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Kaithal News: निवेश पर अधिक लाभ का झांसा देकर छात्रा से 97,087 रुपये की ठगी, दो आरोपी काबू
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कैथल। निवेश के नाम पर अधिक लाभ कमाने का झांसा देकर छात्रा से 97,087 रुपये की ठगी करने के मामले में दो आरोपी पुलिस ने काबू कर लिए। आरोपी राजस्थान के जिला दौसा के गांव सुरतपुरा निवासी महेश कुमार और तहलका निवासी प्रेमप्रकाश हैं। पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि मामले में आरोपी प्रेमप्रकाश को न्यायालय से दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि महेश कुमार को अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव बरटा निवासी छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह कैथल में बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है। उसने टेलीग्राम पर स्टडी मंतरा एजुकेशन नामक चैनल ज्वाइन किया हुआ था। 4 जनवरी को चैनल पर एक विज्ञापन दिखाई दिया जिसमें गरीब विद्यार्थियों के लिए निवेश कर अधिक लाभ कमाने की बात कही गई थी। विज्ञापन में तीन हजार और पांच हजार रुपये निवेश करने पर अधिक लाभ देने का झांसा दिया गया था। विज्ञापन में दिए गए लिंक के माध्यम से वह एक व्हाट्सएप नंबर से जुड़ गई। व्हाट्सएप पर उसे निवेश का प्लान चुनने के लिए कहा गया। उसने तीन हजार रुपये का प्लान चुना। इसके बाद उसे स्कैनर भेजकर पहले एक हजार और फिर दो हजार रुपये जमा करवाए गए। बाद में मैसेज भेजकर उसे बताया गया कि अधिक ग्राहकों के कारण तीन हजार रुपये वाला प्लान पूरा हो चुका है और आठ हजार रुपये के प्लान में 35 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। इसके बाद उससे पांच हजार रुपये और जमा करवाए गए।
आरोपियों ने उसके नाम पर बीटकोएन क्रिप्टो करंसी मार्केट लिखी एक फर्जी रसीद भेजी जिसमें लाभ सहित 48 हजार रुपये की राशि दर्शाई गई। इसके साथ 13,440 रुपये जीएसटी के रूप में जमा करवाने के लिए कहा गया। छात्रा ने आरोपियों के बताए स्कैनर पर यह राशि भी भेज दी। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने 19,373 रुपये टैक्स के नाम पर जमा करवाए। इसके बाद बैंक खाते के सत्यापन के नाम पर 28,137 रुपये जमा करवाए गए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने फिर 28,137.43 रुपये दोबारा भेजने के लिए कहा और पहले भेजी गई राशि रिफंड होने का झांसा दिया। छात्रा ने दोबारा 28,137.43 रुपये भी भेज दिए। इसके बाद आरोपियों ने एक और फर्जी रसीद भेजकर अतिरिक्त राशि जमा करवाने का दबाव बनाया और धमकी दी कि राशि जमा नहीं करने पर पहले के रुपये वापस नहीं मिलेंगे।
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शिक्षक को बताने पर चला ठगी का पता
उसने पूरे मामले की जानकारी अपने शिक्षक को दी। शिक्षक ने उसे बताया कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। इसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी में आरोपी महेश कुमार का बैंक खाता इस्तेमाल हुआ था। यह बैंक खाता आरोपी प्रेमप्रकाश ने महेश कुमार से लेकर आगे कमीशन पर साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया था।
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव बरटा निवासी छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह कैथल में बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है। उसने टेलीग्राम पर स्टडी मंतरा एजुकेशन नामक चैनल ज्वाइन किया हुआ था। 4 जनवरी को चैनल पर एक विज्ञापन दिखाई दिया जिसमें गरीब विद्यार्थियों के लिए निवेश कर अधिक लाभ कमाने की बात कही गई थी। विज्ञापन में तीन हजार और पांच हजार रुपये निवेश करने पर अधिक लाभ देने का झांसा दिया गया था। विज्ञापन में दिए गए लिंक के माध्यम से वह एक व्हाट्सएप नंबर से जुड़ गई। व्हाट्सएप पर उसे निवेश का प्लान चुनने के लिए कहा गया। उसने तीन हजार रुपये का प्लान चुना। इसके बाद उसे स्कैनर भेजकर पहले एक हजार और फिर दो हजार रुपये जमा करवाए गए। बाद में मैसेज भेजकर उसे बताया गया कि अधिक ग्राहकों के कारण तीन हजार रुपये वाला प्लान पूरा हो चुका है और आठ हजार रुपये के प्लान में 35 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। इसके बाद उससे पांच हजार रुपये और जमा करवाए गए।
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आरोपियों ने उसके नाम पर बीटकोएन क्रिप्टो करंसी मार्केट लिखी एक फर्जी रसीद भेजी जिसमें लाभ सहित 48 हजार रुपये की राशि दर्शाई गई। इसके साथ 13,440 रुपये जीएसटी के रूप में जमा करवाने के लिए कहा गया। छात्रा ने आरोपियों के बताए स्कैनर पर यह राशि भी भेज दी। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने 19,373 रुपये टैक्स के नाम पर जमा करवाए। इसके बाद बैंक खाते के सत्यापन के नाम पर 28,137 रुपये जमा करवाए गए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने फिर 28,137.43 रुपये दोबारा भेजने के लिए कहा और पहले भेजी गई राशि रिफंड होने का झांसा दिया। छात्रा ने दोबारा 28,137.43 रुपये भी भेज दिए। इसके बाद आरोपियों ने एक और फर्जी रसीद भेजकर अतिरिक्त राशि जमा करवाने का दबाव बनाया और धमकी दी कि राशि जमा नहीं करने पर पहले के रुपये वापस नहीं मिलेंगे।
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शिक्षक को बताने पर चला ठगी का पता
उसने पूरे मामले की जानकारी अपने शिक्षक को दी। शिक्षक ने उसे बताया कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। इसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी में आरोपी महेश कुमार का बैंक खाता इस्तेमाल हुआ था। यह बैंक खाता आरोपी प्रेमप्रकाश ने महेश कुमार से लेकर आगे कमीशन पर साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया था।