार लाख 50 हजार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की मार्फत मिलेगी। दोषी से जुर्माना वसूल होने पर पीड़िता को 25 हजार रुपये की रकम भी दी जाएगी।

बता दें कि इस मामले में पीड़िता की मां की शिकायत पर 27 जुलाई 2019 को महिला थाने में आईपीसी की धारा 376, 506, पोक्सो एक्ट की धारा छह और आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत केस दर्ज किया था। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी गांव के ही निजी स्कूल में पढ़ती थी।

दोषी उसी स्कूल में हिंदी का प्राध्यापक था। उसकी लड़की का शारीरिक शोषण कर रहा था। आरोपी के पास उसकी लड़की ट्यूशन भी पढ़ने के लिए जाती थी। एक दिन आरोपी ने उसकी लड़की की नग्न फोटो फोन पर मंगवा ली।

इसके बाद वह उस नग्न फोटो को वायरल करने की धमकी देता रहा। दोषी ने उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी। दोषी लड़की को अपने मोबाइल से अश्लील फिल्में दिखाकर उसका शारीरिक शोषण करता था। उसने लड़की को धमकी भी दी।

गर्मी की छुट्टियों में जब लड़की स्कूल में कबड्डी की कोचिंग लेने जाती थी तब भी दोषी ने लड़की के साथ कई बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। दोषी ने लड़की को कहा कि घटना के बारे में परिवार वालों को बताया तो वह उसे परीक्षा में फेल कर देगा।

दोषी टीचर के डर के कारण लड़की ने यह बात किसी को नहीं बताई। लड़की डरी सहमी रहती थी तो परिवार वालों ने इसका कारण पूछा। इस पर लड़की ने सारी बात बताई। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया और चालान तैयार करके न्यायालय में पेश कर दिया।

इसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अनिल को काबू कर न्यायालय में चालान पेश कर दिया। पब्लिक प्रोसीक्यूटर जयभगवान गोयल ने मामले में पीड़ित पक्ष की पैरवी की। उन्होंने बताया कि एडीजे पूनम सुनेजा की ओर से दोनों पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद अध्यापक दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 25 साल की कैद व 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
... और पढ़ें

Kaithal: डीएसपी की फोटो व्हाट्सएप पर लगाकर 25 हजार रुपये ठगे, गूगल-पे पर कराया भुगतान

हरियाणा के कैथल में अज्ञात ने कलायत के डीएसपी सज्जन सिंह की फोटो व्हाट्सएप पर लगा कर उनकी जान पहचान के एक व्यक्ति से 25 हजार रुपये ठग लिए। इसकी शिकायत कैथल निवासी जिले सिंह ने साइबर थाना पुलिस को दी है।

जिले सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पास 29 जनवरी को शाम के सात बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने उसके व्हाट्सएप पर संदेश भेजा। उस नंबर पर डीएसपी कलायत सज्जन सिंह की डीपी लगी थी। अज्ञात ने पहले संदेश में उसे बताया कि वह डीएसपी सज्जन सिंह बोल रहा है।

उसे 25 हजार रुपये की जरूरत पड़ गई है। वह उसके पास गूगल पे कर दें। उसने व्हाट्सएप के माध्यम से गूगल पे का नंबर दिया और 25 हजार रुपये डाल दिए। इसके बाद फिर से दोबारा अज्ञात ने संदेश भेजा। इसके बाद फिर से संदेश आया कि उसे 20 हजार रुपये की और जरूरत है। इसके बाद उसने डीएसपी को यह जानकारी दी तो उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हो गई है।

अब डीएसपी ने अज्ञात द्वारा पैसों की मांग करने की जानकारी अपने व्हाट्सएप और फेसबुक पर देकर लोगों को सचेत किया है। पुलिस मामले की छानबीन में लगी है। डीएसपी सज्जन ने बताया कि व्हाट्सएप के स्टेटस पर किसी अज्ञात द्वारा उनकी प्रोफाइल फोटो लगा कर रुपयों की मांग की जा रही है। कोई भी नंबर पर रुपये न भेजें।

... और पढ़ें
डीएसपी सज्जन सिंह डीएसपी सज्जन सिंह

कैथल: पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या का मामला, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लोगों ने लगाया जाम

