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एमआईई की सड़कें बदहाल, उद्यमी व श्रमिक परेशान
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एमआईई की सड़कें बदहाल, उद्यमी व श्रमिक परेशान
सड़कों पर फैले कीचड़ से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का करना पड़ रहा सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के भाग-ए और बी में उद्यमियों की ओर से बार-जार जनसुविधाएं बढ़ाने जाने की मांग गई। यहां सड़कों की हालत बद से बदतर है। जगह-जगह सीवर लाइन ठप होने के कारण गंदा पानी सड़कों के पर भरा रहता है। बारिश होते ही हालत और खराब हो जाती है।इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ुता है।
एमआइई में कई सड़कों से पैदल आना-जाना खतरे से खाली नहीं है। राहगीरों को गिरकर चोटिल होने का अंदेशा रहता है। फैक्ट्रियों में कच्चे व तैयार माल की सप्लाई के लिए आने वाले वाहन गहरे गड्ढों में फंस जाते हैं। इससे वाहन भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में यहां अप्रोच सड़कों की खस्ताहालत से उद्यमी, श्रमिक व वाहन चालक सब परेशान नजर आते हैं। बता दें कि कुछ रोज पहले उद्यमियों के प्रतिनिधि मंडल ने भी यहां चल रहे विकास कार्य समय पर नहीं होने व विभिन्न समस्याओं से परेशान होकर निदान की मांग को लेकर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से भी मिले थे। समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की थी।
सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण बारिश और बिना बारिश के मौसम में भी जलभराव रहता है। जिससे यहां से निकलने वाले पैदल राहगीरों के अलावा यहां से माल ढुलाई वाले वाहनों के निकलने के समय भी कई तरह की परेशानियां चालकों को होती है। यहां काम करने वाले मोहन, कुलविंद्र, सुरेंद्र, कृष्ण समेत वाहन चालक मनिंद्र, रोहतास आदि ने कहा कि एमआईई में जनसुविधाओं की कमी खल रही है। टेंपो चालकों सतीश व रवींद्र सिंह ने कहा कि यहां से वाहन निकालते समय गाड़ी में नुकसान होने का अंदेशा रहता है। कई बार गहरे गड्ढों में से निकलते समय वाहन बीच में ही फंस जाते हैं और उनकी कमानी व बैरिंग तक टूट जाती है या फिर अन्य नुकसान होते हैं। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद तो यहां की स्थिति बदतर हो गई है। पहले से ही गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था फेल होने व सीवरेज व्यवस्था बाधित रहने के कारण गंदा पानी सड़क के बीचोबीच भर रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी रात के वक्त होती है। जब यहां अंधेरा छा जाता है।
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सड़कों पर फैले कीचड़ से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का करना पड़ रहा सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के भाग-ए और बी में उद्यमियों की ओर से बार-जार जनसुविधाएं बढ़ाने जाने की मांग गई। यहां सड़कों की हालत बद से बदतर है। जगह-जगह सीवर लाइन ठप होने के कारण गंदा पानी सड़कों के पर भरा रहता है। बारिश होते ही हालत और खराब हो जाती है।इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ुता है।
एमआइई में कई सड़कों से पैदल आना-जाना खतरे से खाली नहीं है। राहगीरों को गिरकर चोटिल होने का अंदेशा रहता है। फैक्ट्रियों में कच्चे व तैयार माल की सप्लाई के लिए आने वाले वाहन गहरे गड्ढों में फंस जाते हैं। इससे वाहन भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में यहां अप्रोच सड़कों की खस्ताहालत से उद्यमी, श्रमिक व वाहन चालक सब परेशान नजर आते हैं। बता दें कि कुछ रोज पहले उद्यमियों के प्रतिनिधि मंडल ने भी यहां चल रहे विकास कार्य समय पर नहीं होने व विभिन्न समस्याओं से परेशान होकर निदान की मांग को लेकर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से भी मिले थे। समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की थी।
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सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण बारिश और बिना बारिश के मौसम में भी जलभराव रहता है। जिससे यहां से निकलने वाले पैदल राहगीरों के अलावा यहां से माल ढुलाई वाले वाहनों के निकलने के समय भी कई तरह की परेशानियां चालकों को होती है। यहां काम करने वाले मोहन, कुलविंद्र, सुरेंद्र, कृष्ण समेत वाहन चालक मनिंद्र, रोहतास आदि ने कहा कि एमआईई में जनसुविधाओं की कमी खल रही है। टेंपो चालकों सतीश व रवींद्र सिंह ने कहा कि यहां से वाहन निकालते समय गाड़ी में नुकसान होने का अंदेशा रहता है। कई बार गहरे गड्ढों में से निकलते समय वाहन बीच में ही फंस जाते हैं और उनकी कमानी व बैरिंग तक टूट जाती है या फिर अन्य नुकसान होते हैं। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद तो यहां की स्थिति बदतर हो गई है। पहले से ही गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था फेल होने व सीवरेज व्यवस्था बाधित रहने के कारण गंदा पानी सड़क के बीचोबीच भर रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी रात के वक्त होती है। जब यहां अंधेरा छा जाता है।
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