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कैथल

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Kaithal: सीसीटीवी कैमरे से कार और कार से पकड़े लूट के आरोपी, एजेंसी कर्मचारी से लूटे थे एक लाख रुपये

कैथल पुलिस ने चीका में बीती १३ फरवरी को बैंक में नकदी जमा करवाने गए कार एजेंसी कर्मचारी से लूट मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों को पकडऩे के लिए पहले सीसीटीवी कैमरों की मदद ली। इसके बाद आरोपी घटना में प्रयोग करने वाली कार से पकड़े गए। पुलिस ने आरोपी कुरुक्षेत्र के गांधीनगर निवासी रवि कुमार व पीपली निवासी धन बहादुर को दबोच लिया है। आरोपियों ने विभिन्न जिलो में दर्जनभर घटनाओं को अंजाम दिया है।

पुलिस ने दो आरोपियों को किया काबू
एसपी मकसूद अहमद ने लघुसचिवालय स्थित कार्यालय में प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी है। एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि १३ फरवरी को एचडीएफएसी बैंक के बाहर एक मारुति एजेंसी के एक कर्मचारी को नशीला पदार्थ सुंघाकर अज्ञात युवक एक लाख रुपये लूट फरार हो गए थे। कर्मचारी को बेहोशी की हालत में कैथल के एक अस्पताल में दाखिल करवाया है। इसके बाद होश आने पर गुहला निवासी पीडि़त रोशन सैनी के ब्यान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। सीआईए वन पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल कर दो आरोपियों को पकड़ा है। 

यह था मामला
नजदीक डाकघर गुहला निवासी रोशन लाल ने बताया था कि वह करीब चार साल से आकाश मोटर्स पटियाला रोड चीका में निजी नौकरी कर रहा है। आकाश मोटर्स मारुती एजेंसी पटियाला रोड चीका के रुपये बैंक में करीब तीन साल से वह जमा करवाता है। 13 फरवरी को वह 12 बजकर पांच मिनट पर आकाश मोटर्स मारुति एजेंसी पटियाला रोड चीका से एक लाख रुपये नगद एचडीएफसी बैंक में जमा करवाने के लिए मोटरसाइकिल पर सवार होकर चला था।

सवा 12 बजे बैंक कैथल रोड चीका में पहुंच गया था और वह बैंक के अंदर कैश काऊंटर पर रुपये जमा करवाने के लिए लाइन में खड़ा हो गया। करीब 12.25 बजे जब वह लाइन में खड़ा था तो उसके आगे एक युवक जिसने नीली कोटी डाली हुई थी और दूसरे लडक़ा ने अपने गले में सफेद परणा डाल रखा था। उन दोनों लडक़ों ने उसे बातचीत में उलझा लिया। वे दोनों आपस में बातचीत करने लग गए। दोनों लडक़ों में से नीली कोटी वाले ने कहा कि लाइन काफी लंबी है। चलो बाहर चाय पीकर आते हैं।

सबसे पहले परणा वाला लडक़ा बैंक से बाहर निकला। उसके बाद नीली कोटी वाला बाहर निकला। फिर वह भी बैंक से बाहर चला गया। समय करीब 12.40 पर टायर की पंचर की दुकान के पास बने खोखा पर चाय पी ली। एक लडक़ें ने चाय के रुपये दे दिए थे। जब वे तीनों करीब 12.50 पर खोखा से करीब 100 मीटर आगे चले। उन दोनों अज्ञात लडक़ों ने उसको नशीला पदार्थ सुंघा दिया और बेहोश हो गए। उसके बाद किसी राहगीर ने इलाज के लिए उसे गुहला मे दाखिल करवा दिया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे कैथल रेफर कर दिया। इसके बाद कल्पना चावला अस्पताल करनाल का रेफर कर दिया। चीका थाना में पुलिस ने 379 बी व 328 धारा लगाकर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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Haryana: कैथल व गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने किया भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़, नकली ग्राहक बनाकर भेजा

हरियाणा के कैथल व गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने भ्रूण जांच गिरोह का फंडाफोड़ करते हुए एक व्यक्ति को सहारनपुर से तो दूसरे को कैथल से गिरफ्तार किया है। गिरोह सदस्य ने पहले 50 हजार तो जांच के लिए जाने से पहले 10 हजार रुपये वसूले। जिनमें से 50 हजार रुपये की राशि का भुगतान सरकारी खाते से किया। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।

पुलिस को दी शिकायत में कैथल के नोडल अधिकारी डॉ. गौरव पूनिया ने बताया कि जिला सामुचित प्राधिकारी गुरुग्राम को गुप्त सुचना मिली थी कि कैथल निवासी एक मनीष नाम का व्यक्ति गुरुग्राम तथा कैथल से गर्भवती महिलाओं को उतर प्रदेश में कहीं नामालुम जगह पर ले जाकर उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण लिंग जांच करवाने का काम करता है।