हरियाणा के कैथल में पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर शनिवार को आत्महत्या करने वाले गांव भागल निवासी होशियार सिंह के केस में एक कर्मचारी का नाम होने और गिरफ्तारी नहीं होने पर गांव भागलवासी भड़क उठे। रविवार को लोगों ने चार अन्य की गिरफ्तारी की मांग पर दोपहर बाद करनाल रोड बाईपास चौक पर जाम लगा दिया। 

जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में केस में तीन कर्मचारियों के नाम जोड़ने और दो दिन में गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर तहसीलदार और डीएसपी ने दिया। आश्वासन पाकर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।

ज्ञात रहे कि गांव भागल से सीआईए-दो पुलिस कर्मचारी सहायक उप-निरीक्षक प्रदीप कुमार चार अन्य कर्मचारियों के साथ शुक्रवार रात को होशियार सिंह के बेटे को मोबाइल चोरी के मामले में हिरासत में लेकर आए थे। 

ये रहा आत्महत्या का कारण
शनिवार सुबह होशियार सिंह और अन्य जब पुलिस से मिलने सीआईए दो थाने पहुंचे तो आरोप है कि कर्मचारी प्रदीप कुमार ने होशियार सिंह को धमकी दी कि वह उसकी बेटी को गिरफ्तार करके लाएगा। आरोप है कि उसने और भी अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया। इस पर होशियार सिंह ने कैथल में ही बस अड्डे के निकट स्थित रेलवे स्टेशन फाटक के पास एक पेड़ पर लटककर आत्महत्या कर ली। 

शव लेने से कर रहे थे इन्कार
इसके बाद परिजनों की मांग पर पुलिस ने आरोपी कर्मचारी प्रदीप कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया। इस मामले में सुबह पौने 11 बजे के आसपास ग्रामीण अस्पताल में एकत्रित हो गए और कार्रवाई से संतुष्ट न होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। लोगों ने मांग की कि एफआईआर में सभी कर्मचारियों का नाम जोड़ा जाए। सभी को गिरफ्तार किया जाए। वे तभी शव लेकर जाएंगे। 

कार्रवाई से पहले नहीं खोलना था जाम
गुस्साए लोगों ने तीन-चार बजे तक का प्रशासन को समय देते हुए कहा कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो वे जाम लगाएंगे। डीएसपी विवेक चौधरी और नायब तहसीलदार आशीष कुमार ने अस्पताल पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ढाई बजे तक अस्पताल में ग्रामीणों ने नारेबाजी की और शव को नहीं लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने चार आरोपियों के खिलाफ नामजद केस और गिरफ्तारी नहीं होने तक जाम लगाने का फैसला लिया। 

सवा घंटे के जाम से लोग परेशान
दोपहर बाद करनाल रोड बाईपास चौक पर जाम लगा दिया। करीब सवा घंटे तक यहां जाम लगा रहा। जाम लगने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के दौरान तीन एंबुलेंसों को रास्ता दिया। इसी बीच तेज रफ्तार से आ रही 112 नंबर गाड़ी सायरन बजाते हुए जाम के बीच घुस गई। परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और गाड़ी के आगे लेट गए।

इसके बाद गाड़ी में सवार महिला और कुछ अन्य व्यक्तियों को देखकर गाड़ी को जाने दिया। यहां गांववासी रघुबीर, बिमला, सतपाल सिंह, गुरपाल, रामकुमार, रामफल, विजय, राजो और सुरुपा ने बताया कि मृतक होशियार को गांव भागल में सड़क के पास मोबाइल मिला था। उस फोन को मलकीत प्रयोग कर रहा था। उसे बेवजह हिरासत में लिया।

उसके पिता होशियार सिंह को इतना प्रताड़ित किया कि उसे सुसाइड करना पड़ा। मलकीत ने आरोप लगाया कि उसको पुलिस कर्मचारियों ने गोली मारने की धमकी दी। उसके पिता से पैसे मांगे। उन्हें धमकी दी कि तुम्हारी बेटी को थाने में लाकर कपड़े उतार देंगे। उसे इतना शर्मसार कर दिया कि उसका पिता होशियार सिंह को थाने से बाहर आना पड़ा और कुछ दूरी पर जाकर पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। 

