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Jhajjar-Bahadurgarh News: 4 साल से धोखाधड़ी से दोहरी ले रहा था पेंशन व्यक्ति, दो पर केस दर्ज
Sun, 22 Jun 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 22 Jun 2025 01:20 AM IST
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बहादुरगढ़। खरहर गांव के एक व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी से 4 साल तक दोहरी पेंशन लेने का मामला सामने आया है। पांच साल पहले महिला के पेंशन आवेदन फार्म में हेराफेरी कर सीएससी संचालक की साजिश से उसका परिचित 4 साल तक पेंशन लेता रहा और पात्र महिला इंतजार करती रही।
ग्रीवेंस कमेटी तथा कैबिनेट मंत्री के पास शिकायत पहुंची तो जांच हुई। इसके बाद सच्चाई सामने आई। जिला समाज कल्याण अधिकारी की शिकायत पर सीएससी संचालक व पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
दरअसल, 12 मई 2020 को मातन निवासी प्रेम ने ई-दिशा की वेबसाइट पर वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद विभाग की ओर से पेंशन स्वीकृत कर दी गई। प्रेम देवी इंतजार करती रही, लेकिन उसे पेंशन प्राप्त नहीं हुई। चार साल तक वह कार्यालय के चक्कर लगाती रही।
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उसने 6 नवंबर 2024 को सीएम विंडो में शिकायत दी। फिर 23 जनवरी 2025 को ग्रीवेंस कमेटी के सामने शिकायत दी। इस पर जांच शुरू हुई तो सामने आया कि प्रेम के पेंशन आवेदन में सीएससी संचालक ने खुद का मोबाइल नंबर और खरहर के रणबीर सिंह का बैंक खाता दर्ज कर दिया।
खाता गलत होने के कारण जून 2020 से अक्टूबर 2024 तक की पेंशन रणबीर के खाते में चली गई। महिला प्रेम की शिकायत पर उस दौरान खाता अपडेट कर दिया गया था। वर्ष 2024 तक रणबीर अपनी व प्रेम की यानी दोहरी पेंशन लेता रहा।
यह रकम ब्याज सहित कुल एक लाख 68 हजार 57 रुपये बनती है। कार्यालय ने रणबीर को प्रेम की पेंशन वापस जमा कराने के लिए 12 नवंबर 2024, एक दिसंबर 2024, 21 जनवरी 2025 तथा 3 फरवरी 2025 को नोटिस जारी किए। उसने ऐसा नहीं किया। फिर 16 अप्रैल 2025 को कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने जांच के आदेश दिए।
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ग्रीवेंस कमेटी तथा कैबिनेट मंत्री के पास शिकायत पहुंची तो जांच हुई। इसके बाद सच्चाई सामने आई। जिला समाज कल्याण अधिकारी की शिकायत पर सीएससी संचालक व पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
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दरअसल, 12 मई 2020 को मातन निवासी प्रेम ने ई-दिशा की वेबसाइट पर वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद विभाग की ओर से पेंशन स्वीकृत कर दी गई। प्रेम देवी इंतजार करती रही, लेकिन उसे पेंशन प्राप्त नहीं हुई। चार साल तक वह कार्यालय के चक्कर लगाती रही।
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उसने 6 नवंबर 2024 को सीएम विंडो में शिकायत दी। फिर 23 जनवरी 2025 को ग्रीवेंस कमेटी के सामने शिकायत दी। इस पर जांच शुरू हुई तो सामने आया कि प्रेम के पेंशन आवेदन में सीएससी संचालक ने खुद का मोबाइल नंबर और खरहर के रणबीर सिंह का बैंक खाता दर्ज कर दिया।
खाता गलत होने के कारण जून 2020 से अक्टूबर 2024 तक की पेंशन रणबीर के खाते में चली गई। महिला प्रेम की शिकायत पर उस दौरान खाता अपडेट कर दिया गया था। वर्ष 2024 तक रणबीर अपनी व प्रेम की यानी दोहरी पेंशन लेता रहा।
यह रकम ब्याज सहित कुल एक लाख 68 हजार 57 रुपये बनती है। कार्यालय ने रणबीर को प्रेम की पेंशन वापस जमा कराने के लिए 12 नवंबर 2024, एक दिसंबर 2024, 21 जनवरी 2025 तथा 3 फरवरी 2025 को नोटिस जारी किए। उसने ऐसा नहीं किया। फिर 16 अप्रैल 2025 को कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने जांच के आदेश दिए।