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अंडरपास पर पंचायत, रेलवे ट्रैक जाम की चेतावनी
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:35 AM IST
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अंडरपास पर पंचायत, रेलवे ट्रैक जाम की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
गांधी नगर कालोनी में रविवार को सामाजिक, धार्मिक, स्थानीय निवासियों और पार्षदों की मौजूदगी में हुई पंचायत में सीसीआई फाटक पर अंडर पास बनाने की मांग नहीं मानने पर रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी दी गई है। इसके लिए सरकार और रेलवे प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। मांग नहीं मानने पर सोमवार को सीएम के नाम ट्रेन रोकने संबंधी ज्ञापन डीसी को सौंपने का निर्णय लिया है। सीसीआई फाटक पर गांधीनगर कालोनी वासियों ने अब आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। इससे पहल कालोनी के लोग गत शनिवार को इनेलो विधायक राजदीप फौगाट के साथ स्टेशन अधीक्षक से भी मिले थे। उन्होंने अंडरपास बनवाए जाने की मांग रखी थी।
रेलवे स्टेशन के समीप सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री के साथ गांधीनगर कॉलोनी लगती है। इस कालोनी की आबादी करीब सात हजार से अधिक है। रेलवे स्टेशन के साथ सीसीआई फाटक बनी हुई थी। करीब तीन साल पहले इस फाटक को रेलवे प्रशासन ने बंद कर दिया था। फाटक बंद होने पर गांधी नगर कालोनी के लोगों ने रोष जताया था। बाद में रेल प्रशासन की तरफ से यहां फाटक बनाए जाने से इनकार करने पर कालोनी निवासियों की तरफ से यहां अंडरपास बनवाए जाने की मांग उठने लगी। इसे लेकर लोग कई बार कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ से भी मिले हैं।
जब भाजपा सरकार बनी तो लोगों ने कृषि मंत्री के समक्ष अंडरपास बनवाए जाने की मांग रखी थी। इसके कुछ समय बाद ही यह अंडरपास मंजूर होने पर लोगों ने मिठाइयां भी बांटी थी। बाद में यह मसला खटाई में पड़ गया और आज तक यह सिरे नहीं चढ़ सका है। गांधी नगर कालोनी निवासी लगातार अंडरपास बनवाए जाने की मांग करते आ रहे हैं। इनका कहना है कि उन्हें शहर में प्रवेश करने के लिए डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में स्कूली बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी होती है। उन्हें ढाणी रेलवे फाटक से होकर शहर में जाना पड़ता है। इसे लेकर रविवार को गांधी नगर कालोनी में कालोनीवासियों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में शहर के अधिकतर पार्षदों के अलावा, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।
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1... पंचायत में इनेलो विधायक राजदीप सिंह का कहना है कि उन्होंने इस फाटक पर अंडरपास बनवाए जाने को लेकर विधानसभा में प्रश्न लगाया था। इस प्रश्न का जवाब नेगेटिव मिला है। विस सत्र में जवाब में कहा गया कि इस जगह पर अंडरपास नहीं बन सकता। विधायक ने कहा कि अब उनकी आखिरी लड़ाई शुरू हो गई है। विधायक ने कहा कि इसके लिए वे अकेले लड़ाई नहीं लड़ सकतेे बल्कि पूरे गांधीनगर वासियों के सहयोग की जरूरत है। विधायक ने कहा कि अंडरपास बनने से आसपास के दुकानदारों को कोई नहीं नुकसान नहीं होने वाला है। विधायक ने कहा कि जब स्कूलों की छुट्टी होती है तो हर बच्चे की मां का कलेजा धड़कने लगता है। विधायक ने पंचायत में कहा कि सरकार और रेलवे प्रशासन को सात दिन का समय दिया जाता है। पांच नवंबर तक कोई जवाब नहीं मिला तो कालोनी निवासियों को साथ लेकर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया जाएगा।
