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Jind News: खुद दिव्यांग लेकिन हौसला बड़ा, बहनों के लिए फ्री ऑटो सेवा दे रहा संदीप
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28जेएनडी14: दिव्यांग संदीप बस अड्डे से महिलाओं को ऑटों में बैठाकर निशुल्क गंतव्य तक लेकर जाते ह
जींद। रक्षाबंधन पर जहां भाई अपनी बहनों को उपहार देकर प्यार जताते हैं, वहीं शहर के इलेक्ट्रिक ऑटो चालक संदीप टांक ने इस बार भी सेवा को ही अपनी राखी का तोहफा बना दिया। दिव्यांग संदीप हर साल रक्षाबंधन के दिन बहनों के लिए इलेक्ट्रिक ऑटो की निशुल्क सेवा उपलब्ध करवाते हैं। उनका प्रयास रहता है कि त्योहार के दिन बहनों को घर पहुंचने के लिए किराये या वाहन की परेशानी न झेलनी पड़े।
संदीप टांक रक्षाबंधन के दिन बस स्टैंड और शहर के अन्य स्थानों पर जरूरतमंद बहनों को उनके घर तक पहुंचाया। संदीप की इस पहल का लाभ उठाने वाली एक महिला ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ जींद बस स्टैंड पहुंची थी। वहां संदीप ने उन्हें घर तक छोड़ा और किराया लेने से साफ इन्कार कर दिया। महिला ने कहा कि संदीप ने रक्षाबंधन पर भाई जैसा सम्मान देते हुए उन्हें निशुल्क यात्रा कराई।
संदीप का कहना है कि रक्षाबंधन केवल अपनी बहन के साथ त्योहार मनाने तक सीमित नहीं है। यह समाज की हर बहन के प्रति सम्मान, सुरक्षा और अपनापन दिखाने का अवसर भी है। यदि उनकी छोटी सी कोशिश से किसी बहन को सुरक्षित घर पहुंचने में मदद मिलती है और उसके चेहरे पर खुशी आती है तो इससे बड़ा त्योहार का उपहार उनके लिए कुछ नहीं हो सकता।
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संदीप टांक रक्षाबंधन के दिन बस स्टैंड और शहर के अन्य स्थानों पर जरूरतमंद बहनों को उनके घर तक पहुंचाया। संदीप की इस पहल का लाभ उठाने वाली एक महिला ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ जींद बस स्टैंड पहुंची थी। वहां संदीप ने उन्हें घर तक छोड़ा और किराया लेने से साफ इन्कार कर दिया। महिला ने कहा कि संदीप ने रक्षाबंधन पर भाई जैसा सम्मान देते हुए उन्हें निशुल्क यात्रा कराई।
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संदीप का कहना है कि रक्षाबंधन केवल अपनी बहन के साथ त्योहार मनाने तक सीमित नहीं है। यह समाज की हर बहन के प्रति सम्मान, सुरक्षा और अपनापन दिखाने का अवसर भी है। यदि उनकी छोटी सी कोशिश से किसी बहन को सुरक्षित घर पहुंचने में मदद मिलती है और उसके चेहरे पर खुशी आती है तो इससे बड़ा त्योहार का उपहार उनके लिए कुछ नहीं हो सकता।
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