इसके लिए एक फरवरी को गुरुग्राम सिविल सर्जन ने कैथल स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने को कहा, इसके बाद मनीष नामक व्यक्ति से संपर्क किया। उसने इस काम के लिए 50 हजार रुपये मांगे। इसके बाद कहा कि जिस दिन जांच करवाएगा, उस दिन दस हजार देने होंगे।

इसके बाद गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यह 50 हजार रुपये की राशि सरकारी खाते से आरोपी के खाते में डाल दी। मनीष ने आठ फरवरी को कैथल आने को कहा। इसी बीच अचानक आठ फरवरी को मनीष ने कार्यक्रम टाल दिया और इसे बदलकर 16 फरवरी कर दिया।

इसके बाद गुरुग्राम व कैथल की टीमों ने संयुक्त टीम बनाई। विभाग द्वारा तैयार की गई गांव हरसौला निवासी ग्राहक महिला को हरसौला से ही लेने को कहा। इसके बाद पुलिस कर्मचारी गुरुग्राम सीआईए से रवि को महिला का पति बनाया। टीम मनीष के बताए गांव सोलू माजरा के निकट पहुंची। वहां जाने से पूर्व मनीष को दस हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से भेज दिए।

वहां बलबीर नामक व्यक्ति मिला। जो उन्हें लेकर सहारनपुर पहुंचा। सहारनपुर के पंजाबी बाग क्षेत्र में जाकर एक लड़का स्कूटी पर आया। वह उक्त महिला को लेकर तंग गलियों से होते हुए एक घर में ले गया। जहां एक घर में अल्ट्रासाउंड किया। दोनों टीमें महिला का पीछा करती रही, लेकिन तंग गलियों में वह लड़का व महिला टीम की आंखों से ओझल हो गए।

टीमों ने वहां लोगों से पूछने का प्रयास किया, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसी बीच बलबीर को फोन करके सूचित किया कि महिला को कुछ दूरी पर छोड़ दिया है। इसके बाद टीम ने बलबीर को वहीं पर काबू कर लिया। साथ ही ग्राहक बनी महिला ने बताया कि सुभाष नाम के व्यक्ति के मकान में एक डॉक्टर ने उसका अल्ट्रासाउंड किया।

जहां कोई अस्पताल नहीं था। दोनों टीमें बलबीर को पकड़कर वापस आ गई। बलबीर ने पूछताछ में कहा कि इस पूरे मामले में कैथल का संदीप नामक लड़का भी शामिल है। टीम के कहने पर उसे कैथल आने पर गोल्डन पॉम के निकट बलबीर ने बुलाया तो उसे तुरंत काबू कर लिया।

इसके बाद पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने इस मामले में बलबीर, संदीप, मनीष व स्कूटी पर महिला को सहारनपुर में ले जाने वाले किशोर सहित वहां के मकान मालिक सुभाष के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट की धारा 3,4,5,6,18,23,29 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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Kaithal: ट्रांसफार्मर चोरी करते समय करंट लगने से चोर की मौत, नहीं हो सकी शिनाख्त

हरियाणा के कैथल के गुहला-चीका क्षेत्र के गांव अजीमगढ़ में समाना रोड पर बिजली का ट्रांसफार्मर चोरी करते हुए करंट लगने से चोर की मौत हो गई। उसके शव को जिला अस्पताल में रखा गया है। मृतक की अभी पहचान नहीं हो सकी है।

घटनाक्रम के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि चीका में समाना रोड पर गांव अजीमगढ़ में एक पेट्रोल पंप के पास लगे ट्रांसफार्मर के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। पास में ही ट्रांसफार्मर खुला हुआ है और यहां ट्रांसफार्मर खोलने में प्रयोग होने वाले उपकरण पड़े हुए हैं।

सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। इस मामले में अभी तक मृतक की कोई पहचान नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में गुहला-चीका क्षेत्र में सैकड़ों बिजली ट्रांसफार्मर की चोरियां हो चुकी हैं। 

गांव अजीमगढ़ चौकी इंचार्ज बलविंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें फोन से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हुई है। मृतक के पास बिजली के कुछ उपकरण और तार मिले हैं। इससे यह अनुमान है कि यह व्यक्ति चोरी करने की ताक में यहां आया था। अभी तक इसकी पहचान नहीं हो पाई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम करवाने के बाद इसे अगले 72 घंटे तक पहचान के लिए मोर्चरी हाउस में रखा जाएगा।
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कैथल में 17 लाख रुपये की लूट का मामला: सर्राफा कारीगरों व दुकानदारों ने जाम, डीएसपी ने दिया आश्वासन