पंचायत में गांधी नगर कालोनी के पार्षद महेश गुप्ता का कहना है कि पांच नवंबर रविवार को कालोनी के लोग फिर एकत्र होंगे। इस दौरान महिलाओं और बच्चों की उपस्थिति ज्यादा रहेगी। पांच नवंबर तक अंडरपास की मांग नहीं मानी तो महिलाओं व बच्चों को साथ लेकर आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। महेश गुप्ता का कहना है कि रेलवे की तरफ से इस अंडरपास की मंजूरी 2013 में दे दी गई थी। इस आशय का पत्र भी है। पत्र में कहा गया था कि अगर हरियाणा सरकार इसके निर्माण के लिए 3.25 करोड़ रुपये खर्च कर देती है तो रेलवे प्रशासन अंडरपास बनवाने को तैयार है।
पार्षद रविंद्र गुप्ता ने कहा कि अंडरपास का निर्माण सौहार्दपूर्ण एवं सद्भावना के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंडरपास निर्माण की मांग पिछले सीएम के दादरी दौरे के दौरान उनके समक्ष भी रखी गई थी। सीएम के निर्देश पर रात के समय ही मौके का मुआयना भी किया गया था। इसके बाद डीसी ने भी निर्माण का आश्वासन दिया था।
समाजसेवी बलराम गुप्ता ने कहा कि उनकी कालोनी को पाकिस्तान समझा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर 2013 को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी एक पत्र में इस फाटक पर अंडरपास की मंजूरी मिल चुकी है लेकिन बाद में यह मसला खटाई में पड़ गया। पंचायत में सामाजिक संगठन से जुड़े भूपेंद्र कौशिक, गोविंद ने भी विचार रखे। कालोनी के पार्षद महेश गुप्ता ने बताया कि पंचायत ने सर्व सहमति से निर्णय लिया है कि अगर पांच नवंबर तक अंडरपास निर्माण की मंजूरी नहीं मिलती है तो कालोनी केे लोग ट्रेनें रोके जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने बताया कि इससे सोमवार को सीएम और रेलवे के जीएम के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर विधायक राजदीप सिंह के अलावा वरिष्ठ पार्षद रविंद्र गुप्ता, वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद आनंद महराणा, पार्षद मनोज वर्मा, पूर्व पार्षद वीरेंद्र चरखी, पार्षद रोहित, बलराम गुप्ता, गोविंद सिंह, रामगोपाल, पार्षद दिनेश जांगड़ा, पार्षद कुलदीप गांधी, एडवोकेट विक्रम श्योराण, भूपेंद्र कौशिक के अलावा कालोनी के सैकड़ों लोग मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
गांधी नगर कालोनी में रविवार को सामाजिक, धार्मिक, स्थानीय निवासियों और पार्षदों की मौजूदगी में हुई पंचायत में सीसीआई फाटक पर अंडर पास बनाने की मांग नहीं मानने पर रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी दी गई है। इसके लिए सरकार और रेलवे प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। मांग नहीं मानने पर सोमवार को सीएम के नाम ट्रेन रोकने संबंधी ज्ञापन डीसी को सौंपने का निर्णय लिया है। सीसीआई फाटक पर गांधीनगर कालोनी वासियों ने अब आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। इससे पहल कालोनी के लोग गत शनिवार को इनेलो विधायक राजदीप फौगाट के साथ स्टेशन अधीक्षक से भी मिले थे। उन्होंने अंडरपास बनवाए जाने की मांग रखी थी।
रेलवे स्टेशन के समीप सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री के साथ गांधीनगर कॉलोनी लगती है। इस कालोनी की आबादी करीब सात हजार से अधिक है। रेलवे स्टेशन के साथ सीसीआई फाटक बनी हुई थी। करीब तीन साल पहले इस फाटक को रेलवे प्रशासन ने बंद कर दिया था। फाटक बंद होने पर गांधी नगर कालोनी के लोगों ने रोष जताया था। बाद में रेल प्रशासन की तरफ से यहां फाटक बनाए जाने से इनकार करने पर कालोनी निवासियों की तरफ से यहां अंडरपास बनवाए जाने की मांग उठने लगी। इसे लेकर लोग कई बार कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ से भी मिले हैं।