इसके बाद डीएसपी विवेक चौधरी, डीएसपी रविंद्र सांगवान व तहसीलदार ने तीन आरोपियों के खिलाफ नाम केस में जुड़वा दिया और आरोपियों को दो दिन में गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। वहीं एक आरोपी का भी जल्द नाम जुड़वा दिया जाएगा।   इसके बाद गांव वासियों ने जाम खोल दिया और शव लेकर गांव चले गए।

डीएसपी विवके चौधरी ने कहा कि अभी आरोपी पुलिस कर्मचारी फरार है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों की मांग के अनुसार एफआईआर में सिपाही अश्वनी, सिपाही देवेंद्र, होमगार्ड कर्मवीर का नाम भी जुड़वा दिया है। जबकि एएसआई प्रदीप के खिलाफ पहले ही केस दर्ज कर डिलया। अन्य एक आरोपी की अभी जानकारी ली जा रही है।

... और पढ़ें

Kaithal: फाइनेंसरों से तंग आकर सर्विस सेंटर संचालक ने की आत्महत्या, पैसा देने के बाद भी कर रहे थे परेशान

कैथल में फाइनेंसरों से तंग आकर एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस संबंध में दो के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों पर लाखों रुपये की वसूली का आरोप है।  पुलिस में दी शिकायत में राजौंद निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि उसका भाई कृष्ण कॉमन सर्विस सेंटर चलाता है। वह राजौंद में ही लैब चलाता है।

कुछ दिन से उसके भाई का काम न चलने के कारण उसके भाई ने राजौंद निवासी अभिषेक व रॉमी से फाइनेंस पर पैसे लिए थे। इसके बाद उसके भाई ने अपने रिश्तेदारों से 17 लाख रुपये लेकर फाइनेंसरों को दिए थे। इसके बाद फाइनेंसरों ने उसके भाई कृष्ण पर दबाव बनाकर ली हुई राशि को कई गुणा बना दिया। इस कारण वह मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान रहता था। फाइनेंसर पैसा न देने की वजह से जान से मारने की धमकी देते थे। परिवार ने फाइनेंसरों को रिश्तेदारों से राशि एकत्रित कर 17 लाख रुपये भी दे दिए।

भाई व भाभी के हस्ताक्षर किए हुए चेक भी फाइनेंसरों के पास हैं। फाइनेंसर उसके भाई को कर्ज की सारी राशि वापस करने के बाद भी परेशान कर रहे थे। वे दिन में कई बार फोन पर धमकी देते थे। इस कारण कृष्ण ने परेशान होकर बुधवार रात के समय अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा। उसके भाई ने सुसाइड नोट में दो फाइनेंसरों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। राजौंद थाना में जांच अधिकारी संदीप सिंह के अनुसार पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर फाइनेंसर अभिषेक व रॉमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
... और पढ़ें

Kaithal: अमेरिका भेजने के नाम पर ठगे 30 लाख, सात माह तक साउथ अफ्रीका और दुबई में फंसा, पांच माह जेल भी काटी

अमेरिका भेजने के नाम पर एक युवक से 30 लाख 27 हजार 500 रुपये ठगने का मामला सामने आया है। बता दें कि पहले एजेंटों ने साउथ अफ्रीका व दुंबई में लगभग सात महीने तक युवक को अमेरिका भेजने के नाम पर बहकाकर रखा। इसके बाद में इमिग्रेशन ऑफिसरों ने नकली वीजा बताकर दुबई एयरपोर्ट से युवक को पकड़ लिया। पांच महीने तक युवक दुबई की जेल में रहा। इसके बाद युवक के ताऊ ने दुबई में बेटे के कागज दिखाकर जेल से बाहर निकलवाया।

शिकायतकर्ता भागल निवासी धर्मबीर ने बताया कि उसके बेटे विकास को वह आइलेट्स करवाकर विदेश भेजना चाहता था। उसने कई आसपास के आइलेट्स सेंटरों में विदेश भेजने के बारे में संपर्क किया। इस दौरान वह अपने एक दोस्त से मिला। उसके दोस्त ने एजेंट सिरसा के मल्लेवाला निवासी गुरप्रीत से मिलवाया। उसने शिकायतकर्ता को बताया कि बच्चा आइलेट्स के चक्कर में पड़ेगा तो एक साल बर्बाद हो जाएगा। वह सीधा अमेरिका का पढ़ाई स्तर पर साक्षात्कार करवाकर वीजा लगवा देगा। इस काम पर 45 लाख रुपये खर्च आएंगे। वह उसकी बातों में आ गया।