कैथल में बीते मंगलवार की देर रात को स्कूटी समेत 17 लाख रुपये का सोना लूटने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से खफा सर्राफा बाजार के दुकानदारों व कारीगरों ने बुधवार सुबह 10 बजे लाल प्यौ पर जाम लगा दिया। एक घंटा तक बाजार में आने- जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। पुलिस ने बाजार में आने वाले लोगों के लिए दूसरा रास्ता डायवर्ट किया। जाम की सूचना मिलते ही सीआईए वन के इंचार्ज रमेश चंद्र, सीआईए टू के इंचार्ज अमित सिंह मौके पर पहुंचे।

एक घंटा तक बाजार में आने- जाने वाले लोगों को हुई परेशानी
जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया, लेकिन बाजार के दुकानदारों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक जाम न खोलने की चेतावनी दी। इसके बाद मौके पर डीएसपी रविंद्र सांगवान पहुंचे। रविंद्र सांगवान ने दुकानदारों को समझा बुझाकर सिटी थाना में बुलाया। तीन दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया।

मंगलवार रात को लूट ली थी 300 ग्राम सोने सहित स्कूटी
सर्राफा बाजार एसोसिएशन के प्रधान पवन ने बताया कि मंगलवार को लगभग आठ बजे पीडि़त कैथल के चतर मोहल्ला निवासी मिराज व उसके बेटे तामीम दुकान बंद कर अपनी आभूषण बनाने की दुकान को बंद करके घर जा रहे थे। करीब आठ बजे ही अज्ञात चार युवकों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। उनके साथ जमकर मारपीट की। मारपीट के बीच चारों युवक उनकी स्कूटी छीन कर फरार हो गए। स्कूटी में करीब 300 ग्राम सोना था। स्कूटी में 300 ग्राम सोना था। जो आभूषण बनाने के लिए उनके पास आया हुआ था। इसकी कीमत लगभग 17 लाख रुपये है।

सीआईए वन व टू की टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया है। टीम का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। पीड़ित मिराज ने बताया कि आठ फरवरी को लाल प्यौ के निकट ही अज्ञात युवकों ने आंख में मिर्च पाउडर डालकर पहले भी वारदात को अंजाम दिया था। उस समय आरोपी सफल नहीं हुए थे। पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस की तरफ से भी कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई थी। अब दूसरी बार उनके साथ घटना हुई है। डीएसपी रविंद्र सांगवान ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंच गया था। केस दर्ज कर सीआईए वन व टू की टीम को लगा दिया गया है। जाम को खुलवा दिया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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कैथल डीएसपी कैथल डीएसपी

कैथल में वारदात: आभूषण बनाने वाले कारीगर व बेटे से मारपीट कर 17 लाख के सोने सहित स्कूटी छीनी, देर रात की घटना

हरियाणा के कैथल में आभूषण बनाने वाले मूल रूप से कोलकाता निवासी कारीगर व उसके बेटे के साथ मंगलवार रात को लाल प्यौ पर चार अज्ञात युवकों ने हमला कर स्कूटी छीन ली। स्कूटी में लगभग 300 ग्राम सोना था। जिसकी कीमत 15 से 16 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद बाजार में हड़कंप मच गया। थाना शहर से सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पीड़ित व उसके साथी पुलिस थाने में केस दर्ज करवाने की कार्रवाई के लिए पहुंचे हुए हैं।
घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित कैथल के चतर मोहला निवासी मिराज व उसके बेटे तामीम ने बताया कि रमजान में रात को नौ बजे नमाज का समय होने के कारण वे लगभग आठ बजे सर्राफा बाजार के निकट स्थित प्रेम गली में अपनी आभूषण बनाने की दुकान को बंद करके घर जा रहे थे। जहां करीब सवा आठ बजे ही चार युवकों ने अचानक हमला कर दिया। उनके साथ जमकर मारपीट की। दोनों को मामूली चोटें आईं। इस मारपीट के बीच चारों युवक उनकी स्कूटी छीन कर फरार हो गए। स्कूटी में करीब 300 ग्राम सोना था। जो आभूषण बनाने के लिए उसके पास आया हुआ था। इसकी कीमत लगभग 15 से 16 लाख रुपये है।
उधर, सूचना मिलते ही थाना शहर से पुलिस टीमों सहित सीआईए की टीमें मौके पर पहुंचीं। लूटेरों की तलाश शुरू कर दी है।
एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुंच गई थी। वारदात को अंजाम देने वाले चारों की तलाश की जा रही है। जल्द ही इन्हें काबू कर लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।

