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युवकों को पशुओं के साथ क्रूरता रोकनी पड़ी महंगी, केस दर्ज
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पशुओं के साथ क्रूरता रोकने की कोशिश कई युवकों को भारी पड़ गई। पुलिस ने उक्त युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। युवकों पर चालकों के साथ मारपीट करने एवं वाहनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम हरियाणा के महम क्षेत्र से कटड़ों से भरी पांच गाड़ियां दिल्ली की गाजीपुर मंडी के लिए रवाना हुई थी। बहादुरगढ़ के रास्ते झाड़ौदा बार्डर क्रास करके जब ये वाहन नाले के रास्ते टीकरी गांव की ओर जा रहे थे तो कुछ युवकों ने शक के आधार पर वाहनों को रुकवा लिया। युवकों ने गाड़ियों की जांच की तो उनमें करीब डेढ़-डेढ़ दर्जन कटड़े भरे हुए थे।
मवेशियों की हालत देखकर ग्रामीण क्षेत्र के उक्त युवकों में रोष पनप गया और युवकों ने पिकअप गाड़ियों के डाले खोलकर पशुओं को मुक्त कराने का प्रयास किया। इस पर वाहनों में मौजूद चालक, परिचालकों के साथ युवकों का विवाद हो गया। युवकों ने पशुओं को निर्ममतापूर्वक ले जा रहे उक्त चालकों की जोरदार धुनाई कर दी। इसके बाद तमाम चालक फरार हो गए और गाड़ियों से मुक्त होकर कटड़े एवं भैंसे खेतों की ओर भाग गए। वहीं, मामले में हरिदास नगर थाना पुलिस ने पशुओं को ठूंस-ठूंस कर ले जा रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय दिल्ली के किराड़ी निवासी शौकीन के बयान पर पशुओं को मुक्त कराने वाले युवाओं पर ही केस दर्ज किया है।
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शौकीन का कहना है कि वे कटड़ों को गाजीपर मंडी में बेचने के लिए लेकर जा रहे थे। यहां नाले के रास्ते गीतांजली कालोनी के पास कुछ युवकों ने उनके साथ आकर मारपीट शुरू कर दी। जिससे वह, उसका भाई दिलशाद व ममेरा भाई सैफ अली घायल हो गए। उन्हें दिल्ली के राव तुलाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस कार्यवाही की निंदा
इधर, इलाके के पशु प्रेमियों एवं गोरक्षा में सक्रिय लोगों ने इस घटना की निंदा की है। नवीन दलाल, नवीन और राजू ने कहा कि तस्करी हो या खरीद फरोख्त, राजस्थान एवं हरियाणा से भरी हुई पशुओं की ज्यादातर गाड़ियां बहादुरगढ़ के रास्ते ही दिल्ली एवं यूपी की ओर जाती हैं। अक्सर इस तरह के वाहन पकड़े जाते हैं। जिनमें पशुओं को ठूंस ठूंस कर भरा जाता है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को इन लोगों का साथ देना चाहिए। मगर इसके विपरीत पशुओं को बचाने वाले युवकों पर ही केस दर्ज करना निंदनीय है।
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बहादुरगढ़।
पशुओं के साथ क्रूरता रोकने की कोशिश कई युवकों को भारी पड़ गई। पुलिस ने उक्त युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। युवकों पर चालकों के साथ मारपीट करने एवं वाहनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम हरियाणा के महम क्षेत्र से कटड़ों से भरी पांच गाड़ियां दिल्ली की गाजीपुर मंडी के लिए रवाना हुई थी। बहादुरगढ़ के रास्ते झाड़ौदा बार्डर क्रास करके जब ये वाहन नाले के रास्ते टीकरी गांव की ओर जा रहे थे तो कुछ युवकों ने शक के आधार पर वाहनों को रुकवा लिया। युवकों ने गाड़ियों की जांच की तो उनमें करीब डेढ़-डेढ़ दर्जन कटड़े भरे हुए थे।
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मवेशियों की हालत देखकर ग्रामीण क्षेत्र के उक्त युवकों में रोष पनप गया और युवकों ने पिकअप गाड़ियों के डाले खोलकर पशुओं को मुक्त कराने का प्रयास किया। इस पर वाहनों में मौजूद चालक, परिचालकों के साथ युवकों का विवाद हो गया। युवकों ने पशुओं को निर्ममतापूर्वक ले जा रहे उक्त चालकों की जोरदार धुनाई कर दी। इसके बाद तमाम चालक फरार हो गए और गाड़ियों से मुक्त होकर कटड़े एवं भैंसे खेतों की ओर भाग गए। वहीं, मामले में हरिदास नगर थाना पुलिस ने पशुओं को ठूंस-ठूंस कर ले जा रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय दिल्ली के किराड़ी निवासी शौकीन के बयान पर पशुओं को मुक्त कराने वाले युवाओं पर ही केस दर्ज किया है।
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शौकीन का कहना है कि वे कटड़ों को गाजीपर मंडी में बेचने के लिए लेकर जा रहे थे। यहां नाले के रास्ते गीतांजली कालोनी के पास कुछ युवकों ने उनके साथ आकर मारपीट शुरू कर दी। जिससे वह, उसका भाई दिलशाद व ममेरा भाई सैफ अली घायल हो गए। उन्हें दिल्ली के राव तुलाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस कार्यवाही की निंदा
इधर, इलाके के पशु प्रेमियों एवं गोरक्षा में सक्रिय लोगों ने इस घटना की निंदा की है। नवीन दलाल, नवीन और राजू ने कहा कि तस्करी हो या खरीद फरोख्त, राजस्थान एवं हरियाणा से भरी हुई पशुओं की ज्यादातर गाड़ियां बहादुरगढ़ के रास्ते ही दिल्ली एवं यूपी की ओर जाती हैं। अक्सर इस तरह के वाहन पकड़े जाते हैं। जिनमें पशुओं को ठूंस ठूंस कर भरा जाता है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को इन लोगों का साथ देना चाहिए। मगर इसके विपरीत पशुओं को बचाने वाले युवकों पर ही केस दर्ज करना निंदनीय है।