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महिला आयोग शिकायतकर्ता महिला के घर द्वार के पास ही जिला मुख्यालय पर संयुक्त बैंच स्थापित कर करेगा मामलों की सुनवाई
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
घरेलू कलह और यौन शोषण से प्रताड़ित महिलाओं को अपने अधिकारों के संरक्षण और शिकायतों के समाधान के लिए चंडीगढ़ आयोग के कार्यालय में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आयोग ने महिलाओं की सुविधाओं के लिए संयुक्त बैंच प्रणाली शुरू की है। इसमें जिला मुख्यालयों पर भी महिलाओं के केसों की सुनवाई की व्यवस्था की गई है। यह जानकारी हरियाणा राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने अपने सफीदों दौरे के दौरान लोक निर्माण विश्राम गृह में महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए दी।
सुमन बेदी ने कहा कि संयुक्त बैंच में स्वयं महिला आयोग की चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन सदस्य शामिल होती हैं। संयुक्त बैंचों के माध्यम से अब तक सिरसा, करनाल, नूंह, रोहतक, गुरुग्राम, पानीपत, नारनौैल, फरीदाबाद तथा सोनीपत में सुनवाई की जा चुकी है। प्रत्येक जिले से लगभग 100 से अधिक शिकायतों की सुनवाई कर महिलाओं को उनके घर द्वार के पास ही सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। जून में जींद जिले में संयुक्त बैंच व्यवस्था के तहत महिलाओं के केसों की सुनवाई को सुनिश्चित किया जाएगा।
दो शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी गठित
दो शिकायतों की जांच के लिए महिला आयोग की सदस्य सफीदों आई थीं। इन मामलों में डीएसपी पवन कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया है। इसमें दो महिलाओं ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने उनके घर पर तोड़-फोड़ की व महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। एसआईटी द्वारा इस केस में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करने के उपरांत आयोग की सदस्य ने निर्देश दिए कि वह मामले की तह में जाकर दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलवाने के लिए प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि अपराधी किसी भी सूरत में बचने नहीं पाएं।
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जींद।
घरेलू कलह और यौन शोषण से प्रताड़ित महिलाओं को अपने अधिकारों के संरक्षण और शिकायतों के समाधान के लिए चंडीगढ़ आयोग के कार्यालय में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आयोग ने महिलाओं की सुविधाओं के लिए संयुक्त बैंच प्रणाली शुरू की है। इसमें जिला मुख्यालयों पर भी महिलाओं के केसों की सुनवाई की व्यवस्था की गई है। यह जानकारी हरियाणा राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने अपने सफीदों दौरे के दौरान लोक निर्माण विश्राम गृह में महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए दी।
सुमन बेदी ने कहा कि संयुक्त बैंच में स्वयं महिला आयोग की चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन सदस्य शामिल होती हैं। संयुक्त बैंचों के माध्यम से अब तक सिरसा, करनाल, नूंह, रोहतक, गुरुग्राम, पानीपत, नारनौैल, फरीदाबाद तथा सोनीपत में सुनवाई की जा चुकी है। प्रत्येक जिले से लगभग 100 से अधिक शिकायतों की सुनवाई कर महिलाओं को उनके घर द्वार के पास ही सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। जून में जींद जिले में संयुक्त बैंच व्यवस्था के तहत महिलाओं के केसों की सुनवाई को सुनिश्चित किया जाएगा।
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दो शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी गठित
दो शिकायतों की जांच के लिए महिला आयोग की सदस्य सफीदों आई थीं। इन मामलों में डीएसपी पवन कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया है। इसमें दो महिलाओं ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने उनके घर पर तोड़-फोड़ की व महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। एसआईटी द्वारा इस केस में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करने के उपरांत आयोग की सदस्य ने निर्देश दिए कि वह मामले की तह में जाकर दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलवाने के लिए प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि अपराधी किसी भी सूरत में बचने नहीं पाएं।
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