दो माह पहले भी हुई थी वारदात, सफल नहीं हो पाए थे
लूट की घटना का शिकार हुए कारीगरों ने बताया कि करीब दो माह पहले भी लाल प्यौ के निकट ही अज्ञात युवकों ने वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया था। उस समय लूटेरे सफल नहीं हो पाए थे। उस समय उस पर मिर्च के पाउडर से हमला किया था। जिसमें वे उससे सोना नहीं छीन पाए थे। इस घटना की सूचना पुलिस में दी थी। पुलिस ने रपट भी दर्ज की थी।
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Kaithal: ठेकेदार से रंगदारी मांगने का मामला, पुर्तगाल का मोबाइल नंबर किया गया था प्रयोग, ऐसे सुलझाई गुत्थी

हरियाणा के कैथल में पिछले सप्ताह 13 व 16 मार्च को कैथल के माल ढुलाई ठेकेदार से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुर्तगाल के मोबाइल नंबर प्रयोग किया। इसी नंबर के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही। मामले में पुलिस के साइबर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वारदात का खुलासा हो गया।

पुलिस के मुताबिक, चीका निवासी कुलदीप के खिलाफ पटियाला में दिसंबर 2020 में हत्या का एक मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में उसका सहयोगी पंजाब के हसनपुर निवासी राजपाल भी भगोड़ा है। वह जेल से बाहर आकर पुर्तगाल चला गया। जब ठेकेदार चीका के ही प्रगट सिंह से कुलदीप ने पैसे मांगे तो प्रगट सिंह ने जितेंद्र ठेकेदार का नंबर दे दिया।

इसके बाद कुलदीप ने जितेंद्र से पैसे मांगने के लिए पुर्तगाल में बैठे राजपाल की मदद ली। राजपाल ने ही उन्हें वहां का वास्तविक मोबाइल नंबर लेने में मदद की। उसे कोड आदि पूछ कर वर्चुअल तरीके से पुर्तगाल का मोबाइल नंबर उपलब्ध करवा दिया। इसी नंबर से व्हाटस-एप के माध्यम से कॉल करके जितेंद्र से रंगदारी मांगी गई।

पुलिस अब इंटरपोल व दूसरी एजेंसियों की मदद से राजपाल की गिरफ्तारी के लिए प्रयास करेगी। एसपी मकसूद अहमद ने कहा कि साइबर विशेषज्ञ की मदद से यह केस जल्द सुलझाने में मदद मिली। एएसआई रणदीप का इसमें काम सराहनीय रहा। जांच में पता चला कि कुलदीप ने वास्तविक नंबर जेनरेट करवाया था।

इसके बाद कुलदीप व प्रगट सिंह से पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी कुलदीप व जगदीप पर थाना सदर पटियाला में हत्या करने का एक मामला पहले से ही दर्ज है। इसके अलावा जगदीप पर थाना गुहला व थाना चीका में लड़ाई-झगड़े का भी मामला दर्ज है।

दूसरे ठेकेदार ने रची थी साजिश
मामले में पुलिस ने साइबर विशेषज्ञों की मदद से मामले का पटाक्षेप कर दिया। दूसरे ठेकेदार ने ही साथियों को पीड़ित का नंबर देते हुए रंगदारी मांगने के लिए कहा था। शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपियों पर शिकंजा कस लिया और उन्हें दबोच लिया।

एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि पुलिस ने गुलमोहर सिटी निवासी सरकारी ठेकेदार जितेंद्र कुमार की शिकायत पर यह केस दर्ज किया था। उसने बताया था कि वह मंडियों से अनाज उठाने का काम करता है। गत 13 मार्च को उसके पास आई व्हाट्सएप कॉल में उससे 10 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद 16 मार्च को रात के समय दोबारा फोन आया और कहा कि या तो हमारा काम कर दो नही तो सुबह आप नहीं मिलोगे। पुलिस ने थाना तितरम में यह केस दर्ज किया था। सीआईए-1 सहित साइबर सेल के एएसआई रणदीप ने इसमें अच्छा काम किया।

एएसआई मुकेश कुमार की अगुवाई में आरोपियों ठेकेदार चीका निवासी प्रगट सिंह, कुलदीप व चीका में ही मारपीट के एक मामले में आारोपी जगदीप को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि ठेकेदार प्रगट सिंह ने ही जितेंद्र से रंगदारी मांगने की बात कही थी।

आरोपी जगदीप ने कुलदीप से पैसे मांगे। इसके बाद कुलदीप ने कुलदीप ने प्रगट सिंह से पैसे मांगे। प्रगट सिंह ने कहा कि उसके पास पैसे तो नहीं हैं, लेकिन मंडियों के टेंडर छूटने हैं। ठेकेदार जितेंद्र निवासी गुलमोहर सिटी कैथल को टेंडर न लेने बारे धमकाओ और साथ में रंगदारी मांग लो। वह स्वयं भी टेंडर लगाएगा। यदि टेंडर उसे मिल गया तो वह भी उन्हें पैसे दे देगा।

