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स्टाफ नर्स द्वारा डिलीवरी की एवेज में दस हजार की रिश्वत मामला गरमाया

Fri, 29 Sep 2017 12:32 AM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:32 AM IST
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स्टाफ नर्स द्वारा डिलीवरी की एवेज में दस हजार की रिश्वत मामला गरमाया
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
गर्भवती महिलाओं के लिए सारी सुविधाएं देने का दावा भले ही स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किया जा रहा है लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं भी घट रही हैं, जो इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स द्वारा डिलीवरी के नाम पर रिश्वत लेने की शिकायत सामने आई है। जमालपुर सीएचसी की एक स्टाफ नर्स पर वीरवार को रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। गांव तिरपड़ी के एक व्यक्ति ने डिप्टी सीएमओ को लिखित में शिकायत दी है और स्टाफ नर्स पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
सीएम विंडो पर दर्ज करवाई शिकायत में झज्जर के जमालपुर गांव की सीएचसी में एक व्यक्ति ने स्टाफ नर्स पर डिलीवरी करवाने के एवज में 10 हजार रुपये लेने का आरोप जड़ा है। पीड़ित परिवार द्वारा इस बारे में डिप्टी सीएमओ को भी शिकायत दी गई है। इस संदर्भ में शिकायतकर्ता ने एक ऑडियो क्लिप भी दी है। फरूखनगर के गांव तिरपड़ी निवासी अमित ने बताया कि वह अपने भाई की पत्नी को डिलीवरी के लिए 26 सितंबर को सीएचसी जमालपुर लेकर गया था। वहां तैनात स्टाफ नर्स ने डिलीवरी के बाद उनसे दवाओं के नाम पर 10 हजार रुपये लेने की बात कही। पीड़ित परिवार ने बताया कि नर्स ने 7500 रुपये दवाओं के और 2100 रुपये लड़के को जन्म देने की बधाई के लिए ले लिए तथा 500 रुपये सफाई के नाम पर लिए गए। शिकायतकर्ता ने नर्स से कहा कि डिलीवरी के लिए तो सरकार दवाईयां तथा अन्य सामान निशुल्क उपलब्ध कराती है। लेकिन स्टाफ नर्स खर्चा लेने पर अड़ी रही और 10 हजार रुपये लेकर ही पीछा छोड़ा।
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ये सुविधाएं उपलब्ध करवाता है विभाग
गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में डॉ. टीएस बागड़ी ने बताया की गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी समय में घर से लाने के लिए मुफ्त एंबुलेंस की सुविधा दी जाती है। गर्भवती महिलाओं के सभी टेस्ट और सभी दवाईयां मुफ्त दी जाते हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए विभाग द्वारा डाइट भी मुफ्त होती है, यहां तक कि सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी तक जीरो प्रतिशत खर्चा होता है।
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वर्जन
सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ ने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि इस बारे में डिप्टी सीएमओ के पास शिकायत आई है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बधाई के नाम पर रुपये लेने की सख्त मनाही है। डिलीवरी में आने वाली दवाईयां व साफ सफाई सब विभाग की तरफ से फ्री होता है। इसके बाद भी यदि ऐसा हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। मामले में जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

- जमालपुर सीएचसी का है मामला, होगी विभागीय जांच
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