ऐसे वसूली हुई शुरू
पहली बार में शिकायतकर्ता ने दो लाख 50 हजार रुपये दे दिए। फिर 01 अक्तूबर 2021 को 10 दस लाख रुपये आरोपी गुरप्रीत को दे दिए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी गुरप्रीत से पूछा कि इतने नकद पैसे आप किस काम के लिए ले रहे हो। आरोपी ने बताया कि आपके लड़के का दुबई का वीजा आ गया है। 17 अक्तूबर 2021 को उसकी फ्लाइट है। उसके लिए डालर की जरूरत है। शिकायतकर्ता ने गुरप्रीत एजेंट से पूछा कि उनकी बात सीधा अमेरिका भेजने की हुई थी। उसका लड़का दुंबई क्यों जाएगा, तो उसने कहा कि दुबई से सीधा अमेरिका का पढ़ाई स्तर का वीजा लगेगा। उसका लड़का दिल्ली से दुबई पहुंच गया। इसके बाद उसके लड़के को पांच नवंबर 2021 को साउथ अफ्रीका टोगो भेज दिया।

वहां से गुरप्रीत दोबारा से दुबई ले लाए। दोनों जगह पर लगभग सात महीने तक उसके बेटे को रखा गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद उसने आरोपियों को दुबई से बेटे को घर वापस भेजने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने कहा कि आपके लड़के का अमेरिका का वीजा आ गया हैं। इसके बाद दुबई के एजेंटों ने एयरपोर्ट पर उसके लड़के को छोड़ दिया। वहां एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अफसरों ने उसके पकड़ कर जेल में डाल दिया। इसके बाद उसके लड़के ने यह जानकारी दी। इसके बाद आरोपी गुरप्रीत ने सारसा निवासी मैंटी व सैंटी से उसने उसके बेटे का बाहर निकालने की बात की, लेकिन वे दोनों भाई भी गुरप्रीत से मिले हुए थे। पांच महीने तक उसके बेटा दुबई की जेल में रहा। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद युवक के ताऊ ने दुबई में पहुंचकर बेटे के कागज दिखाकर जेल से बाहर निकलवाया। तीनों आरोपियों ने उनसे कई बार में 30 लाख 27 हजार 500 रुपये ठग लिए। चीका थाना प्रभारी राजफूल ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया।
... और पढ़ें

Kaithal: कनाडा भेजने के नाम पर 39 लाख 74 हजार रुपये ठगे, कंपनी में काम दिलवाने का दिया था आश्वासन

Fraud
कनाडा की एवीओएस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने कांट्रेक्टर के अनुसार काम न दिलवाकर एक व्यक्ति से कंपनी सहित छह लोगों ने 39 लाख 74 हजार रुपये ठग लिए। पुलिस ने सिविल लाइन थाना में वैष्णो कॉलोनी निवासी संदीप नैन की शिकायत पर कंपनी सहित छह व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। इस रकम में वे भी 12 लाख रुपये शामिल हैं, जिन्हें आरोपियों ने नरवाना बस अड्डे पर एक व्यक्ति को भेजकर कोडवर्ड का प्रयोग करते हुए महज 10 रुपये दिलवाकर मंगवाए थे।  

शिकायतकर्ता संदीन नैन कनाडा जाने का इच्छुक था। शिकायतकर्ता के पिता व ताऊ की आरोपी भविष्य मोर व सुदेश के साथ अच्छी जान-पहचान थी। आरोपी भविष्य मोर कनाडा में पीआर है। वर्ष 2019 में शिकायतकर्ता के पिता और ताऊ आरोपी भविष्य मोर व सुदेश से मिले।

उसके पिता व ताऊ ने कहा कि वे उसके बेटे संदीप को कनाडा भेजना चाहते है। आप कोई विश्वास का एजेंट बताओ। वहां पर आरोपी भविष्य व सुदेश ने कहा कि वे खुद कनाडा भेजने का काम करते हैं। आपके लड़के को कनाडा में वर्क परमिट पर अच्छी नौकरी दिलवा देंगे। इसके लिए 40 लाख रुपये खर्च आएगा।