प्रगट सिंह ने व्हाट्सएप के जरिये शिकायतकर्ता जितेंद्र का नंबर कुलदीप को भेजा। जो कुलदीप ने यही नंबर जगदीप को भेज दिया। जिस बारे जगदीप ने शिकायतकर्ता से दिनांक 13 मार्च को 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी तथा उसको धमकाया। उसके बाद 16 मार्च को फिर दोबारा उसी नंबर से शिकायतकर्ता को धमकाया तथा फिरौती की मांग की गई।

पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। कुलदीप ने पुर्तगाल में रह रहे अपने दोस्त की मदद से वर्चुअल नंबर लिया था। इसके आधार पर पुलिस ने तीनों को काबू कर लिया। पुलिस ने पुर्तगाल में रह रहे कुलदीप के दोस्त पंजाब के हसनपुर निवासी राजपाल की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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Kaithal: दुष्कर्म का केस दर्ज होने पर शादी के दिन दूल्हा फरार, धरी रह गई तैयारी, पड़ोसी विवाहिता ने लगाया आरोप

हरियाणा के कैथल के तितरम थाना क्षेत्र में दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद शादी के दिन दूल्हा फरार हो गया। एक दिन पहले पड़ोसी महिला ने उस पर झांसा देकर छह साल तक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसके बाद दूसरी महिला से शादी की तैयारी में जुटा आरोपी दूल्हा घर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस आरोपी दूल्हे की तलाश कर रही है, जबकि दूसरी ओर मंगलवार को होने वाली शादी की सारी तैयारियां धरी रह गईं।

विवाहिता ने 20 मार्च को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पड़ोसी आरोपी देवर शादी का झांसा देकर छह साल से उसके साथ संबंध बना रहा था। इस दौरान उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि 12 मार्च को आरोपी उससे शादी करने के लिए घर से कलायत स्थित एक मकान में भी लेकर गया।

वहां पर उसके साथ 15 मार्च तक रहा और फिर वापस गांव में छोड़कर चला गया। इसके बाद उसे जानकारी मिली कि आरोपी दूसरी महिला से शादी करने की तैयारी में है। इसके बाद उसने पुलिस में इसकी शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज कर लिया। केस दर्ज करने के बाद पीड़िता के बयान दर्ज कराए गए।

पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल भी करवा दिया है। मेडिकल के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। दूसरी ओर पुलिस में केस दर्ज होने की भनक लगते ही मंगलवार को शादी के तैयारी में जुटा आरोपी दूल्हा घर छोड़कर फरार हो गया। उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता महिला का पति और बच्चे हैं। इसके बावजूद पड़ोसी युवक से उसके नाजायज संबंध थे।

महिला थाना प्रभारी गीता देवी ने बताया कि सोमवार को उनके पास एक महिला की शिकायत आई थी, जिसमें बताया गया था कि उसका रिश्ते में लगने वाले देवर ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। केस दर्ज करने के बाद पीड़िता के बयान व मेडिकल करवाया गया है। अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है, जिसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को आरोपी की शादी होनी थी, लेकिन वह फरार है।
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कैथल जेल में भिड़े दो बंदी गुट: चाय को लेकर हुआ झगड़ा, चार घायल

सांकेतिक तस्वीर
कैथल जेल में मिलने वाली चाय को लेकर जिला जेल में दो बंदियों के गुट आपस में भिड़ गए। इस लड़ाई झगड़े में चार युवक घायल हो गए। सिटी थाना में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सिटी थाना में दी शिकायत में जिला जेल उप अधीक्षक अजीत सिंह ने बताया कि 18 मार्च को सुबह सभी बंदी चाय पीने के लिए आए हुए थे। वहां पर बंदी विकास व सुनील की आपस में धक्का मुक्की हो गई।

इन बंदियों के बीच हुआ झगड़ा
पुलिस कर्मचारियों ने बीच बचाव कर दोनों को वापस वार्ड में भेज दिया। इसके कुछ समय बाद बंदी गुलाहड़ी निवासी जोगिंद्र, नरड़ निवासी अशोक व कैलरम निवासी सुनील वार्ड के बाहर बैठे हुए थे। तभी चाय पर हुई धक्का मुक्की की रंजिश में पंजाब के संगरूर थाना लहरा के चोटिया निवासी विकास दोबारा अपने गुट के बंदी वार्ड नंबर दो चीका निवासी राहुल, वार्ड नंबर दो चीका निवासी सन्नी, भागल निवासी साहिल, ककहेड़ी निवासी राजेश, वार्ड नंबर 10 गुहला निवासी हरप्रीत, बलबेहड़ा निवासी चिन्नू, फतेहपुर की टंकी मोहल्ला निवासी हर्ष, पंजाब के जिला संगरूर निवासी मंदू को लेकर आया।