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जब भाजपा सरकार बनी तो लोगों ने कृषि मंत्री के समक्ष अंडरपास बनवाए जाने की मांग रखी थी। इसके कुछ समय बाद ही यह अंडरपास मंजूर होने पर लोगों ने मिठाइयां भी बांटी थी। बाद में यह मसला खटाई में पड़ गया और आज तक यह सिरे नहीं चढ़ सका है। गांधी नगर कालोनी निवासी लगातार अंडरपास बनवाए जाने की मांग करते आ रहे हैं। इनका कहना है कि उन्हें शहर में प्रवेश करने के लिए डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में स्कूली बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी होती है। उन्हें ढाणी रेलवे फाटक से होकर शहर में जाना पड़ता है। इसे लेकर रविवार को गांधी नगर कालोनी में कालोनीवासियों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में शहर के अधिकतर पार्षदों के अलावा, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।
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1... पंचायत में इनेलो विधायक राजदीप सिंह का कहना है कि उन्होंने इस फाटक पर अंडरपास बनवाए जाने को लेकर विधानसभा में प्रश्न लगाया था। इस प्रश्न का जवाब नेगेटिव मिला है। विस सत्र में जवाब में कहा गया कि इस जगह पर अंडरपास नहीं बन सकता। विधायक ने कहा कि अब उनकी आखिरी लड़ाई शुरू हो गई है। विधायक ने कहा कि इसके लिए वे अकेले लड़ाई नहीं लड़ सकतेे बल्कि पूरे गांधीनगर वासियों के सहयोग की जरूरत है। विधायक ने कहा कि अंडरपास बनने से आसपास के दुकानदारों को कोई नहीं नुकसान नहीं होने वाला है। विधायक ने कहा कि जब स्कूलों की छुट्टी होती है तो हर बच्चे की मां का कलेजा धड़कने लगता है। विधायक ने पंचायत में कहा कि सरकार और रेलवे प्रशासन को सात दिन का समय दिया जाता है। पांच नवंबर तक कोई जवाब नहीं मिला तो कालोनी निवासियों को साथ लेकर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया जाएगा।
पंचायत में गांधी नगर कालोनी के पार्षद महेश गुप्ता का कहना है कि पांच नवंबर रविवार को कालोनी के लोग फिर एकत्र होंगे। इस दौरान महिलाओं और बच्चों की उपस्थिति ज्यादा रहेगी। पांच नवंबर तक अंडरपास की मांग नहीं मानी तो महिलाओं व बच्चों को साथ लेकर आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। महेश गुप्ता का कहना है कि रेलवे की तरफ से इस अंडरपास की मंजूरी 2013 में दे दी गई थी। इस आशय का पत्र भी है। पत्र में कहा गया था कि अगर हरियाणा सरकार इसके निर्माण के लिए 3.25 करोड़ रुपये खर्च कर देती है तो रेलवे प्रशासन अंडरपास बनवाने को तैयार है।
पार्षद रविंद्र गुप्ता ने कहा कि अंडरपास का निर्माण सौहार्दपूर्ण एवं सद्भावना के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंडरपास निर्माण की मांग पिछले सीएम के दादरी दौरे के दौरान उनके समक्ष भी रखी गई थी। सीएम के निर्देश पर रात के समय ही मौके का मुआयना भी किया गया था। इसके बाद डीसी ने भी निर्माण का आश्वासन दिया था।
समाजसेवी बलराम गुप्ता ने कहा कि उनकी कालोनी को पाकिस्तान समझा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर 2013 को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी एक पत्र में इस फाटक पर अंडरपास की मंजूरी मिल चुकी है लेकिन बाद में यह मसला खटाई में पड़ गया। पंचायत में सामाजिक संगठन से जुड़े भूपेंद्र कौशिक, गोविंद ने भी विचार रखे। कालोनी के पार्षद महेश गुप्ता ने बताया कि पंचायत ने सर्व सहमति से निर्णय लिया है कि अगर पांच नवंबर तक अंडरपास निर्माण की मंजूरी नहीं मिलती है तो कालोनी केे लोग ट्रेनें रोके जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने बताया कि इससे सोमवार को सीएम और रेलवे के जीएम के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर विधायक राजदीप सिंह के अलावा वरिष्ठ पार्षद रविंद्र गुप्ता, वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद आनंद महराणा, पार्षद मनोज वर्मा, पूर्व पार्षद वीरेंद्र चरखी, पार्षद रोहित, बलराम गुप्ता, गोविंद सिंह, रामगोपाल, पार्षद दिनेश जांगड़ा, पार्षद कुलदीप गांधी, एडवोकेट विक्रम श्योराण, भूपेंद्र कौशिक के अलावा कालोनी के सैकड़ों लोग मौजूद थे।