आरोपियों के साथ पुरानी जान पहचान होने के कारण उन पर विश्वास किया और कनाडा भेजकर एवीओएस कंस्ट्रक्शन कंपनी पर काम दिलवाने का आश्वासन दिया। शुरुआत में आरोपी को सात लाख 42 हजार रुपये दिए। इनमें से चार लाख 42 हजार चेक व तीन लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद एक अक्तूबर 2022 को आरोपी भविष्य मोर, संजय रेडी व संजय गुप्ता ने व्हाट्सएप ग्रुप से शिकायतकर्ता पर फोन किया। 

आरोपियों ने बताया कि एक व्यक्ति नरवाना बस अड्डा पर मिलेगा। जो 10 रुपये का नोट देगा, उसको 12 लाख रुपये दे देना। उन्होंने आरोपी से 10 रुपये का नोट लेकर 12 लाख रुपये दे दिए। यह रुपये शिकायतकर्ता के ताऊ चांदी राम ने अपनी आढ़त की दुकान से लाकर दिए थे।

इसके बाद शिकायतकर्ता को वीएफएस ग्लोबल चंडीगढ़ में पासपोर्ट जमा करवाने के लिए कहा और उसने उसका पासपोर्ट जमा करवा दिया। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि जब वह 20 लाख 32 हजार रुपये देंगे। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को नौकरी का लेटर, कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट लेटर व उसका वीजा लगा हुआ पासपोर्ट दिया।

शिकायतकर्ता 23 अक्तूबर को कनाडा वेंकूवर पहुंच गया। वहां पर इमीग्रेशन अथॉरिटी ने उसको वर्क परमिट का नंबर जारी किया। इसके बाद आरोपीगण से फोन पर बात की तो उन्होंने उसको दो से चार दिन में काम की बात कहीं। इसके बाद वह अपने चचेरे भाई अभिषेण के पास चला गया।

इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को फोन कर संजय रेड्डी एजेंट के ऑफिस का पता भेजा और कहा कि आप इस कार्यालय में जाकर अपने बैंक खाता नंबर और एसआइएन नंबर जमा करवाओ। जब शिकायतकर्ता आरोपी भविष्य मोर के द्वारा बताए गए पते पर पहुंचा तो उन्होंने कहा कि उनके पास कोई काम नहीं है। कंपनी से बाहर दो नंबर में काम कर सकते है।

वहां पर उसको नौकरी नहीं दिलवाई गई। इसके बाद वह 30 नवंबर 2022 को वह मानसिक रुपये से परेशान व धमकियों से डर वापस घर लौट आया। सिविल लाइन एसएचओ बीरभान ने बताया कि आरोपी भविष्य, सुदेश, संजय गुप्ता, मीरा गुप्ता, स्वाती गजानंद, संजय रेड्डी व एवीओएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। 
... और पढ़ें

Kaithal News: भिवानी की इनेलो महिला प्रधान पर नौकरी दिलवाने के नाम पर पांच लाख रुपये ठगने का आरोप

भिवानी की इनेलो जिला महिला विंग की प्रधान पर नौकरी दिलवाने के नाम पर एक व्यक्ति से पांच लाख रुपये ठगने का आरोप है। तत्कालीन डीसी से रिश्तेदारी बताकर एनएचएम में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी की है। गृह मंत्री के आदेश पर पुलिस ने कैथल की वैष्णो कॉलोनी निवासी ओमप्रकाश की शिकायत पर सिविल लाइन थाना में केस दर्ज कर लिया है। 

पुलिस को दी शिकायत में ओमप्रकाश ने बताया कि भिवानी की इनेलो महिला विंग की जिला प्रधान इंदु परमार से कैथल आईटी सेल इनेलो के प्रधान प्रदीप सिंह ने एक दिन उसने मिलवाकर जान पहचान करवाई थी। आरोपी महिला प्रधान ने उसको बताया था कि उसकी कैथल के डीसी के साथ रिश्तेदारी है। वह उससे कोई भी कार्य करवा सकती है। इसके बाद उसने आरोपी महिला से उसके बेटे अमित के लिए नौकरी लगवाने की बात चलाई। इसके बाद आरोपी प्रधान ने बताया कि कैथल में एनएचएम की नौकरी निकली है। वहां पर डीसी से कहकर वह एनएचएम में उसके बेटे को नौकरी दिलवा देगी। नौकरी के लिए पांच लाख रुपये देने होंगे। उसने पांच लाख रुपये आरोपी महिला को दे दिए हैं।