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मुंह व आंखों पर पर चोटें लगी
वहां पर बैठे तीनों युवकों पर उन्होंने चाकू जैसी नुकीली चीजों व मुक्कों से हमला कर दिया। शोर सुनकर जेल में तैनात कर्मचारी ने बीच बचाव करवाया। मौके पर दूसरे कर्मचारियों को भी बुला लिया गया था। ड्यूटी पर तैनात जेल वार्डर ने घटना के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इस लड़ाई झगड़े में जोगिंद्र व अशोक के मुंह व आंखों पर पर चोटें लगी है।

दूसरे गुट की तरफ से विकास व मंदू को भी हल्की चोटें आई है। सभी आरोपी 302 व 307 के मामले में जेल बंद है। पुलिस ने हमला वाली चाकू जैसी नुकीली चीज को बरामद कर लिया है। सिटी थाना एसएचओ नन्ही देवी ने बताया कि पुलिस ने मामले में मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत राहुल, विकास, सन्नी, राजेश, अभिषेक, हरप्रीत, चिन्नू, हर्ष, अंकित, मंदू के बंदी खिलाफ केस दर्ज कर लिया। मामले की आगामी जांच शुरू कर दी है।
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Kaithal: हाईकोर्ट में नहीं दिया समय पर जवाब, गुहला SHO राजेश व SI नरेश कुमार निलंबित

हरियाणा के कैथल में ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में मंगलवार को गुहला एसएचओ राजेश व एसआई नरेश कुमार को एसपी मकसूद अहमद ने निलंबित कर दिया है। इसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।

वर्ष 2018 व 2021 में लड़ाई-झगड़े के मामले गुहला थाना में दर्ज हुए थे। 10 मार्च को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जवाब भेजना था, लेकिन आरोपी कर्मचारियों ने कोई जवाब नहीं भेजा। मामला हाईकोर्ट से जुड़ा होने के कारण विभागीय स्तर पर मामले में सख्त कार्रवाई को लेकर संज्ञान लिया।

इस पर एसपी मकसूद अहमद ने दोनों कर्मचारियों गुहला के एसएचओ राजेश व एसआई नरेश कुमार को निलंबित कर दिया है। एसपी ने कहा कि एसएचओ गुहला सहित एएसआई को निलंबित किया है। ड्यूटी में कोताही बरतने वाले किसी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामला कोर्ट से जुड़ा हुआ था, समय से काम न करने पर यह कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी एसपी मकसूद अहमद ने भ्रूण जांच के मामले में धरे गए दो आरोपियों को थाने से जमानत देने के मामले में सब इंस्पेक्टर राजकुमार और सब इंस्पेक्टर सत्यवान को निलंबित कर दिया है। उस समय भी एसपी ने प्रथम दृष्टया जांच में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

साथ ही विभागीय जांच भी की जा रही है। उस मामले में कैथल और गुडग़ांव से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 17 दिन की छानबीन के बाद दोनों आरोपियों को काबू किया था, जिन्हें पुलिस ने न्यायालय में पेश किए बिना ही जमानत पर रिहा कर दिया था।
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इनेलो प्रदेश सचिव से मांगी रंगदारी: 50 लाख का इंतजाम कर लो, नहीं दिए तो परिवार को खत्म कर देंगे...

हरियाणा के ढांड में इनेलो प्रदेश सचिव से इंटरनेशनल कॉल के माध्यम से 50 लाख की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। ढांड थाना में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। ढांड थाना को दी शिकायत में इनेलो प्रदेश सचिव संगरौली निवासी सोहन लाल ने बताया कि उसकी पीपली अनाज मंडी में आढ़त की दुकान है और वह प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त का काम करता है।

25 फरवरी को जब वह इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला के साथ गुरुग्राम में पदयात्रा में भाग ले रहा था। उस समय सुबह के साढ़े नौ बजे इंटरनेशनल नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले आरोपी ने कहा कि रुपये बहुत कमा लिए।

इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को कहा कि वह उसे व उसके घर वालों को अच्छी तरह जानता है। 50 लाख का इंतजाम कर लो। कब, कहां और कैसे देने है। उसके लिए हम दोबारा कॉल करेंगे। अगर 50 लाख रुपये नहीं दिए और पुलिस को बताया तो उसे व उसके परिवार को खत्म कर देंगे।

शिकायतकर्ता ने कहा कि एक मार्च को फिर किसी अन्य नंबर से इंटरनेशनल व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल के माध्यम से रंगदारी मांगने वाले ने फिर वही बात दोहराई और कहा कि तुझे अपने बच्चे प्यारे नही लगते हैं।

