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दूसरे राज्यों से कम हुई प्याज की आवक, दाम बढ़े
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डीजल-पेट्रोल-गैस की महंगाई के बाद अब लोगों पर प्याज की महंगाई की भी मार पड़ रही है। पिछले दस दिन में थोक व खुदरा बाजार में प्याज की कीमतों में दोगुनी बढ़ गईं हैं। ऐसे में लोगों की थाली का बजट बिगड़ रहा है। इसकी मार सिर्फ घरों में ही नहीं, रेस्टोरेंट व ढाबा संचालकों पर भी पड़ रही है। दस दिन पहले जहां प्याज की थोक कीमत 30 रुपये प्रति किलोग्राम थी, वहीं अब यह 40-45 रुपये तक पहुंच गया है। कारोबारियों का कहना है कि आवक कम होने के कारण कीमतें बढ़ी हैं।
जींद की नई सब्जी मंडी में प्याज का कारोबार करने वाले विकास ने बताया कि इस मौसम में अक्सर प्याज महंगा हो जाता है। इसका कारोबार पर जबरदस्त असर पड़ा है। थोक मार्केट में ही प्याज 30 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। प्याज कारोबारियों के अनुसार दस दिन पहले तक जींद की नई सब्जी मंडी में महाराष्ट्र से प्रतिदिन पांच से छह गाड़ियां आती थी। अब इनकी संख्या आधी भी नहीं रह गई है। पीछे से ही प्याज महंगा होने के कारण व्यापारी कम प्याज मंगवा रहे हैं। ऐसे में खुदरा बाजार में प्याज के ग्राहक काफी कम हुए हैं। विकास बताते हैं कि जो लोग पहले पांच किलो प्याज लेते थे, वे अब एक किलोग्राम ही ले रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही प्याज की कीमत नीचे जाएंगी।
कीमतें बढ़ने से फुटकर कारोबार पर भी असर
प्याज कारोबारी बताते हैं कि पहले फड़ पर रख कर प्याज बेचने वाले छोटे व्यापारी एक साथ आठ-दस बोरी प्याज खोलते थे, लेकिन अब यह दो-तीन बोरी पर ही आ गए हैं। लोगों को नुकसान का खतरा बढ़ रहा है। यदि प्याज की लागत नहीं होती है तो खराब होने का खतरा भी है। साथ ही रखने की भी समस्या है। इससे कमाई भी घट गई है। प्याज में अब मार्जिन नाम मात्र है।
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कीमतें बढ़ने से प्याज गायब
वहीं ढाबा संचालक सुबोध कुमार के अनुसार ढाबों पर प्याज की लागत सबसे अधिक होती है। हर सब्जी में प्याज डलता है और इसे छोड़ नहीं सकते। इसके अलावा लोग सलाद में भी प्याज मांगते है, लेकिन खाने की कीमतें नहीं बढ़ाई जा सकती। ऐसे में काम काफी मुश्किल हो गया है।
एक सप्ताह बाद मिलेगी राहत
मंडी में सब्जी बेचने वाले सुरेंद्र ने बताया कि प्याज महंगा है, लेकिन इससे जल्द राहत मिलेगी। अभी सिर्फ सूखे प्याज पर ही लोग निर्भर हैं। करीब एक सप्ताह में हरा प्याज आना शुरू हो जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। स्थानीय किसानों के प्याज भी आने शुरू हो जाएंगे।
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जींद की नई सब्जी मंडी में प्याज का कारोबार करने वाले विकास ने बताया कि इस मौसम में अक्सर प्याज महंगा हो जाता है। इसका कारोबार पर जबरदस्त असर पड़ा है। थोक मार्केट में ही प्याज 30 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। प्याज कारोबारियों के अनुसार दस दिन पहले तक जींद की नई सब्जी मंडी में महाराष्ट्र से प्रतिदिन पांच से छह गाड़ियां आती थी। अब इनकी संख्या आधी भी नहीं रह गई है। पीछे से ही प्याज महंगा होने के कारण व्यापारी कम प्याज मंगवा रहे हैं। ऐसे में खुदरा बाजार में प्याज के ग्राहक काफी कम हुए हैं। विकास बताते हैं कि जो लोग पहले पांच किलो प्याज लेते थे, वे अब एक किलोग्राम ही ले रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही प्याज की कीमत नीचे जाएंगी।
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कीमतें बढ़ने से फुटकर कारोबार पर भी असर
प्याज कारोबारी बताते हैं कि पहले फड़ पर रख कर प्याज बेचने वाले छोटे व्यापारी एक साथ आठ-दस बोरी प्याज खोलते थे, लेकिन अब यह दो-तीन बोरी पर ही आ गए हैं। लोगों को नुकसान का खतरा बढ़ रहा है। यदि प्याज की लागत नहीं होती है तो खराब होने का खतरा भी है। साथ ही रखने की भी समस्या है। इससे कमाई भी घट गई है। प्याज में अब मार्जिन नाम मात्र है।
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कीमतें बढ़ने से प्याज गायब
वहीं ढाबा संचालक सुबोध कुमार के अनुसार ढाबों पर प्याज की लागत सबसे अधिक होती है। हर सब्जी में प्याज डलता है और इसे छोड़ नहीं सकते। इसके अलावा लोग सलाद में भी प्याज मांगते है, लेकिन खाने की कीमतें नहीं बढ़ाई जा सकती। ऐसे में काम काफी मुश्किल हो गया है।
एक सप्ताह बाद मिलेगी राहत
मंडी में सब्जी बेचने वाले सुरेंद्र ने बताया कि प्याज महंगा है, लेकिन इससे जल्द राहत मिलेगी। अभी सिर्फ सूखे प्याज पर ही लोग निर्भर हैं। करीब एक सप्ताह में हरा प्याज आना शुरू हो जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। स्थानीय किसानों के प्याज भी आने शुरू हो जाएंगे।