2019 में निकली थी भर्ती 2020 में हुई रद्द
शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने बताया कि 2019 में एनएचएम के तहत भर्ती निकली थी। इसके बाद कोरोना के कारण वर्ष 2020 में इस भर्ती को रद्द कर दिया था। उस समय नेशनल हेल्थ मिशन में स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती हो रही थी। अपने बेटे अमित को नौकरी लगवाना चाहता था। बेटे को नौकरी दिलवाने के लिए आरोपी महिला को रुपये दिए थे। इसके बाद महिला बेटे को नौकरी नहीं दिलवा पाई। 

बार-बार रुपये वापस मांगने पर आरोपी महिला शिकायतकर्ता से टाल-मटौल करती रही। इसके बाद भिवानी कार्यालय में महिला ने शिकायतकर्ता को बुलाया। वहां पर महिला आरोपी ने रुपये देने की जगह बदमाशों को बुलाकर जान से मारने की धमकी दिलवाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद उसने गृह मंत्री के आवास पर न्याय की गुहार लगाई। गृहमंत्री ने कैथल पुलिस को मामले की जांच कर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। तभी केस दर्ज हुआ है। सिविल लाइन थाना एसएचओ राजफूल ने बताया कि पुलिस ने चांग गांव की रहने वाली आरोपी महिला इंदु परमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया।
... और पढ़ें

Kaithal: नाबालिगा से दुष्कर्म करने के दो दोषियों को 25 साल कैद की सजा, 35-35 हजार रुपये का लगाया जुर्माना

हरियाणा के कैथल में बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा ने नाबालिग से दुष्कर्म के दो दोषियों को 25 वर्ष की सजा व 35-35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। समय पर जुर्माना न अदा करने पर दोषियों को सात-सात माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। दोषी से जुर्माना वसूल होने पर पीड़िता को 60 हजार रुपये भी मिलेंगे।

बता दें कि इस मामले में पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 18 नवंबर 2019 को वह रात के समय शौचालय में आने के लिए घर से बाहर निकली थी। बाइक पर गांव के ही दो लड़के आए और दोनों लड़के जबरदस्ती उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक आरोपी के खेत में कमरे पर ले गए।

वहां पर उसके साथ आरोपियों ने दुष्कर्म किया। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी उसको वापस घर छोड़ गए। इसके बाद उसने परिवार वालों को सारी घटना बताई। कलायत थाना में पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 डी व 366 धारा के तहत केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया और चालान तैयार करके न्यायालय में पेश कर दिया।

इसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू कर न्यायालय में चालान पेश कर दिया। पब्लिक प्रोसीक्यूटर जयभगवान गोयल ने मामले में पीड़ित पक्ष की पैरवी की। उन्होंने बताया कि एडीजे पूनम सुनेजा की ओर से दोनों पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद दोनों दोषी पाए गए। न्यायालय ने उन्हें 25 साल की कैद व 35- 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
... और पढ़ें

Kaithal Breaking: चीका शहर में चलाया जा रहा था अवैध नशामुक्ति केंद्र, छापा मारकर 31 मरीजों को करवाया मुक्त

हरियाणा के कैथल जिले के चीका के वार्ड-16 में खुशहाल माजरा रोड स्थित डेरा भाग सिंह में लोगों से 10 से 15 हजार रुपये लेकर अवैध रूप से नशामुक्ति केंद्र चलाया जा रहा था। आधा दर्जन से अधिक विभागों की टीमों ने बुधवार रात को छापामार कार्रवाई कर 32 मरीजों को मुक्त करवाया है। इन मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट किया है। पुलिस ने मामले में केंद्र संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
 
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की रात को प्रशाासन की टीम ने दो नशामुक्ति केंद्रों पर रेड की। दोनों चीका में स्थित हैं। इनमें रहमत नशामुक्ति केंद्र में तो नियमों का पालन मिला। वहीं राहत नशामुक्ति केंद्र पूरी तरह से अवैध मिला। इस केंद्र में 32 मरीज दाखिल मिले।