उन्होंने तेरा इंतजाम कर लिया है। अब हम रंगदारी की रकम अपने आप ले लेंगे। पुलिस कार्रवाई की तो उसका अंजाम बहुत बुरा होगा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की आगामी जांच शुरू कर दी।

पीड़ित सोहन लाल उर्फ सोनू ने बताया कि रंगदारी मांगे जाने के बाद से उनका परिवार सुरक्षित नहीं है। रात की नींद भी नहीं आ रही है। हर समय परिवार यह सोचता रहता है कि न जाने क्या होगा। पुलिस में शिकायत देने के बावजूद भी अभी तक उन्हें किसी प्रकार की पुलिस सहायता नहीं मिली है।

जिससे परिजनों में पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा रोष है और मांग करते है कि उनके परिवार की जान माल की सुरक्षा की जाए। पीड़ित का कहना है कि रंगदारी मांगे जाने से वह उसका भाई डॉ. संदीप,विक्रम व समस्त परिजन सहमे हुए हैं।

एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि संगरौली निवासी सोहन लाल की शिकायत पर इंटरनेशनल कॉल के माध्यम से रंगदारी मांगे जाने की शिकायत आई थी। शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ दर्ज कर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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कैथल SP के नाम से फेक ID: इंस्टाग्राम पर मैसेज कर मांगे रुपये, पुलिस जांच में जुटी

कैथल में अज्ञात द्वारा कैथल के एसपी मकसूद अहमद की इंस्टाग्राम आईडी पर फोटो लगाकर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। कैथल के एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि उन्होंने सूचना मिली है कि उसकी किसी ने नकली इंस्टाग्राम आईडी बना ली है। नकली आईडी से संदेश भेजकर आरोपी कुछ रुपयों की मांग की है।

मैसेज कर मांगे 25 हजार
पहले अज्ञात व्यक्ति ने किसी के पास हेलो का संदेश भेजा है। उसके बाद क्या हाल है। इसके बारे में जानकारी ली है। फिर अज्ञात ने कहा कि आपसे एक काम है। उसके बाद बोला की आपके पास फोन पे है क्या। कुछ रुपयों की जरूरत है। वह ये रुपये कल वापस कर देगा। साइबर थाना की पुलिस ने मामले में आगामी जांच शुरू कर दी है।

अज्ञात आरोपी ने इंस्टाग्राम आईडी पर  एसपी मकसूद अहमद की 12 फोटो लगाई हुई है। डीएसपी सज्जन सिंह की फोटो व्हाट्सएप पर लगा कर उनकी जान पहचान के एक व्यक्ति से 25 हजार रुपये ठग लिए थे। इसकी शिकायत कैथल निवासी जिले सिंह ने साइबर थाना पुलिस को दी है। पुलिस तीन आरोपियों को पकड़ चुकी है।
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Kaithal:  पीएम हाऊस में जान-पहचान का दिया झांसा, सरकारी नौकरी के नाम पर एक करोड़ 50 लाख ठगे

कैथल में पीएम हाउस में मंत्रियों से जान-पहचान का झांसा देकर आधा दर्जन से अधिक युवकों को पुलिस व ग्रुप डी की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर डेढ़ करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में  चीका के वार्ड नंबर दो निवासी मंगल सिंह की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया। चीका थाना में दी शिकायत अनुसार शिकायतकर्ता मंगल सिंह व आरोपी वीरेंद्र सिंह का 2018 में मोबाइल फोन से संपर्क हुआ था। आरोपी ने शिकायतकर्ता को बताया था कि उसकी प्रधानमंत्री कार्यालय में बड़े- बड़े मंत्रियों के साथ अच्छी जान पहचान है। वह मंत्रियों के साथ उठता- बैठता है।

पीडि़त को प्रधानमंत्री हाउस तक मंत्रियों की जान पहचान का दिया झांसा
वह बच्चों को भी विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी लगवाने का काम करता है। शिकायतकर्ता उसके परिवार के लोगों के साथ जान पहचान होने की वजह से उसकी बातो में आ गया। वर्ष 2019 में पुलिस विभाग में ग्रुप डी की भर्तियां निकली हुई थी। उस समय आरोपी ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। आरोपी ने उससे कहा कि वह चुपके से किसी रिश्तेदार का नौकरी पर लगवाना चाहता है तो उसे रुपये दे दे। वह  पक्की नौकरी पर लगा देगा।