छापामार दल में एसडीएम चीका रोहित कुमार के अलावा एसएमओ गुहला डॉ. संदीप गोयल, समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप शर्मा, स्वास्थ्य विभाग की ड्रग एवं कंट्रोल विभाग से टीम, रेडक्रॉस कर्मचारी के अलावा पुलिस की टीम भी मौजूद थी।

राहत नशामुक्ति केंद्र में जब कोई कागजात नहीं मिला तो पता चला कि इस केंद्र को पूरी तरह से अवैध रूप से चलाया जा रहा था। जिस कारण यहां से मरीजों को रात को ही कैथल जिला अस्पताल में शिफ्ट किया। बताया जा रहा है कि यहां पर दाखिल मरीजों से दस से 15 हजार रुपये की राशि ली जा रही थी।



एसडीएम गुहला रोहित कुमार ने बताया कि कई विभागों ने संयुक्त रेड की है। जिसमें पता चला कि यहां नशामुक्ति केंद्र अवैध पाया गया है। इसे बिना किसी लाइसेंस के चलाया जा रहा है। यहां जो मरीज मिले हैं, उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल करवाया है। मामले में आगामी कार्रवाई एसएचओ गुहला द्वारा की जाएगी।

एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि चीका में दो नशामुक्ति केंद्रों में कई विभागों की टीमों ने बुधवार रात को रेड की। जिसमें रहमत नशामुक्ति केंद्र नियमानुसार चलाते हुए पाया गया। दूसरा राहत नशामुक्ति केंद्र में नियमों की अवहेलना मिली है। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा था। इसमें जो मरीज थे, उन्हें जिला अस्पताल में भेज दिया है। वहां जो दवाएं मिली हैं, उनके आधार पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

मारपीट भी होती थी मरीजों के साथ
सूत्रों ने बताया कि अवैध रूप से चलाए जा रहे नशामुक्ति केंद्र में दाखिल मरीजों के साथ मारपीट भी होती थी। नशामुक्ति केंद्र को लेकर प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी। जिसके आधार पर प्रशासन ने कई विभागों की टीम बनाकर बुधवार रात को यहां छापामार कार्रवाई की। पुलिस छानबीन में ही असली सच्चाई का पता चल पाएगा।

कैथल अस्पताल में दाखिल मरीजों ने बताया कि इस केंद्र में दस से 15 हजार रुपये लिए जाते थे। छह महीनें तक यहां मरीजों को रखा जाता है। उसे घर वालों ने यहां भेजा है। इस नशामुक्ति केंद्र में एक जेल की तरह से रखा जाता था। बाहर का मौसम तक नहीं दिखाते थे। गलती करने पर मारपीट भी की जाती थी। यहां संचालक के घर वाले ही रखे हुए थे। यहां करीब 50 तक भी संख्या पहुंच जाती थी। इसमें बुधवार को करीब 32 लोग दाखिल थे। जिन्हें जिला अस्पताल में लाया गया है। दूसरे मरीज ने बताया कि उसके घर वालों से 20 हजार रुपये लिए थे। उन्हें कहा था कि सारी दवा दी जाएगी। न ही खाना सही ढंग से देते थे। उन्हें मारपीट कर डराया जाता था। यहां दुर्व्यहवार किया जाता था।
... और पढ़ें

Kaithal: पैसे के लेनदेन में पंजाब लेजाकर रस्सी से गला घोंटकर युवक को उतार मौत के घाट, ब्यास नदी में फेंका

हरियाणा के कैथल के चीका से 14 दिसंबर को लापता हुए युवक की हत्या कर शव को पंजाब की ब्यास नदी में फेंके जाने का मामला सामने आया हैं। पुलिस ने इस संबंध में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने पैसे के लेनदेन के कारण अमित की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को ब्यास नदी में फेंक दिया था। पुलिस अब शव बरामद करने के प्रयास में लगी है। आरोपी बलविंद्र, निखिल व नरेंद्र को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है, जबकि सागर अभी फरार है। 

वार्ड 15 निवासी मृतक के चचेरे भाई अजय गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 दिसंबर की सुबह उसका भाई 25 वर्षीय अमित अपने काम से मोटरसाइकिल पर पीडल गया था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था। इस दौरान उसने हर जगह उसके भाई की तलाश की, लेकिन पता नहीं चला।

जबकि उसकी बाइक देवीलाल पार्क चीका के बाहर मिली। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। परिजनों ने शक जताया था कि कुछ लोगों ने अमित का अपहरण किया है। उनके मुताबिक आरोपियों ने ट्रेडिंग में घाटा आने पर युवक से रुपये मांगे थे, लेकिन युवक ने आरोपियों को रुपये देने से मना कर दिया।

इस पर आरोपियों ने उसे चीका में बुलाया और कार में डालकर गांव पड़ता में डेयरी में ले गए। वहां से आरोपी उसे पंजाब में ब्यास नदी पर ले गए और वहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को खुर्दबुर्द करने के लिए नदी में फैंक दिया। 

उन्होंने शिकायत में पीडल निवासी बलदेव, निखिल व नरेंद्र पर शक जताया था। शक के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया। एसएचओ बलदेव ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ दौरान कबूल किया कि वे अमित को चीका शहर स्थित एक अज्ञात स्थान पर बुलाया था, जहां से उसे कार में डालकर गांव पड़ता और फिर ब्यास नदी पर ले गए और उसकी हत्या कर शव को ब्यास नदी में फेंक दिया। नदी से शव को ढूंढना पुलिस के लिए भी आसान काम नहीं होगा।

जानकारी के अनुसार आरोपी अमित कुमार को नकद धनराशि उपलब्ध करवाते थे जो उस राशि को आगे शेयर मार्केट में प्रयोग करता था। उसी के लेनदेन को लेकर झगड़ा हुआ था और बात हत्या तक पहुंच गई। मृतक अमित विवाहित था। वह तीन-चार महीने से शेयर मार्केट में काम करता था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी व दो बच्चे हैं।
... और पढ़ें

Haryana: कैथल में सनसनीखेज वारदात, ससुराल पक्ष के लोगों ने दामाद को जिंदा जलाया, मायके से पत्नी को लेने गया था

हरियाणा के कैथल जिले के गांव शिमला में ससुराल पक्ष के लोगों ने दामाद को जिंदा जला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वह अपनी पत्नी को उसके मायके से लेने गया था। ससुराल वाले इससे भड़क गए और उससे मारपीट करनी शुरू कर दी। बाद में उन्होंने पेट्रोल छिड़क कर उसे आग लगा दी। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।

जींद के गांव अमरगढ़ निवासी मृतक के भाई शिव कुमार ने कलायत थाना में दी शिकायत में बताया कि वे तीन भाई और चार बहनें है। उसके भाई राजीव कुमार (27)शादी सकीना शिमला जिला कैथल के साथ करीब चार साल पहले हुई थी। उसी परिवार में उसकी बहन साहिल कुमारी की शादी शिमला निवासी सागर के साथ हुई थी।

उसकी भाभी सकीना उसके भाई राजीव के साथ परिवार से अलग होने के लिए झगड़ा करती थी। इसके बाद एक साल से उसका भाई राजीव और सकीना जींद में रहने लगे थे। उसके भाई के पास एक लड़का एकलव्य जिसकी उम्र करीब तीन साल है। राजीव और सकीना में झगड़ा होता था। झगड़े को लेकर कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन हर बार समझौता हो जाता रहा।

करीब दो महीने पहले सकीना राजीव के साथ झगड़ा करके अपने मायके अपने माता-पिता के पास गांव शिमला चली गई। उसका बहनोई सागर राजीव को कहता था कि तू गांव शिमला आएगा तो तुझे देख लेंगे। रविवार को उसका भाई राजीव सकीना को लेने के लिए गांव शिमला गया था। शिमला में उनकी बहन साहिल, राजीव की पत्नी सकिना, केलो देवी, चंद्रभान, सागर ने राजीव के साथ मारपीट की और तेल छिड़क कर आग लगा दी। इससे राजीव की मौके पर मौत हो गई।

कलायत थाना के जांच अधिकारी गुरदेव सिंह ने बताया कि पुलिस ने साहिल, सकीना, सास केलो देवी, ससुर चंद्रभान, बहनोई सागर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
... और पढ़ें
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00