भारत सरकार लिखी गाड़ी में लिए रुपये
अगर इस बारे किसी को पता चल गया तो वह रुपये लेकर नौकरी लगवाता है तो मामला गड़बड़ हो जाएगा। कार्यालय की सिक्रेसी लीक हो गई तो मंत्रियों या सरकार को पता चल जाएगा। हम दोनों की बदनामी हो जाएगी। इसमें कोई नहीं बचेगा। क्योंकि यह मामला पीएम आवास का है। उसकी पीएम आवास पर बड़े- बड़े मंत्रियों के साथ नौकरी के मामले में अच्छी सेटिंग है। आरोपी ने शिकायतकर्ता को गुमराह करके पूरा विश्वास दिलवाया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
आरोपी पूरा विश्वास दिलवाकर शिकायतकर्ता के परिवार व उसके कई रिश्तेदारों के बच्चों को पुलिस विभाग व ग्रुप डी में भर्ती करवाने के लिए चीका से अपनी भारत सरकार लिखी हुई इनोवा गाड़ी लेकर शिकायतकर्ता के घर व कार्यालय से रुपये लेकर गया। उसके परिवार व रिश्तेदारों को नौकरी लगवाने के नाम पर एक करोड़ 50 लाख की धोखाधड़ी कर ली। आरोपी ने शिकायतकर्ता के किसी रिश्तेदार व परिवार के सदस्यों को नौकरी पर नहीं लगवाया। आरोपी की कॉल रिकॉर्डिंग उसके मोबाइल फोन में है।

आरोपी ने उसके परिवार या किसी भी रिश्तेदार को आज तक सरकारी नौकरी पर नहीं लगवाया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके रुपये वापस दिलवाए जाए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके घर के अन्य सदस्यों का भी इस ठगी में हाथ था। चीका थाना के एसएचओ राजफूल ने बताया कि पुलिस ने वीरेंद्र सिंह, ज्ञानचंद, ज्ञानचंद की पत्नी व पिंकी देवी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Kaithal:  RSS नेता के भाई से ठगी करने वाला आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, नकदी, आभूषण व कार बरामद

कैथल में आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी  सदस्य इंद्रेश के भाई व भाजपा नेता अरुण सर्राफ से ठगी करने वाला आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने आरोपी कुरुक्षेत्र की पृथ्वी कॉलोनी निवासी रमनदीप उर्फ लाडी को दबोच लिया है। आरोपी के कब्जे से आठ लाख 70 हजार रुपये के आभूषण व गाड़ी बरामद कर ली है। आरोपी को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है। सोमवार को डीएसपी रविंद्र सांगवान ने प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी है।

पिहोवा का एसएचओ बताकर भाजपा नेता से की थी ठगी
बीते शनिवार को आरोपी ने पिहोवा का एसएचओ बताकर आरएसएस के सदस्य इंद्रेश के भाई अरुण सर्राफ की दुकान से 8.70 लाख रुपये के आभूषण लेकर दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी को धक्का देकर फरार हो गया था। पुलिस ने सिटी थाना में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। सीआईए वन की पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। इससे पहले आरोपी ने करनाल व पूंडरी में वारदातों को अंजाम देने की कोशिश की थी, लेकिन आरोपी सफल नहीं हो पाया था। शहर के बीच मुख्य बाजार से आरोपी ने आभूषण छीने थे।

ज्योतिष का काम करता है आरोपी
शिकायत में इंद्रेश के भाई अरुण ने बताया था कि शनिवार को शाम को करीब तीन बजे एक अज्ञात व्यक्ति उसकी दुकान पर आया था। आरोपी ने बताया कि वह रमनदीप सिंह है और पिहोवा थाना में एसएचओ है। उसने अपना पुलिस का आई कार्ड भी दिखाया। इसके बाद आरोपी ने शादी के लिए कुछ आभूषण खरीदने चाहे। आरोपी को नेता ने आभूषण दिखा दिए। आरोपी ने आठ लाख 70 हजार रुपये के आभूषण पसंद कर लिए। आभूषणों को पैक करवा कर बिल बनवा लिया।

आरोपी ने कहा कि रुपये गाड़ी में पड़े हैं। आप किसी को साथ भेज दो। वह रुपये वहां से दे देगा। उसने आभूषण की दुकान पर काम करने वाले गगन नाम के लडक़े को आभूषण देकर उसके साथ भेज दिया। जब आरोपी रमन दीप सिंह गाड़ी के पास पहुंचा और उसने गाड़ी को स्टार्ट कर लिया और मौका पाते ही आरोपी उसकी दुकान के कर्मचारी गगन के हाथ से आभूषण छीन कर अपनी गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी का एक दिन पुलिस रिमांड लिया है। रिमांड दौरान पुलिस आई कार्ड व अन्य मामलों की जांच करेगी। आरोपी पिहोवा में ज्योतिष का काम काफी समय से कर रहा है।
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